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Muzaffarnagar News: नावला के मोनू की हत्या में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास
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- पांच साल पहले कहासुनी की रंजिश में अंजाम दी गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर क्षेत्र के नावला गांव में पांच साल पहले मोहन लाल उर्फ मोनू की हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित त्यागी ने बताया कि वादी सुनील कुमार ने सात नवंबर 2018 की रात गांव निवासी राहुल पुत्र विनोद, सौरभ पुत्र जगपाल, जगपाल पुत्र अतरू और कूकड़ा निवासी कल्लू पुत्र संतराम उसके भाई मोहन लाल उर्फ मोनू को घर से बुलाकर ले गए थे। आठ नवंबर की सुबह मोनू का शव खेत में पड़ा मिला, उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) में हुई। अदालत ने चारों अभियुक्त को हत्या की धारा में उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 504 में दो-दो साल का कारावास, अभियुक्त सौरभ को आम्र्स एक्ट में तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
कहासुनी की रंजिश में अंजाम दी थी वारदात
मुकदमे के वादी सुनील कुमार का कहना था कि आरोपियों ने पांच नवंबर 2018 को उसकी मां शीला के साथ बेवजह गाली-गलौज की थी। मोनू ने विरोध किया तो आारोपी रंजिश रखने लगे। सात नवंबर की शाम को घर से बुलाकर ले गए और चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर क्षेत्र के नावला गांव में पांच साल पहले मोहन लाल उर्फ मोनू की हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित त्यागी ने बताया कि वादी सुनील कुमार ने सात नवंबर 2018 की रात गांव निवासी राहुल पुत्र विनोद, सौरभ पुत्र जगपाल, जगपाल पुत्र अतरू और कूकड़ा निवासी कल्लू पुत्र संतराम उसके भाई मोहन लाल उर्फ मोनू को घर से बुलाकर ले गए थे। आठ नवंबर की सुबह मोनू का शव खेत में पड़ा मिला, उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-पांच/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) में हुई। अदालत ने चारों अभियुक्त को हत्या की धारा में उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 504 में दो-दो साल का कारावास, अभियुक्त सौरभ को आम्र्स एक्ट में तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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कहासुनी की रंजिश में अंजाम दी थी वारदात
मुकदमे के वादी सुनील कुमार का कहना था कि आरोपियों ने पांच नवंबर 2018 को उसकी मां शीला के साथ बेवजह गाली-गलौज की थी। मोनू ने विरोध किया तो आारोपी रंजिश रखने लगे। सात नवंबर की शाम को घर से बुलाकर ले गए और चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
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