फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Ganga will come to Shuktirtha after traveling 78 km from Bhimgoda

Muzaffarnagar News: भीमगोड़ा से 78 किमी की यात्रा कर शुकतीर्थ आएगी गंगा

Fri, 21 Jul 2023 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:27 AM IST
विज्ञापन
Ganga will come to Shuktirtha after traveling 78 km from Bhimgoda
शुकतीर्थ  में इस तरह आएगा गंगा का पानी
- शुकतीर्थ से गंगा बैराज से पहले मुख्य गंगा में मिलेगी पतित पावनी
विज्ञापन

मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ में गंगा की धारा लाने का सपना पूरा होने वाला है। पतित पावनी उत्तराखंड़ के भीमगोड़ा बैराज से तीर्थ तक 78 किमी का रास्ता तय कर श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराएगी। यहां से बिजनौर के गंगा बैराज से पहले मुख्य गंगा में मिल जाएगी।
सिंचाई विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। शुक्रवार को नक्शा शुकतीर्थ के घाट पर प्रदर्शित किया जाएगा। पहले भीमगोड़ा बैराज से 17 किलोमीटर दूर रतमऊ नदी तक गंगा पानी आएगा। यहां से सोलानी नदी में गंगा की धारा प्रवाहित की जाएगी। रतमऊ नदी से शुकतीर्थ घाट की दूरी 61 किलोमीटर है।
विज्ञापन


नमामि गंगे योजना की सर्वे रिपोर्ट से शुकतीर्थ को गंगा की जलधारा मिली। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ.संजीव बालियान के प्रयास से केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की टीम ने यह सर्वे किया था। केंद्रीय जल आयोग ने सर्वे की समीक्षा की। एक माह पूर्व सिंचाई विभाग ने पूरी योजना रिपोर्ट मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को प्रेषित कर दी थी। मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत के बाद शुकतीर्थ में गंगा लाने का लेआउट तैयार हो गया। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे और संतों का मांगपत्र सौपा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच किमी दूर बह रही गंगा
मुजफ्फरनगर। महाभारत काल में गंगा महामुनि शुकदेव की भागवत कथा के साक्षी अक्षय वट के टीले से छूकर बहती थी। साढ़े पांच हजार साल की अवधि में फिलहाल मुख्य गंगा तीर्थ से करीब 5 किलोमीटर दूर बह रही है। जीर्ण-शीर्ण और उपेक्षित पड़े इस तीर्थ का जीर्णोद्धार स्वामी कल्याणदेव ने तप, त्याग और दृढ़ संकल्प से किया था। स्वामी जी ने वर्ष 1950 से कार्तिक पूर्णिमा, गंगा ज्येष्ठ दशहरा, बैसाखी सहित चार सांस्कृतिक पर्वो पर गंगा स्नान एवं मेलों की शुरुआत की। मेलों के समय सिंचाई विभाग शुकतीर्थ में गंगा जल प्रवाह छोड़ता है, ताकि श्रद्धालु श्रद्धा और पुण्य की डुबकी लगा सके।


देश में बढ़ेगी तीर्थ की महिमा
भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि शुकतीर्थ गंगा मैया के बिना अधूरा था। पूज्य गुरुदेव जीवन पर्यंत भागवत धरा पर निर्मल गंगा जलधारा लाने को जुटे रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीर्थ के महत्व को समझा और भागीरथ बनने का वायदा पूरा किया। गंगा आने से देश में तीर्थ की महिमा ओर बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed