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Muzaffarnagar News: बुजुर्ग की हत्यारोपी गुलिस्तां को 14 साल बाद आजीवन कारावास
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15 जून 2008 की रात भंगेला में अंजाम दी गई थी हत्या की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के भंगेला गांव में 14 साल पहले घर से घूमने के लिए निकले बुजुर्ग बिशंभर सिंह की हत्या के मामले में दोषी गुलिस्तां को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप शर्मा और कुलदीप कुमार ने बताया कि 15 जून 2008 की रात करीब नौ बजे बिशंभर सिंह की हत्या की गई थी। मृतक के माथे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे। पुलिस जांच में मामूली रंजिश का मामला सामने आया था। मृतक के पुत्र विपिन कुमार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नया मोड़ 16 जून 2008 को आया। वादी ने दूसरी तहरीर दी, जिसमें गांव के ही विकास, शिवराज और गुलिस्तां को नामजद किया गया था। पुलिस ने दोनों तहरीर पर जांच की और तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत में मुकदमे के ट्रायल के दौरान विकास और शिवराज की मौत हो गई। अदालत ने गुलिस्तां को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 201 में पांच साल कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के भंगेला गांव में 14 साल पहले घर से घूमने के लिए निकले बुजुर्ग बिशंभर सिंह की हत्या के मामले में दोषी गुलिस्तां को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप शर्मा और कुलदीप कुमार ने बताया कि 15 जून 2008 की रात करीब नौ बजे बिशंभर सिंह की हत्या की गई थी। मृतक के माथे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे। पुलिस जांच में मामूली रंजिश का मामला सामने आया था। मृतक के पुत्र विपिन कुमार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नया मोड़ 16 जून 2008 को आया। वादी ने दूसरी तहरीर दी, जिसमें गांव के ही विकास, शिवराज और गुलिस्तां को नामजद किया गया था। पुलिस ने दोनों तहरीर पर जांच की और तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत में मुकदमे के ट्रायल के दौरान विकास और शिवराज की मौत हो गई। अदालत ने गुलिस्तां को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 201 में पांच साल कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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