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Muzaffarnagar News: बच्चे कैसे होंगे निपुण, नहीं हुआ एआरपी का चयन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। परिषदीय विद्यालयों के एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा हो गया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से मार्च माह में आवेदन और चयन प्रक्रिया को पूरा कराने के आदेश जारी किए गए थे। एआरपी की सीटों के सापेक्ष कम आवेदनों के चलते प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को निपुण बनाने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और 10 विद्यालयों को निपुण बनाने की जिम्मेदारी एक एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) को दी जाती है। तीन वर्ष के कार्यकाल में एआरपी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के साथ विद्यालयों को निपुण बनाने का कार्य करते हैं।
मार्च माह के बाद अप्रैल माह भी बीतने को है, लेकिन जिले में एआरपी के चयन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। मार्च माह में 47 पदों के लिए तीन गुणा आवेदन आने पर परीक्षा का आयोजन किया जाना था, लेकिन मात्र 60 आवेदन आने पर तिथि को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद 2 अप्रैल तक 80 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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जिला समन्वयक विनीत कुमार का कहना है कि छात्रों की विषयवार गुणवत्ता परखने और उन्हें निपुण बनाने के लिए ब्लाॅक के अनुसार एआरपी तैनात किए जाने हैं। नए एआरपी चयन के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक कम्पोजिट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं से निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवेदन कम प्राप्त हुए। इस कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। अभी तक प्राप्त हुए आवेदन के आधार पर ही जल्दी ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। परिषदीय विद्यालयों के एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा हो गया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से मार्च माह में आवेदन और चयन प्रक्रिया को पूरा कराने के आदेश जारी किए गए थे। एआरपी की सीटों के सापेक्ष कम आवेदनों के चलते प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को निपुण बनाने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और 10 विद्यालयों को निपुण बनाने की जिम्मेदारी एक एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) को दी जाती है। तीन वर्ष के कार्यकाल में एआरपी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के साथ विद्यालयों को निपुण बनाने का कार्य करते हैं।
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मार्च माह के बाद अप्रैल माह भी बीतने को है, लेकिन जिले में एआरपी के चयन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। मार्च माह में 47 पदों के लिए तीन गुणा आवेदन आने पर परीक्षा का आयोजन किया जाना था, लेकिन मात्र 60 आवेदन आने पर तिथि को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद 2 अप्रैल तक 80 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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जिला समन्वयक विनीत कुमार का कहना है कि छात्रों की विषयवार गुणवत्ता परखने और उन्हें निपुण बनाने के लिए ब्लाॅक के अनुसार एआरपी तैनात किए जाने हैं। नए एआरपी चयन के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक कम्पोजिट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं से निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवेदन कम प्राप्त हुए। इस कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। अभी तक प्राप्त हुए आवेदन के आधार पर ही जल्दी ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।