{"_id":"5b689c6e4f1c1bed238b5019","slug":"falling-because-of-sliding-on-underpass","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंडरपास पर फिसलने के कारण गिरे कांवड़िये, मार्ग की ईंटों ने पहुंचाई चोट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंडरपास पर फिसलने के कारण गिरे कांवड़िये, मार्ग की ईंटों ने पहुंचाई चोट
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:37 AM IST
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कीचड़ और पत्थरों के बीच होकर गुजरते कांवड़िये।
- फोटो : अमर उजाला
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तेज बारिश से कांवड़ मार्ग की व्यवस्था की सच्चाई सामने आ गई है। सिसौना से लेकर कच्ची सड़क तक कीचड़ और रपटन भरे रास्ते में कांवड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अंडरपास पर ईंटों को बिछा देने से कई कांवड़िये गिरकर चोटिल हो गए। वहलना चौक से लेकर गुप्ता रिसोर्ट तक के मार्ग में इतनी फिसलन हो गई कि कांवड़िये बड़ी मुश्किल से निकले।
रविवार की शाम से प्रारंभ हुई बारिश सोमवार को भी दिनभर पड़ती रही। कांवड़ मार्ग पर भोलों का सैलाब उमड़ पड़ा है। वर्षा के बीच भी ये लोग अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे। कांवड़ मार्ग पर बारिश के बीच की व्यवस्था को जानने की लिए अमर उजाला की टीम सुबह आठ से 11 बजे तक कांवड़ यात्रा का कवरेज करने के साथ ही तस्वीरों को कैमरे में कैद किया। शिव चौक से लेकर सरवट चौराहे तक तो कांवड़ियों के सामने कोई परेशानी नहीं मिली, लेकिन कच्ची सड़क के सरवट चौराहे से लेकर सिसौना तक हाल खराब मिला।
कांवड़ियों का सैलाब कीचड़ और कंकरों के बीच से निकलता हुआ दिखाई दिया। बारिश का पानी सड़क के दोनो ओर भर जाने से कीचड़ और पानी मुख्यमार्ग पर आ गया। भीड़ होने के कारण कांवड़ियों को कीचड़ के बीच से ही निकलना पड़ा। यहां अंडरपास पर प्रशासन ने पानी निकालने के लिए पंप तो लगाया, लेकिन साथ ही ईंटें भी डलवा दी।
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ईंटों के बीच जो रेत डाला गया था वह तो पानी में बह गया और ईंटे छिटक गई। ऐसे हालात में भीड़ में आ रहे कांवड़ियों के पैर ईंटों पर ऊपर-नीचे पड़े। इससे काफी संख्या में कांवडिये गिर गये, जिन्हें साथियों ने सहारा दिया। सैकड़ों कांवड़ियों के ईंटों पर चलने के कारण पैरों में चोटें आ गई। इससे आगे निकले तो अंडरपास के ढाल के हालात खराब मिले। यहां बारिश के चलते मिट्टी में इतनी रपटन थी कि सैकड़ों कांवड़ियों की तो रपटने से चप्पल ही टूट गए।
कुछ कांवड़िये रपटकर गिर पड़े। गनीमत यह रही कि साथी कांवड़िये अपने सहयोगियों को सहारा देकर आगे बढ़ाते रहे। बझेड़ी और सिसौना में भी मार्ग बदतर हालत में मिला। बझेड़ी में कांवड़ियों को कीचड़ से ही निकलना पड़ा। दूसरी तरह शिवचौक से वहलना चौक तक तो व्यवस्था कुछ ठीक मिली, लेकिन वहलना चौक से गुप्ता रिसोर्ट तक की सड़क ने कांवड़ियों की परीक्षा ली। कीचड़ और गहरी मिट्टी के बीच मुश्किल से कांवड़िय़ों ने अपना रास्ता तय किया।
चिकित्सा शिविरों में हुआ उपचार
मुजफ्फरनगर। बारिश के बीच कांवड़ मार्ग पर ईंट, कंकर, कीचड़ में चोट लगने से कांवड़िये बड़ी संख्या में घायल हुए। शहर में लगे चिकित्सा शिविरों में सुबह से ही चोटिल कांवड़ियों की भीड़ लगी रही। शिवसेना, वैश्य सभा, जिला चिकित्सालय, हिंदू क्रांति दल के चिकित्सा शिविरों में पैरों में चोट और छाले पड़ने से घायल कांवडिय़े अधिक संख्या में आए। यहां उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गड्ढों और कंकर के कारण अधिक चोटें आई हैं। इन शिविरों में उपचार करा रहे कांवड़िय़ों ने बताया कि रास्ते में कीचड़ में चप्पलें टूट गई, नंगे पैरों में कंकर आदि लगने से उन्हें परेशानी हुई।
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रविवार की शाम से प्रारंभ हुई बारिश सोमवार को भी दिनभर पड़ती रही। कांवड़ मार्ग पर भोलों का सैलाब उमड़ पड़ा है। वर्षा के बीच भी ये लोग अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे। कांवड़ मार्ग पर बारिश के बीच की व्यवस्था को जानने की लिए अमर उजाला की टीम सुबह आठ से 11 बजे तक कांवड़ यात्रा का कवरेज करने के साथ ही तस्वीरों को कैमरे में कैद किया। शिव चौक से लेकर सरवट चौराहे तक तो कांवड़ियों के सामने कोई परेशानी नहीं मिली, लेकिन कच्ची सड़क के सरवट चौराहे से लेकर सिसौना तक हाल खराब मिला।
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कांवड़ियों का सैलाब कीचड़ और कंकरों के बीच से निकलता हुआ दिखाई दिया। बारिश का पानी सड़क के दोनो ओर भर जाने से कीचड़ और पानी मुख्यमार्ग पर आ गया। भीड़ होने के कारण कांवड़ियों को कीचड़ के बीच से ही निकलना पड़ा। यहां अंडरपास पर प्रशासन ने पानी निकालने के लिए पंप तो लगाया, लेकिन साथ ही ईंटें भी डलवा दी।
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ईंटों के बीच जो रेत डाला गया था वह तो पानी में बह गया और ईंटे छिटक गई। ऐसे हालात में भीड़ में आ रहे कांवड़ियों के पैर ईंटों पर ऊपर-नीचे पड़े। इससे काफी संख्या में कांवडिये गिर गये, जिन्हें साथियों ने सहारा दिया। सैकड़ों कांवड़ियों के ईंटों पर चलने के कारण पैरों में चोटें आ गई। इससे आगे निकले तो अंडरपास के ढाल के हालात खराब मिले। यहां बारिश के चलते मिट्टी में इतनी रपटन थी कि सैकड़ों कांवड़ियों की तो रपटने से चप्पल ही टूट गए।
कुछ कांवड़िये रपटकर गिर पड़े। गनीमत यह रही कि साथी कांवड़िये अपने सहयोगियों को सहारा देकर आगे बढ़ाते रहे। बझेड़ी और सिसौना में भी मार्ग बदतर हालत में मिला। बझेड़ी में कांवड़ियों को कीचड़ से ही निकलना पड़ा। दूसरी तरह शिवचौक से वहलना चौक तक तो व्यवस्था कुछ ठीक मिली, लेकिन वहलना चौक से गुप्ता रिसोर्ट तक की सड़क ने कांवड़ियों की परीक्षा ली। कीचड़ और गहरी मिट्टी के बीच मुश्किल से कांवड़िय़ों ने अपना रास्ता तय किया।
चिकित्सा शिविरों में हुआ उपचार
मुजफ्फरनगर। बारिश के बीच कांवड़ मार्ग पर ईंट, कंकर, कीचड़ में चोट लगने से कांवड़िये बड़ी संख्या में घायल हुए। शहर में लगे चिकित्सा शिविरों में सुबह से ही चोटिल कांवड़ियों की भीड़ लगी रही। शिवसेना, वैश्य सभा, जिला चिकित्सालय, हिंदू क्रांति दल के चिकित्सा शिविरों में पैरों में चोट और छाले पड़ने से घायल कांवडिय़े अधिक संख्या में आए। यहां उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गड्ढों और कंकर के कारण अधिक चोटें आई हैं। इन शिविरों में उपचार करा रहे कांवड़िय़ों ने बताया कि रास्ते में कीचड़ में चप्पलें टूट गई, नंगे पैरों में कंकर आदि लगने से उन्हें परेशानी हुई।