{"_id":"5a7c8f8b4f1c1b4f588b77a7","slug":"intelligence-agency-engaged-in-combating-terror-links","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकी कनेक्शन खंगालने में जुटी खुफिया एजेंसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकी कनेक्शन खंगालने में जुटी खुफिया एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:27 PM IST
विज्ञापन
आतंकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार से पकड़े गए आतंकियों को फंडिंग करने वाले अब्दुल समद ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आगे हवाला कारोबार की गुत्थी के राज उगले हैं। आतंकियों को जिले से भी करीब साढ़े तीन लाख रुपये की फंडिंग की गई है। यह रकम किससे ली गई और कहां सप्लाई की गई है। इसकी खुफिया एजेंसी जांच करने में लगी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हॉल ही में जिले के सराफा कारोबारी अंकित गर्ग और आदिश जैन के यहां छापामारी की थी। एनआईए को शक है कि यह दोनों सराफ मिलकर आतंकियों को फंडिंग के लिए हवाला कारोबार कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के घरों से मोटी रकम के साथ कई हथियार बरामद हुए थे। बुधवार को एनआईए ने हरिद्वार के मंगलौर थाना क्षेत्र के गांव बुक्कनपुर से अब्दुल समद को पकड़ा है। पकड़े गए समद के तार हवाला कारोबार से जुड़े मिले हैं। जांच में सामने में आया है कि अब्दुल समद ने आतंकियों को फंडिंग करने के लिए मुजफ्फरनगर से भी साढ़े तीन लाख रुपये जुटाए थे। हालांकि यह कितने लोगों से ली गई और कहां दी गई है। इसकी खुफिया एजेंसी जांच करने में लगी है। साढ़े तीन लाख रुपये हवाला संचालकों से जुटाए गए थे।
कुटेसरा से पकड़ा गया था आतंकी
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2017 के अगस्त माह में चरथावल के कुटेरसा से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला पकड़ा गया था। अब्दुल्ला अपने दो साथियों संग मिलकर बांग्लादेश से आने वाले लोगों को फर्जी आईडी और पासपोर्ट मुहैया कराता था। बाद में बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार उल बांग्ला से जुड़े सात आतंकियों को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
संदीप शर्मा का मिला था लश्कर कनेक्शन
मुजफ्फरनगर। जम्मू एंड कश्मीर पुलिस ने जिले के अंकित विहार निवासी संदीप शर्मा को पकड़ा था। संदीप के आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा के साथ संबंध सामने आए थे, तब देशभर की तमाम खुफिया जांच एजेंसियों ने जिले भर में आतंकी माड्यूल तैयार करने वालों की खोज की थी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हॉल ही में जिले के सराफा कारोबारी अंकित गर्ग और आदिश जैन के यहां छापामारी की थी। एनआईए को शक है कि यह दोनों सराफ मिलकर आतंकियों को फंडिंग के लिए हवाला कारोबार कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के घरों से मोटी रकम के साथ कई हथियार बरामद हुए थे। बुधवार को एनआईए ने हरिद्वार के मंगलौर थाना क्षेत्र के गांव बुक्कनपुर से अब्दुल समद को पकड़ा है। पकड़े गए समद के तार हवाला कारोबार से जुड़े मिले हैं। जांच में सामने में आया है कि अब्दुल समद ने आतंकियों को फंडिंग करने के लिए मुजफ्फरनगर से भी साढ़े तीन लाख रुपये जुटाए थे। हालांकि यह कितने लोगों से ली गई और कहां दी गई है। इसकी खुफिया एजेंसी जांच करने में लगी है। साढ़े तीन लाख रुपये हवाला संचालकों से जुटाए गए थे।
विज्ञापन
कुटेसरा से पकड़ा गया था आतंकी
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2017 के अगस्त माह में चरथावल के कुटेरसा से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला पकड़ा गया था। अब्दुल्ला अपने दो साथियों संग मिलकर बांग्लादेश से आने वाले लोगों को फर्जी आईडी और पासपोर्ट मुहैया कराता था। बाद में बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार उल बांग्ला से जुड़े सात आतंकियों को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
संदीप शर्मा का मिला था लश्कर कनेक्शन
मुजफ्फरनगर। जम्मू एंड कश्मीर पुलिस ने जिले के अंकित विहार निवासी संदीप शर्मा को पकड़ा था। संदीप के आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा के साथ संबंध सामने आए थे, तब देशभर की तमाम खुफिया जांच एजेंसियों ने जिले भर में आतंकी माड्यूल तैयार करने वालों की खोज की थी।