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सांप्रदायिक सोच की बेडियों से देश को आजाद कराने में देवबंद निभाएगा अहम भूमिका

Mon, 02 Mar 2020 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2020 11:48 PM IST
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Freedom will soon come from the shackles of communal thinking
ईदगाह मैदान में चल रहे धरना प्रदर्शन में उपस्थित महिलाएं - फोटो : DEVBAND
सांप्रदायिक सोच की बेड़ियों से जल्द मिलेगी आजादी
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देवबंद (सहारनपुर)। सीएए, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में ईदगाह मैदान में चल रहा महिलाओं का धरना प्रदर्शन 36वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि तारीख गवाह है कि मुल्क को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने में देवबंद से बड़ा आंदोलन चलाया गया था। इस बार भी सांप्रदायिक सोच की बेड़ियों से हिंदुस्तान को जल्द आजादी मिलेगी और देवबंद एक बार फिर से अहम भूमिका निभाएगा।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में सोमवार को सलमा अहसन ने राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर कहा कि वर्तमान में देश में जिस तरह के हालात बन रहे हैं उसके लिए सिर्फ केंद्र सरकार जिम्मेदार है। अपनी नाकामियों और कमियों को छुपाने के लिए पूरे देश को हिंसा की आग में झोंकने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन देश का शांतिप्रिय और सेक्युलर समाज किसी कीमत पर नापाक मंसूबों का कामयाब नहीं होने देगा। सलमा ने कहा कि देश में हिंदू और मुस्लिम एक परिवार की तरह रहते हैं, इसलिए चाहे जितनी साजिशें हो जाएं, लेकिन गंदी राजनीति करने वाले इस परिवार को नहीं तोड़ सकते। इरम उस्मानी ने कहा कि जो लोग इतिहास को भूल बैठे हैं वे एक बार फिर से उसे गौर से पढ़ लें तो उन्हें पता चलेगा की हमारे बुजुर्गों ने आजाद भारत के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी। जिनकी बदौलत ही हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। मुल्क के संविधान ने हमें जो हक दिए हैं, उसी का इस्तेमाल कर सरकार का गलत फैसलों का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस काले कानून की समाप्ति तक देवबंद सत्याग्रह जारी रहेगा।
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ईदगाह मैदान में जलाई गई आंदोलन की मशाल
देवबंद। सीएए के विरोध में ईदगाह मैदान में चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन में शनिवार की रात दस फुट ऊंची और चार फुट लंबी आंदोलन की मशाल जलाई गई है। जबकि इससे पूर्व भारत के संविधान का बड़ा प्रारूप, शहीद पार्क, डिटेंशन कैंप, महापुरुषों की तस्वीरों के अलावा ईदगाह मैदान में ऐसी कई चीजें लगाई गई हैं जो मुल्क की आजादी की याद को ताजा कर रही हैं। मैदान के बीचों बीच जल रही आंदोलन की मशाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

ईदगाह मैदान के बीच में जलती आंदोलन की मशाल

ईदगाह मैदान के बीच में जलती आंदोलन की मशाल- फोटो : DEVBAND

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