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Muzaffarnagar News: दहेज के लिए हत्या में दोषी पति को 10 साल की सजा
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मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव में दहेज के लिए गर्भवती तबस्सुम की हत्या के मामले में दोषी पति को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने फैसला सुनाया।
मंसूरपुर क्षेत्र के बेगराजपुर निवासी मुर्तजा ने आठ जून 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि उसकी भतीजी तब्बसुम की शादी शिकारपुर निवासी आस मोहम्मद के साथ हुई थी। पांच जून 2020 को उन्हें जानकारी मिली कि ससुराल में दहेज के लिए तबस्सुम के साथ मारपीट की गई है।
परिवार के लोग उसकी ससुराल पहुंचे तो पीड़िता की मौत हो चुकी थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने मौत की वजह कोरोना बताई थी। आरोप लगाया गया कि कोरोना का भय दिखाकर शव को ससुराल पक्ष के लोगों ने सुपुर्द ए खाक कर दिया था। मृतका सात माह की गर्भवती थी। पीड़ित परिवार ने इसके बाद तहरीर दी, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और मामले की जांच हुई। दोष सिद्ध होने पर पति आस मोहम्मद को 10 साल कैद और 56 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। साक्ष्य के अभाव में सास शमीम, देवर इंसाफ को दोषमुक्त करार दिया गया।
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मंसूरपुर क्षेत्र के बेगराजपुर निवासी मुर्तजा ने आठ जून 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि उसकी भतीजी तब्बसुम की शादी शिकारपुर निवासी आस मोहम्मद के साथ हुई थी। पांच जून 2020 को उन्हें जानकारी मिली कि ससुराल में दहेज के लिए तबस्सुम के साथ मारपीट की गई है।
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परिवार के लोग उसकी ससुराल पहुंचे तो पीड़िता की मौत हो चुकी थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने मौत की वजह कोरोना बताई थी। आरोप लगाया गया कि कोरोना का भय दिखाकर शव को ससुराल पक्ष के लोगों ने सुपुर्द ए खाक कर दिया था। मृतका सात माह की गर्भवती थी। पीड़ित परिवार ने इसके बाद तहरीर दी, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और मामले की जांच हुई। दोष सिद्ध होने पर पति आस मोहम्मद को 10 साल कैद और 56 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। साक्ष्य के अभाव में सास शमीम, देवर इंसाफ को दोषमुक्त करार दिया गया।
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