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Muzaffarnagar News: गैर इरादतन हत्या में 35 साल बाद लियाकत दोषमुक्त
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मुजफ्फरनगर। गैर इरादतन हत्या के मामले में अभियुक्त को साक्ष्यों के अभाव में 35 साल बाद दोषमुक्त करार दिया गया। सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी प्रथम रोबिन कुमार ने फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष अदालत में आरोप सिद्ध नहीं कर सका।
मुस्तफाबाद निवासी ओमकार राना फार्म हाउस में नौकरी करता था। 23 मई 1989 को सुबह करीब छह बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन कराने के लिए धर्मकांटे पर जा रहा था। इस दौरान धर्मकांटे की ओर से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर घायल ओमकार को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद चालक ट्रक को अस्पताल के पास ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने जांच के बाद उत्तराखंड के रुड़की के थाना बाग नहर के गांव शाहपुर तला निवासी लियाकत के खिलाफ धारा 304ए में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 18 नवंबर 1995 को अभियुक्त पर आरोप तय हुए। ट्रायल की लंबी प्रक्रिया के बाद पिछले महीने 24 अप्रैल को लियाकत के धारा 313 के बयान दर्ज कराए गए।
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बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी प्रथम ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त लियाकत को दोषमुक्त करार दिया गया।
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मुस्तफाबाद निवासी ओमकार राना फार्म हाउस में नौकरी करता था। 23 मई 1989 को सुबह करीब छह बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन कराने के लिए धर्मकांटे पर जा रहा था। इस दौरान धर्मकांटे की ओर से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर घायल ओमकार को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद चालक ट्रक को अस्पताल के पास ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने जांच के बाद उत्तराखंड के रुड़की के थाना बाग नहर के गांव शाहपुर तला निवासी लियाकत के खिलाफ धारा 304ए में मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 18 नवंबर 1995 को अभियुक्त पर आरोप तय हुए। ट्रायल की लंबी प्रक्रिया के बाद पिछले महीने 24 अप्रैल को लियाकत के धारा 313 के बयान दर्ज कराए गए।
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बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी प्रथम ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त लियाकत को दोषमुक्त करार दिया गया।