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कानून वापिस होने का लाभ मंडियों को होगा
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कानून वापिस होने का लाभ मंडियों को होगा
मुजफ्फरनगर। गुड़ मंडी व्यापारी नेताओं को कहना है कि तीन कृषि कानून वापिस होने से मंडी बच जाएगी। नये कानूनों का सबसे बड़ा नुकसान मंडियों को था।
गुड़ मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि तीन कृषि कानूनों से किसानों से ज्यादा नुकसान मंडी व्यापारियों का था। मंडी से बाहर माल बेचने को टैक्स मुक्त कर दिया गया था। आने वाले समय बंडी कंपनियों के आने से मंडी पूरी तरह खत्म हो जाती।
एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है कि मंडी से बाहर माल बेचने को मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया है। संसद में कानून के वापिस होने के बाद प्रदेश सरकार को अब दोबारा नोटिफिकेशन जारी करना होगा। मंडी के बाहर मंडी शुल्क की व्यवस्था फिर से लागू हो जाएगी।
वरिष्ठ मंडी व्यापारी अरूण खंडेलवाल का कहना है कि तीन कृषि कानून शुरू से ही आढ़तियों के पक्ष में नहीं थे। मंडी से बाहर टैक्स खत्म कर दिया गया था, जिससे मंडियों को सीधा नुकसान हो रहा था।
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मुजफ्फरनगर। गुड़ मंडी व्यापारी नेताओं को कहना है कि तीन कृषि कानून वापिस होने से मंडी बच जाएगी। नये कानूनों का सबसे बड़ा नुकसान मंडियों को था।
गुड़ मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि तीन कृषि कानूनों से किसानों से ज्यादा नुकसान मंडी व्यापारियों का था। मंडी से बाहर माल बेचने को टैक्स मुक्त कर दिया गया था। आने वाले समय बंडी कंपनियों के आने से मंडी पूरी तरह खत्म हो जाती।
एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है कि मंडी से बाहर माल बेचने को मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया है। संसद में कानून के वापिस होने के बाद प्रदेश सरकार को अब दोबारा नोटिफिकेशन जारी करना होगा। मंडी के बाहर मंडी शुल्क की व्यवस्था फिर से लागू हो जाएगी।
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वरिष्ठ मंडी व्यापारी अरूण खंडेलवाल का कहना है कि तीन कृषि कानून शुरू से ही आढ़तियों के पक्ष में नहीं थे। मंडी से बाहर टैक्स खत्म कर दिया गया था, जिससे मंडियों को सीधा नुकसान हो रहा था।
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