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दिलचस्प होगा मुकाबला
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 31 Dec 2015 12:19 AM IST
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मुजफ्फरगनर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के तीन दावेदारों ने बुधवार को नामांकन पत्र खरीदे। वार्ड सात से विजेता दीप्ति पाल के नामांकन पत्र खरीदने से मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना बढ़ गई है। सपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री उमा किरण और भाजपा प्रत्याशी आंचल के अलावा अगले दो दिनों में और कितने नामांकन खरीदे जाएंगे, यह देखने की बात होगी। सात जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव होना है।
मुजफ्फरनगर के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद दलित महिला के खाते में आया है। बुधवार को चुनाव प्रक्रिया का आगाज हो गया। सपा प्रत्याशी उमा किरण, भाजपा प्रत्याशी आंचल, दीप्ति पाल ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन खरीदे। कलक्ट्रेट में सहायक निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार के समक्ष उक्त प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र खरीदे। वार्ड सात से एससी सीट पर जीती दीप्ति पाल के चुनाव की सरगर्मी में चुप्पी के बाद अध्यक्ष पद पर नामांकन करने से मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
शुरू में दीप्ति को लेकर चुनावी सिपहसलारों ने सपा का टिकट हासिल करने के लिए लखनऊ में डेरा डाल लिया था। सपा जिलाध्यक्ष बच्ची सैनी ने भी पार्टी हाईकमान को भेजे तीन नामों में दीप्ति को शामिल किया था, लेकिन नेताजी ने पार्टी की वफादार उमा किरण पर विश्वास जताया। दीप्ति की दावेदारी को लेकर शुरू में भाजपा से भी चुनाव लड़ने की नजदीकियां बनाई गई थीं, मगर बाहर से समर्थन मांगने की शर्त पर भाजपा ने प्रस्ताव ठुकरा दिया था। भाजपा प्रत्याशी आंचल वार्ड 41 से जीतकर आई हैं।
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केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के निर्देशन में पार्टी ने आंचल की जीत के लिए व्यूह रचना बनाई है। शहर सीट पर उपचुनाव से पहले भाजपा हर कीमत पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा चाहती है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में विद्रोहियों पर सूबे में पार्टी हाईकमान का चाबुक चलने के बाद इधर-उधर सियासी गणित भिड़ा रहे सपाई फिलहाल एकसुर में बोल रहे हैं।
पूर्व मंत्री उमा किरण सपा की प्रत्याशी हैं। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर और शामली में अध्यक्ष के लिए पार्टी के बड़े नेताओं से मंत्रणा कर जीत की राह बनाने का निर्देश दिया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद अमीर आलम, राजकुमार यादव को चुनाव की बागडोर सौंपी गई है। नामांकन की बिक्री एक जनवरी तक होगी, क्योंकि उसी दिन अंतिम रूप से निर्धारित समय तक नामांकन भरे जाएंगे। तीन जनवरी को नाम वापिसी की प्रक्रिया होगी।
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मुजफ्फरनगर के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद दलित महिला के खाते में आया है। बुधवार को चुनाव प्रक्रिया का आगाज हो गया। सपा प्रत्याशी उमा किरण, भाजपा प्रत्याशी आंचल, दीप्ति पाल ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन खरीदे। कलक्ट्रेट में सहायक निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार के समक्ष उक्त प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र खरीदे। वार्ड सात से एससी सीट पर जीती दीप्ति पाल के चुनाव की सरगर्मी में चुप्पी के बाद अध्यक्ष पद पर नामांकन करने से मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
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शुरू में दीप्ति को लेकर चुनावी सिपहसलारों ने सपा का टिकट हासिल करने के लिए लखनऊ में डेरा डाल लिया था। सपा जिलाध्यक्ष बच्ची सैनी ने भी पार्टी हाईकमान को भेजे तीन नामों में दीप्ति को शामिल किया था, लेकिन नेताजी ने पार्टी की वफादार उमा किरण पर विश्वास जताया। दीप्ति की दावेदारी को लेकर शुरू में भाजपा से भी चुनाव लड़ने की नजदीकियां बनाई गई थीं, मगर बाहर से समर्थन मांगने की शर्त पर भाजपा ने प्रस्ताव ठुकरा दिया था। भाजपा प्रत्याशी आंचल वार्ड 41 से जीतकर आई हैं।
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केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के निर्देशन में पार्टी ने आंचल की जीत के लिए व्यूह रचना बनाई है। शहर सीट पर उपचुनाव से पहले भाजपा हर कीमत पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा चाहती है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में विद्रोहियों पर सूबे में पार्टी हाईकमान का चाबुक चलने के बाद इधर-उधर सियासी गणित भिड़ा रहे सपाई फिलहाल एकसुर में बोल रहे हैं।
पूर्व मंत्री उमा किरण सपा की प्रत्याशी हैं। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर और शामली में अध्यक्ष के लिए पार्टी के बड़े नेताओं से मंत्रणा कर जीत की राह बनाने का निर्देश दिया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मुकेश चौधरी, पूर्व सांसद अमीर आलम, राजकुमार यादव को चुनाव की बागडोर सौंपी गई है। नामांकन की बिक्री एक जनवरी तक होगी, क्योंकि उसी दिन अंतिम रूप से निर्धारित समय तक नामांकन भरे जाएंगे। तीन जनवरी को नाम वापिसी की प्रक्रिया होगी।