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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - रिया की हत्या में सात दोषियों को आजीवन कारावास
Sat, 23 Mar 2024 04:06 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:06 PM IST
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- खतौली कस्बे में 12 साल पहले कहासुनी के बाद हुआ था झगड़ा
- आठ साल की मासूम रिया की गोली लगने से हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। खतौली में झगड़े के दौरान आठ साल की मासूम रिया की हत्या के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-15 की पीठासीन अधिकारी दिव्या भार्गव ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कमल कुमार और परविंद्र कुमार ने बताया कि 20 अक्तूबर 2012 को खतौली में रंजिश के चलते एक पक्ष ने दूसरे के घर पर हमला बोल दिया था। इस दौरान आठ साल की रिया की गोली लगने से मौत हो गई थी। परिवार के कई सदस्य घायल हुए थे। मृतका के चाचा राजू ने घर पर हमले और भतीजी रिया की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने अलग-अलग चार्जशीट अभियुक्त जोगेंद्र, गोविंद, अजय उर्फ लाला, मोनू, महेश, मोहन व सोनू समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-15 में हुई अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। अदालत में सात अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हुआ।
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दोषियों को धारा 302 में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 307 में सात साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सफाई को लेकर शुरू हुआ था विवाद
वादी राजू खतौली पालिका में सुपरवाइजर रहा था। जबकि उसकी पत्नी इंद्रा देवी सभासद थीं। राजू का कहना था कि सफाई व्यवस्था को लेकर मिली शिकायत के बाद उन्होंने मोहल्ला देवीदास में सफाई के लिए कर्मचारी भेजे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने कर्मचारियों के साथ कहासुनी की। वह मामले की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए। इसी दौरान उनके घर पर हमला कर रिया की हत्या कर दी गई थी। उधर, कुछ दिन बाद खतौली में हुए दूसरे हत्याकांड में वादी राजू को भी नामजद किया गया था।
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- आठ साल की मासूम रिया की गोली लगने से हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। खतौली में झगड़े के दौरान आठ साल की मासूम रिया की हत्या के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-15 की पीठासीन अधिकारी दिव्या भार्गव ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कमल कुमार और परविंद्र कुमार ने बताया कि 20 अक्तूबर 2012 को खतौली में रंजिश के चलते एक पक्ष ने दूसरे के घर पर हमला बोल दिया था। इस दौरान आठ साल की रिया की गोली लगने से मौत हो गई थी। परिवार के कई सदस्य घायल हुए थे। मृतका के चाचा राजू ने घर पर हमले और भतीजी रिया की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
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पुलिस ने अलग-अलग चार्जशीट अभियुक्त जोगेंद्र, गोविंद, अजय उर्फ लाला, मोनू, महेश, मोहन व सोनू समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-15 में हुई अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। अदालत में सात अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हुआ।
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दोषियों को धारा 302 में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 307 में सात साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सफाई को लेकर शुरू हुआ था विवाद
वादी राजू खतौली पालिका में सुपरवाइजर रहा था। जबकि उसकी पत्नी इंद्रा देवी सभासद थीं। राजू का कहना था कि सफाई व्यवस्था को लेकर मिली शिकायत के बाद उन्होंने मोहल्ला देवीदास में सफाई के लिए कर्मचारी भेजे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने कर्मचारियों के साथ कहासुनी की। वह मामले की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए। इसी दौरान उनके घर पर हमला कर रिया की हत्या कर दी गई थी। उधर, कुछ दिन बाद खतौली में हुए दूसरे हत्याकांड में वादी राजू को भी नामजद किया गया था।