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Muzaffarnagar News: गाजियाबाद के लिए खास युवक को छुड़ाने के नाम पर चार लाख ठगे

Sat, 06 Jan 2024 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 06 Jan 2024 12:48 AM IST
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Four lakhs cheated in the name of rescuing a youth trapped in Germany
- जर्मनी में पढ़ रहे एक युवक के पिता व उनके दोस्त को बनाया शिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुुजफ्फरनगर। जर्मनी में पढ़ रहे एक युवक के पिता व उनके दोस्त से जर्मनी से बात करना बताते हुुए साइबर ठग ने चार लाख से ज्यादा रुपये ठग लिए। साइबर ठग ने युवक के पिता से उनके बेटे को जर्मनी पुलिस से छुड़ाने के नाम पर ठगी की। एसपी सिटी ने साइबर सेल को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

साउथ सिविल लाइन निवासी रविंद्र सिंह का बेटा भानू प्रताप सिंह जर्मनी में पढ़ाई कर रहा था। उसके दोस्त गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन निवासी माधव सिंह के पास तीन जनवरी को साइबर ठग ने काॅल कर खुद को जर्मनी से बात करना बताया। अपना नाम न बताते हुए आवाज से पहचान करने को कहा। माधव सिंह ने कॉलर की पहचान अपने दोस्त रविंद्र सिंह के जर्मनी में पढ़ रहे बेटे भानु प्रताप सिंह के रूप में की। काॅलर ने माधव सिंह को बातों में उलझा लिया और साइबर ठग ने माधव सिंह के भांजे के खाते में पांच लाख बीस हजार रुपये डालने की बात कही। माधव सिंह ने यह जानकारी रविंद्र सिंह को दी तो पता चला कि काफी समय से भानू अपने पिता रविंद्र सिंह से बात नहीं कर रहा था। फोन रिसीव नहीं कर रहा था। बाद में एक दिन किसी ने माधव सिंह को फोन कर बताया कि जर्मन पुलिस ने किसी मामले में भानु को पकड़ा है। उसे छुड़ाने के लिए दो लाख 70 हजार रुपये लगेंगे।
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यह जानकारी माधव सिंह ने रविंद्र को दी तो उनके कहने पर माधव सिंह ने डेढ़ लाख रुपये सूचना देने वाले व्यक्ति (ट्रेवल एजेंट) के खाते में डाल दिए। साइबर ठग ने रविंद्र सिंह को भी फोन अपने खाते में एक बार एक लाख 20 हजार और दूसरी बार में एक लाख 97 हजार रुपये खाते में डलवा लिए। शक होने पर रविंद्र सिंह ने अपने बेटे भानु के शामली निवासी दोस्त को फोन किया तो भानु के चंडीगढ़ मेंं पढ़ने की जानकारी मिली। तब ठगी का राज खुला। इस बारे में पीड़ित रविंद्र सिंह ने एसपी सिटी को प्रार्थना पत्र देकर साइबर ठग द्वारा उन्हें बैंक की एक फर्जी रसीद व्हाद्स एप करने की भी जानकारी दी। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी। एसपी सिटी को बताया गया कि ठग का खाता सीज कराने के बजाय साइबर सेल ने उनके ही खाते सीज कर करा दिए।
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