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15 अक्तूबर से 21 दिन तक गंगनहर रहेगी बंद
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जनपद के भोपा क्षेत्र से होकर जा रही गंग नहर।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। शासन ने गंग नहर के वार्षिक क्लोजर की मंजूरी दे दी है। 15 अक्तूबर दशहरा के दिन गंगनहर को हरिद्वार से बंद कर दिया जाएगा। जिसमें चार नवंबर दीपावली के दिन फिर से पानी छोड़ा जाएगा। करीब 21 दिन गंगनहर बंद रहेगी। इस दौरान सिंचाई विभाग की ओर से जनपद के सभी 88 रजबहों और माइनरों की सफाई कराई जाएगी। उधर, करीब तीन सप्ताह तक गंग नहर से बंद रहने से मेरठ और दिल्ली में पेयजल की आपूर्ति भी बाधित रहेगी, क्योंकि भोला झाल से मेरठ के लिए और मुरादनगर से नई दिल्ली के लिए पेयजल की आपूर्ति गंग नहर से ही होती है।
गंगनहर की देखरेख और नहरों, रजबहों व माइनरों की सफाई के लिए प्रतिवर्ष गंग नहर का 21 दिनों का क्लोजर रहता है। जो दशहरे के दिन बंद की जाती है और दीपावली के दिन फिर से शुरू की जाती है। इस दौरान हरिद्वार में भी हर की पैड़ी की सफाई की जाती है। इस बार भी सिंचाई विभाग के अफसरों ने गंगनहर बंद करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे शासन ने स्वीकार कर लिया है। सिंचाई विभाग मुजफ्फरनगर खंड के अधिशासी अभियंता हरि शर्मा ने बताया कि शासन ने बृहस्पतिवार को गंगनहर को 21 दिनों तक बंद रखने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। विशेष सचिव मुश्ताक अहमद की ओर से जारी पत्र के अनुसार गंग नहर 15 अक्तूबर की रात से चार नवंबर की रात तक बंद रहेगी।
सभी नहरों, माइनरों में पानी छोड़ा
मुजफ्फरनगर। करीब तीन सप्ताह तक गंगनहर के बंद रहने से फसलों की सिंचाई प्रभावित होगी। इसलिए इस सप्ताह जनपद के सभी 88 नहरों, रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है, ताकि किसान रबी की फसल की पलेवा कर सके। इस दौरान गन्ने, बरसीम, अगेती गेहूं, सरसों की बुवाई के लिए पलेवा की जाएगी। गंग नहर में वर्तमान में 8500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, ताकि सभी नहरों माइनरों को चलाया जा सके।
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दो करोड़ के बजट से होगी नहरों की सफाई
मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरि शर्मा ने बताया कि जनपद के माइनरों और नहरों की सफाई के लिए दो करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इससे 280 किमी नहरों व रजबहों की और 250 किमी माइनरों की सफाई की योजना बनाई गई है।
गंग नहर में तीन फुट पानी रहेगा
मुजफ्फरनगर। वार्षिक क्लोजर के दौरान गंग नहर में करीब तीन फुट पानी रहेगा, ताकि रेत खनन पर रोक लगाई जा सके। रेत खनन की रोकथाम के लिए डीएम और एसएसपी को भी पत्र लिखा गया है।
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गंगनहर की देखरेख और नहरों, रजबहों व माइनरों की सफाई के लिए प्रतिवर्ष गंग नहर का 21 दिनों का क्लोजर रहता है। जो दशहरे के दिन बंद की जाती है और दीपावली के दिन फिर से शुरू की जाती है। इस दौरान हरिद्वार में भी हर की पैड़ी की सफाई की जाती है। इस बार भी सिंचाई विभाग के अफसरों ने गंगनहर बंद करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे शासन ने स्वीकार कर लिया है। सिंचाई विभाग मुजफ्फरनगर खंड के अधिशासी अभियंता हरि शर्मा ने बताया कि शासन ने बृहस्पतिवार को गंगनहर को 21 दिनों तक बंद रखने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। विशेष सचिव मुश्ताक अहमद की ओर से जारी पत्र के अनुसार गंग नहर 15 अक्तूबर की रात से चार नवंबर की रात तक बंद रहेगी।
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सभी नहरों, माइनरों में पानी छोड़ा
मुजफ्फरनगर। करीब तीन सप्ताह तक गंगनहर के बंद रहने से फसलों की सिंचाई प्रभावित होगी। इसलिए इस सप्ताह जनपद के सभी 88 नहरों, रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है, ताकि किसान रबी की फसल की पलेवा कर सके। इस दौरान गन्ने, बरसीम, अगेती गेहूं, सरसों की बुवाई के लिए पलेवा की जाएगी। गंग नहर में वर्तमान में 8500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, ताकि सभी नहरों माइनरों को चलाया जा सके।
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दो करोड़ के बजट से होगी नहरों की सफाई
मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरि शर्मा ने बताया कि जनपद के माइनरों और नहरों की सफाई के लिए दो करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इससे 280 किमी नहरों व रजबहों की और 250 किमी माइनरों की सफाई की योजना बनाई गई है।
गंग नहर में तीन फुट पानी रहेगा
मुजफ्फरनगर। वार्षिक क्लोजर के दौरान गंग नहर में करीब तीन फुट पानी रहेगा, ताकि रेत खनन पर रोक लगाई जा सके। रेत खनन की रोकथाम के लिए डीएम और एसएसपी को भी पत्र लिखा गया है।