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उद्योग और वाहन चलते ही बढ़ने लगा प्रदूषण
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में सुधरी आबोहवा फिर से खराब होने लगी है। उद्योगों और वाहनों के संचालन में छूट मिली तो वायु प्रदूषण बढ़ने लगा। कुछ दिन पहले 56 तक आया एयर क्वालिटी इंडेक्स अब 150 तक पहुंच गया है।
दीपावली के आसपास व सर्दी के मौसम में मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर चला गया था जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में जिले की हवा की स्थिति सुधरने लगी थी। जब तक लॉकडाउन में सख्ती बरती गई तब तक एक्यूआई काफी नीचे रहा। यह 56 तक भी आ गया था लेकिन जैसे ही ढील देनी शुरू हुई प्रदूषण बढ़ने लगा। उद्योग और वाहनों का संचालन शुरू हो जाने से एक्यूआई 130 से 150 तक पहुंच गया है। यह स्थिति तो तब है जब हवा अच्छी चल रही है तथा दो दिन पहले बारिश भी हुई। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार का कहना है कि प्रदूषण की स्थिति ज्यादा खराब नहीं है। सर्दियों में हवा नहीं चलने और स्माग के कारण एक्यूआई बढ़ जाता है। लॉकडाउन में तो सभी गतिविधियां बंद थी, इसलिए प्रदूषण काफी कम था।
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दीपावली के आसपास व सर्दी के मौसम में मुजफ्फरनगर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया था। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर चला गया था जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन में जिले की हवा की स्थिति सुधरने लगी थी। जब तक लॉकडाउन में सख्ती बरती गई तब तक एक्यूआई काफी नीचे रहा। यह 56 तक भी आ गया था लेकिन जैसे ही ढील देनी शुरू हुई प्रदूषण बढ़ने लगा। उद्योग और वाहनों का संचालन शुरू हो जाने से एक्यूआई 130 से 150 तक पहुंच गया है। यह स्थिति तो तब है जब हवा अच्छी चल रही है तथा दो दिन पहले बारिश भी हुई। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार का कहना है कि प्रदूषण की स्थिति ज्यादा खराब नहीं है। सर्दियों में हवा नहीं चलने और स्माग के कारण एक्यूआई बढ़ जाता है। लॉकडाउन में तो सभी गतिविधियां बंद थी, इसलिए प्रदूषण काफी कम था।
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