{"_id":"60dcbc888ebc3ec30814379c","slug":"fake-medicines-act-as-poison-muzaffarnagar-news-mrt5452590125","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहर का काम करती हैं नकली दवाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहर का काम करती हैं नकली दवाइयां
विज्ञापन
जहर का काम करती हैं नकली दवाइयां
मुजफ्फरनगर। नकली और एक्सपायर दवाइयां का प्रयोग लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि बिना परामर्श किए मरीजों को दवाइयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नकली दवाओं का प्रयोग मनुष्य के शरीर पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। अलबत्ता नकली दवाओं के इस्तेमाल से किडनी, लीवर और हार्ट पर बुरा असर डाल सकता है। नकली दवाओं के प्रयोग से मरीज की जान भी जा सकती है। कई बार नकली दवाइयां मरीज के स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करतीं हैं, जो उसे सीधे मौत की तरफ ले जाती हैं।
शहर के सदर बाजार स्थित डॉ आत्रेय नर्सिंग होम संचालक डॉ विभोर आत्रेय का कहना है कि नकली दवाइयों में ठीक करने वाला कोई सॉल्ट नहीं होता। इसलिए उनका मरीज के स्वास्थ्य पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। कई बार मरीज खर्च बचाने के लिए डॉक्टर द्वारा लिखी गईं दवाइयों के बजाय किसी और कंपनी की दवाइयां ले लेता है। ऐसे में यदि मरीज गंभीर स्थिति में है तो सहीं दवाइयां न मिलने पर उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज उसी कंपनी की दवा लें, जो डॉक्टर लिख रहे हैं।
सदर बाजार के डॉ. मुनीश अहमद का कहना है कि जो भी मानक दवाइयां होती हैं, वे एक मेडिकल पैनल से प्रूफ होती है। नकली दवाइयों को प्रूफ करने के लिए किसी तरह का कोई मेडिकल एडवाइजर ही नहीं होता, न ही उनमें किसी तरह का साल्ट डाला जाता है। ऐसे में वे मरीज के स्वास्थ्य पर किसी तरह का असर नहीं डाल पातीं। कई बार ये दवाइयां मरीज के स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करतीं हैं, जो उसे सीधे मौत की तरफ ले जाती हैं।
विज्ञापन
नई मंडी के उर्मिला हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अशोक शर्मा कहते हैं कि नकली दवाइयों से मरीज की सेहत पर किसी तरह का सकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ता, उल्टे इससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। कई बार यदि मरीज गंभीर हालत में है तो दवा का असर न होने से उसकी मौत भी हो सकती है। ऐसे में मरीज से संबंधित डॉक्टर की विश्वसनीयता सीधे तौर पर प्रभावित होती है। अन्य नुकसान की आशंका उस दवाई में डाले जाने वाले साल्ट पर निर्भर करती है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नकली और एक्सपायर दवाइयां का प्रयोग लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि बिना परामर्श किए मरीजों को दवाइयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नकली दवाओं का प्रयोग मनुष्य के शरीर पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। अलबत्ता नकली दवाओं के इस्तेमाल से किडनी, लीवर और हार्ट पर बुरा असर डाल सकता है। नकली दवाओं के प्रयोग से मरीज की जान भी जा सकती है। कई बार नकली दवाइयां मरीज के स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करतीं हैं, जो उसे सीधे मौत की तरफ ले जाती हैं।
शहर के सदर बाजार स्थित डॉ आत्रेय नर्सिंग होम संचालक डॉ विभोर आत्रेय का कहना है कि नकली दवाइयों में ठीक करने वाला कोई सॉल्ट नहीं होता। इसलिए उनका मरीज के स्वास्थ्य पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। कई बार मरीज खर्च बचाने के लिए डॉक्टर द्वारा लिखी गईं दवाइयों के बजाय किसी और कंपनी की दवाइयां ले लेता है। ऐसे में यदि मरीज गंभीर स्थिति में है तो सहीं दवाइयां न मिलने पर उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज उसी कंपनी की दवा लें, जो डॉक्टर लिख रहे हैं।
विज्ञापन
सदर बाजार के डॉ. मुनीश अहमद का कहना है कि जो भी मानक दवाइयां होती हैं, वे एक मेडिकल पैनल से प्रूफ होती है। नकली दवाइयों को प्रूफ करने के लिए किसी तरह का कोई मेडिकल एडवाइजर ही नहीं होता, न ही उनमें किसी तरह का साल्ट डाला जाता है। ऐसे में वे मरीज के स्वास्थ्य पर किसी तरह का असर नहीं डाल पातीं। कई बार ये दवाइयां मरीज के स्वास्थ्य के लिए जहर का काम करतीं हैं, जो उसे सीधे मौत की तरफ ले जाती हैं।
विज्ञापन
नई मंडी के उर्मिला हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अशोक शर्मा कहते हैं कि नकली दवाइयों से मरीज की सेहत पर किसी तरह का सकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ता, उल्टे इससे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। कई बार यदि मरीज गंभीर हालत में है तो दवा का असर न होने से उसकी मौत भी हो सकती है। ऐसे में मरीज से संबंधित डॉक्टर की विश्वसनीयता सीधे तौर पर प्रभावित होती है। अन्य नुकसान की आशंका उस दवाई में डाले जाने वाले साल्ट पर निर्भर करती है।