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भक्त का हाथ पकडने पर उसका साथ नहीं छोड़ते गोविंद : सरस्वती
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देवबंद में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में ठाकुरजी के भजनों पर झूमते श्रद्धालु
- फोटो : DEVBAND
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भक्त का हाथ पकड़ने पर उसका साथ नहीं छोड़ते गोविंद : सरस्वती
देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता जयंती के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन कथा व्यास साध्वी रक्षा सरस्वती ने कहा भगवान के भक्तों को परेशान करने वालों का भी गोविंद उद्धार कर देते हैं।
श्री गीता भवन में साध्वी रक्षा सरस्वती ने कहा गोविंद जिस भक्त का एक बार हाथ पकड़ लेते हैं, भक्त यदि लाख छुड़ाना चाहे तो भी गोविंद उसका साथ छोड़ते। इसलिए हम सबकों अपना तन व मन प्रभु के चरणों में सौंप देना चाहिए। पृथ्वी पर जब-जब पाप बढ़ता है तो धर्म की हानि होती है। तब-तब प्रभु ने भक्तों और धर्म की रक्षा के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया। रावण का वध करने के लिए प्रभु ने राजा दशरथ के यहां जन्म लिया। उसी प्रकार द्वापर युग में कंस के अत्याचारों से अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए वासुदेव और देवकी के यहां कृष्ण बनकर जन्म लिया। उन्होंने कंस जैसे राक्षस से ब्रजवासियों को मुक्ति दिलाई। कथा में चौथे दिन के यजमान रेखा धीमान रही। प्रसाद वितरण बिमला ने किया। इस मौके पर संतोष, सुमन सिंघल, रेखा गर्ग, अनिता, नेहा तायल, अलका, आभा, डॉ. आर्यवृत शर्मा, रितेश बंसल, डॉ. कांता त्यागी, संजय मित्तल, नीरज मित्तल, बीना गोयल, अखिल शर्मा व सरोज शर्मा आदि रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता जयंती के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन कथा व्यास साध्वी रक्षा सरस्वती ने कहा भगवान के भक्तों को परेशान करने वालों का भी गोविंद उद्धार कर देते हैं।
श्री गीता भवन में साध्वी रक्षा सरस्वती ने कहा गोविंद जिस भक्त का एक बार हाथ पकड़ लेते हैं, भक्त यदि लाख छुड़ाना चाहे तो भी गोविंद उसका साथ छोड़ते। इसलिए हम सबकों अपना तन व मन प्रभु के चरणों में सौंप देना चाहिए। पृथ्वी पर जब-जब पाप बढ़ता है तो धर्म की हानि होती है। तब-तब प्रभु ने भक्तों और धर्म की रक्षा के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया। रावण का वध करने के लिए प्रभु ने राजा दशरथ के यहां जन्म लिया। उसी प्रकार द्वापर युग में कंस के अत्याचारों से अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए वासुदेव और देवकी के यहां कृष्ण बनकर जन्म लिया। उन्होंने कंस जैसे राक्षस से ब्रजवासियों को मुक्ति दिलाई। कथा में चौथे दिन के यजमान रेखा धीमान रही। प्रसाद वितरण बिमला ने किया। इस मौके पर संतोष, सुमन सिंघल, रेखा गर्ग, अनिता, नेहा तायल, अलका, आभा, डॉ. आर्यवृत शर्मा, रितेश बंसल, डॉ. कांता त्यागी, संजय मित्तल, नीरज मित्तल, बीना गोयल, अखिल शर्मा व सरोज शर्मा आदि रहे।
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