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Muzaffarnagar News: पालिका में पत्रावलियां स्वीकृत कराने के नाम पर की उगाही
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- चेयरपर्सन ने पैसे वापिस न करने पर एफआईआर की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पालिका मार्केट के सिकमी किराएदारों से कुछ लोगों ने रुपये लेकर उनकी पत्रावलियों को स्वीकृत कराने का झांसा दिया। मामला चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के सामने पहुंचा। उन्होंने दुकानदारों से लिए गए रुपये वापस नहीं करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। चेयरपर्सन ने कहा कि यदि पालिका के नाम पर किसी ने भी अवैध लेन-देन किया तो ऐसे लोगों की पत्रावलियां स्वीकृत नहीं की जाएगी।
शहरी क्षेत्र में नगरपालिका परिषद की करीब 17 मार्केट में 500 से ज्यादा व्यापारी किराएदार हैं। इनमें तीन श्रेणी वारिसान, 15 साला और सिकमी किराएदारों के मामलों को सुलझाने के लिए पूर्व बोर्ड में केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान की पहल पर प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें किराया वृद्धि कर वारिसान प्रकरण और नए किराए के साथ प्रीमियम राशि जमा कराकर सिकमी दुकानदारों के नए अनुबंध किए जाने थे।
बुधवार सुबह चेयरपर्सन के घर पहुंचे कुछ दुकानदारों ने बताया कि दो व्यापारी नेता पालिका के नाम पर 20-20 हजार की वसूली कर रहे हैं। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और उनके पति गौरव स्वरूप ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों की जांच कराई जाएगी। जिन लोगों ने पैसा एकत्र किया है, वे वापिस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हमने अभी तक अपने बोर्ड में करीब 16 पत्रावलियों का निपटारा किया है, किसी से पालिका ने कोई रुपये नहीं लिए।
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एक प्रकरण भी निस्तारित नहीं
पालिका के कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि पालिका मार्केट में लगभग 145 सिकमी किराएदार हैं, लेकिन इनका एक भी प्रकरण अभी निस्तारित नहीं हुआ है। पहले वारिसान वाले प्रकरण निपटाए जा रहे हैं, जो कि करीब 300 हैं। इनमें से अभी तक 27 प्रकरण निपटाए जा चुके हैं। मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल में वारिसान प्रकरण की 16 पत्रावलियों का निस्तारण किया गया है। पालिका को करीब 23 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पालिका मार्केट के सिकमी किराएदारों से कुछ लोगों ने रुपये लेकर उनकी पत्रावलियों को स्वीकृत कराने का झांसा दिया। मामला चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के सामने पहुंचा। उन्होंने दुकानदारों से लिए गए रुपये वापस नहीं करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। चेयरपर्सन ने कहा कि यदि पालिका के नाम पर किसी ने भी अवैध लेन-देन किया तो ऐसे लोगों की पत्रावलियां स्वीकृत नहीं की जाएगी।
शहरी क्षेत्र में नगरपालिका परिषद की करीब 17 मार्केट में 500 से ज्यादा व्यापारी किराएदार हैं। इनमें तीन श्रेणी वारिसान, 15 साला और सिकमी किराएदारों के मामलों को सुलझाने के लिए पूर्व बोर्ड में केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान की पहल पर प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें किराया वृद्धि कर वारिसान प्रकरण और नए किराए के साथ प्रीमियम राशि जमा कराकर सिकमी दुकानदारों के नए अनुबंध किए जाने थे।
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बुधवार सुबह चेयरपर्सन के घर पहुंचे कुछ दुकानदारों ने बताया कि दो व्यापारी नेता पालिका के नाम पर 20-20 हजार की वसूली कर रहे हैं। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और उनके पति गौरव स्वरूप ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों की जांच कराई जाएगी। जिन लोगों ने पैसा एकत्र किया है, वे वापिस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हमने अभी तक अपने बोर्ड में करीब 16 पत्रावलियों का निपटारा किया है, किसी से पालिका ने कोई रुपये नहीं लिए।
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एक प्रकरण भी निस्तारित नहीं
पालिका के कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि पालिका मार्केट में लगभग 145 सिकमी किराएदार हैं, लेकिन इनका एक भी प्रकरण अभी निस्तारित नहीं हुआ है। पहले वारिसान वाले प्रकरण निपटाए जा रहे हैं, जो कि करीब 300 हैं। इनमें से अभी तक 27 प्रकरण निपटाए जा चुके हैं। मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल में वारिसान प्रकरण की 16 पत्रावलियों का निस्तारण किया गया है। पालिका को करीब 23 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।