{"_id":"606f4c1c8ebc3e5903546dc1","slug":"encroachment-on-bicycle-track-captured-muzaffarnagar-news-mrt5336219184","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइकिल ट्रैक पर हुआ अतिक्रमणकारियों का कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइकिल ट्रैक पर हुआ अतिक्रमणकारियों का कब्जा
विज्ञापन
खतौली से भंगेला तक बना साईकिल ट्रक बना बदहाली का शिकार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइकिल ट्रैक पर हुआ अतिक्रमणकारियों का कब्जा
मुजफ्फरनगर, खतौली। भंगेला कट से रोडवेज बस स्टैंड तक करीब चार किमी लंबा साइकिल ट्रैक बदहाल अवस्था में है। सपा सरकार के समय 98 लाख की लागत से बनाए गए ट्रैक पर वर्तमान में कई जगह अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमाया हुआ है, तो कई स्थानों पर यह ट्रैक पूरी तरह टूटकर विलुप्त हो चुका है।
सपा सरकार द्वारा दिल्ली-दून हाईवे के गांव भंगेला कट स्थित कस्बे के प्रवेशद्वार से रोडवेज बस स्टैंड तक साइकिल ट्रैक का निर्माण कराया गया था। उस समय इस ट्रैक के निर्माण पर करीब 98 लाख रुपये की लागत आई थी, जिसे जीटी रोड स्थित मुख्य सड़क के ही एक साइड में करीब पांच फीट चौड़ा बनाया गया था। इसे मुख्यत: ग्रामीण क्षेत्र से साइकिल से कस्बे में आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
वर्तमान की बात करें तो इस साइकिल ट्रैक पर कई स्थानों पर अतिक्रमण किया जा चुका है, तो कई जगह यह पूरी तरह से टूटकर विलुप्त हो चुका है। वहीं, बीच सड़क में साइकिल ट्रैक के लिए लगाए गए डिवाइडर से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। नगर के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशिकांत वर्मा का कहना है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए साइकिलिंग बेहतर है। इसलिए जनहित में निर्मित कराए गए साइकिल ट्रैक को संरक्षित कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, खतौली। भंगेला कट से रोडवेज बस स्टैंड तक करीब चार किमी लंबा साइकिल ट्रैक बदहाल अवस्था में है। सपा सरकार के समय 98 लाख की लागत से बनाए गए ट्रैक पर वर्तमान में कई जगह अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमाया हुआ है, तो कई स्थानों पर यह ट्रैक पूरी तरह टूटकर विलुप्त हो चुका है।
सपा सरकार द्वारा दिल्ली-दून हाईवे के गांव भंगेला कट स्थित कस्बे के प्रवेशद्वार से रोडवेज बस स्टैंड तक साइकिल ट्रैक का निर्माण कराया गया था। उस समय इस ट्रैक के निर्माण पर करीब 98 लाख रुपये की लागत आई थी, जिसे जीटी रोड स्थित मुख्य सड़क के ही एक साइड में करीब पांच फीट चौड़ा बनाया गया था। इसे मुख्यत: ग्रामीण क्षेत्र से साइकिल से कस्बे में आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
विज्ञापन
वर्तमान की बात करें तो इस साइकिल ट्रैक पर कई स्थानों पर अतिक्रमण किया जा चुका है, तो कई जगह यह पूरी तरह से टूटकर विलुप्त हो चुका है। वहीं, बीच सड़क में साइकिल ट्रैक के लिए लगाए गए डिवाइडर से कई बार हादसे भी हो चुके हैं। नगर के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशिकांत वर्मा का कहना है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए साइकिलिंग बेहतर है। इसलिए जनहित में निर्मित कराए गए साइकिल ट्रैक को संरक्षित कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन