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वाहन चोर गिरोह----- वाहन चोरी करने से पहले बन जाते थे फर्जी कागज
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शहर कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में वाहन चोरी के आरोपी व बरामद सामान ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
वाहन चोरी करने से पहले बन जाते थे फर्जी कागज
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े वाहन चोर गिरोह का मुखिया गांव भनवाड़ा निवासी लुकमान उर्फ लुक्का पूरी साजिश के साथ वाहन चोरी करता था। वाहन चोरी करने से पहले वह टारगेट फिक्स कर उसके फर्जी कागजात बनाता था, जिसके बाद वाहन चुराकर उसे फर्जी कागजात के जरिये आनन-फानन में बेच देता था। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि पहले लुकमान टारगेट फिक्स करता था कि उसे कौन सी गाड़ी चुरानी है। इसके बाद वह राह चलती संबंधित मॉडल की गाड़ी का नंबर नोट कर एआरटीओ ऑफिस से उसका पर्टिकुलर निकलवा लेता था। पर्टिकुलर के आधार पर वह फर्जी कागज तैयार करता था और इसके बाद उसी मॉडल के वाहन को चोरी कर लेता था। वाहन चुराने के बाद वह पहले से तैयार फर्जी कागजात को उस वाहन पर लगाकर उसे किसी अन्य जनपद या क्षेत्र में बेच देता था। यहां तक कि वह कार मालिक का फर्जी आधार कार्ड भी वाहन चोरी करने से पहले ही बना लेता था, ताकि जल्दी से पुलिस की पकड़ में न आ सके। आरोपी की इस साजिश के चलते एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर के दो वाहन अलग-अलग क्षेत्रों में चलते थे।
25 दिन पहले ही जमानत पर छूटा था लुकमान
मुजफ्फरनगर। वाहन चोर गिरोह का सरगना रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव भनवाड़ा निवासी लुकमान उर्फ लुक्का है। पुलिस ने बताया कि वाहन चोर लुकमान के खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह 25 दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से वाहन चोरी के धंधे में लग गया और मात्र 25 दिन में ही छह वाहन चोरी कर चुका है। इंस्पेक्टर ने बताया कि रतनपुरी थाना पुलिस लुकमान उर्फ लुक्का के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी संपत्ति भी कुर्क कर चुकी है।
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मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े वाहन चोर गिरोह का मुखिया गांव भनवाड़ा निवासी लुकमान उर्फ लुक्का पूरी साजिश के साथ वाहन चोरी करता था। वाहन चोरी करने से पहले वह टारगेट फिक्स कर उसके फर्जी कागजात बनाता था, जिसके बाद वाहन चुराकर उसे फर्जी कागजात के जरिये आनन-फानन में बेच देता था। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि पहले लुकमान टारगेट फिक्स करता था कि उसे कौन सी गाड़ी चुरानी है। इसके बाद वह राह चलती संबंधित मॉडल की गाड़ी का नंबर नोट कर एआरटीओ ऑफिस से उसका पर्टिकुलर निकलवा लेता था। पर्टिकुलर के आधार पर वह फर्जी कागज तैयार करता था और इसके बाद उसी मॉडल के वाहन को चोरी कर लेता था। वाहन चुराने के बाद वह पहले से तैयार फर्जी कागजात को उस वाहन पर लगाकर उसे किसी अन्य जनपद या क्षेत्र में बेच देता था। यहां तक कि वह कार मालिक का फर्जी आधार कार्ड भी वाहन चोरी करने से पहले ही बना लेता था, ताकि जल्दी से पुलिस की पकड़ में न आ सके। आरोपी की इस साजिश के चलते एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर के दो वाहन अलग-अलग क्षेत्रों में चलते थे।
25 दिन पहले ही जमानत पर छूटा था लुकमान
मुजफ्फरनगर। वाहन चोर गिरोह का सरगना रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव भनवाड़ा निवासी लुकमान उर्फ लुक्का है। पुलिस ने बताया कि वाहन चोर लुकमान के खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह 25 दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूटा था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से वाहन चोरी के धंधे में लग गया और मात्र 25 दिन में ही छह वाहन चोरी कर चुका है। इंस्पेक्टर ने बताया कि रतनपुरी थाना पुलिस लुकमान उर्फ लुक्का के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी संपत्ति भी कुर्क कर चुकी है।
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