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Muzaffarnagar News: बागपत के लिए भी ... मुजफ्फरनगर - जमीन के लिए खून बहाने वाले दो दोषियों को उम्र कैद
Thu, 28 Mar 2024 03:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 28 Mar 2024 03:45 AM IST
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- 36 बीघा जमीन के लिए सदरुद्दीन नगर गांव में अंजाम दी गई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र में 36 बीघा जमीन के लिए रिश्ते के ससुर की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-5 के पीठासीन अधिकारी शाकिर हसन ने फैसला सुनाया।
एडीजीसी अमित त्यागी और राजेश शर्मा ने बताया कि शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के बनत निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगा भौराकलां थाना क्षेत्र के सदरुद्दीन नगर गांव में अपनी बुआ के घर रहता था। नौ फरवरी 2015 को बुग्गी से खेत में जाते हुए बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। वादी कटार सिंह ने अपने दामाद बागपत के हेवा गांव निवासी लोकेंद्र और मंसूरपुर के नरा जड़ौदा निवासी नीशू समेत तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद लोकेंद्र और नीशू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-5 में हुई। अदालत में दोनों पर दोष सिद्ध हुआ। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
यह था मामला
भौराकलां क्षेत्र के सदरुद्दीननगर निवासी वादी कटार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके कोई बेटा नहीं था और तीनों बेटियों की शादी कर दी थी। बनत निवासी उसके मामा का लड़का जोगेंद्र उर्फ जोगा करीब तीस साल से उसके पास रहकर खेती में सहयोग करता था। अपने हिस्से की 36 बीघा जमीन उसने छोटे भाई के बेटों के नाम कर दी थी। उसके दामाद जमीन वापस लेने का दबाव बना रहे थे। उन्हें लगता था कि जोगेंद्र ने ही जमीन नाम कराई है, इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र में 36 बीघा जमीन के लिए रिश्ते के ससुर की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-5 के पीठासीन अधिकारी शाकिर हसन ने फैसला सुनाया।
एडीजीसी अमित त्यागी और राजेश शर्मा ने बताया कि शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के बनत निवासी जोगेंद्र उर्फ जोगा भौराकलां थाना क्षेत्र के सदरुद्दीन नगर गांव में अपनी बुआ के घर रहता था। नौ फरवरी 2015 को बुग्गी से खेत में जाते हुए बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। वादी कटार सिंह ने अपने दामाद बागपत के हेवा गांव निवासी लोकेंद्र और मंसूरपुर के नरा जड़ौदा निवासी नीशू समेत तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद लोकेंद्र और नीशू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-5 में हुई। अदालत में दोनों पर दोष सिद्ध हुआ। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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यह था मामला
भौराकलां क्षेत्र के सदरुद्दीननगर निवासी वादी कटार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके कोई बेटा नहीं था और तीनों बेटियों की शादी कर दी थी। बनत निवासी उसके मामा का लड़का जोगेंद्र उर्फ जोगा करीब तीस साल से उसके पास रहकर खेती में सहयोग करता था। अपने हिस्से की 36 बीघा जमीन उसने छोटे भाई के बेटों के नाम कर दी थी। उसके दामाद जमीन वापस लेने का दबाव बना रहे थे। उन्हें लगता था कि जोगेंद्र ने ही जमीन नाम कराई है, इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई थी।
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