{"_id":"5b26a85f4f1c1bb51e8b66db","slug":"dust-in-the-sky-washed-in-the-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन तक आकाश में छाई रही धूल भी बारिश में धुल गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन तक आकाश में छाई रही धूल भी बारिश में धुल गई
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 17 Jun 2018 11:58 PM IST
विज्ञापन
बारिश के बीच सड़क से गुजरती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में भीषण गर्मी में झुलस रहे लोगों को बारिश से काफी राहत मिली है। शनिवार की रात्रि और सुबह के समय हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। चार दिन तक आकाश में छाई रही धूल भी बारिश में धुल गई। भीषण गर्मी के चलते जिले में बीते एक सप्ताह से पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा था। चार दिन तक आकाश में धूल छाई रहने से लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी।
शनिवार की रात रविवार की सुबह के समय हुई बारिश से जहां पारा लुढ़क कर 28.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, वहीं आकाश में छाई धूल भी बारिश में धुल गई। आम जनता को गर्मी से भी राहत मिली और धूल से भी। बारिश के कारण काफी हद तक प्रदूषण भी काफी कम हो गया। धूल के कारण लोगों को कई दिनों तक काफी मुसीबतें झेलनी पड़ी थी। मुख्य रूप से अस्थमा पीड़ितों को श्वांस लेने में काफी दिक्कतें हुई।
घरों में धूल की चादर जमीनों पर बिछ जाती थी। अब बारिश के कारण इन सब स्थितियों से लोगों को काफी राहत मिली। जिले में 17.4 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई। रविवार को दिन भर आकाश में बादल छाए रहे। बादलों के छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा। उधर, सुबह के समय हुई बारिश से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया।
विज्ञापन
इस वजह से आवागमन के दौरान काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। बारिश से सड़कों पर कीचड़ की स्थिति बनी भी रही। शहर के अधिकतर निचली बस्तियों में पानी भर गया। बारिश को गन्ने के साथ आम, जामुन आदि की फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है। आने वाले दिनों में बारिश के आसार बन रहे हैं।
फसलों के लिए लाभकारी होगी बरसात
छपार। सुबह हुई बारिश से गर्मी राहत मिली, वहीं पर किसान और आम के बाग ठेकेदारों के चेहरों पर रौनक देखी गई। कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। कितने ही किसानों के खेतों में सूखे के कारण चारा भी नहीं बोया गया था। गन्ने की फसल को भी बहुत फायदा हुआ। बारिश होने उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। आम की फसल को चेप्पा रोग राहत मिली और पकने में आसानी होगी।
झमाझम बारिश ने धूल और उमस से दी राहत
चरथावल। रविवार तड़के हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों से आकाश में उड़ने वाली धूल और उमस से लोगों को राहत दी। वहीं, दूसरी ओर तेज हवाओं के साथ चरी और ज्चार लहलाती फसल नष्ट हो गई। बारिश किसानों और आम के बाग ठेकेदारों के लिए लाभदायक है। एक पखवाड़े से उमस भरी गर्मी ने लोगों के सामने मुश्किलें बढ़ा रखी थी। इसके अलावा धूल के गुबार से अस्थमा के मरीज परेशान थे। तड़के हुई बारिश से हर किसी के चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई।
कस्बे के अलावा आसपास के गांवों में कई घंटों तक जमकर बारिश ने ईख और धान की फसल को संजीवनी दे दी। रोहाना मार्ग पर कई खेतों में तेज हवाओं के साथ बारिश से ज्वार और चरी की फसल गिर गई। शनिवार रात दो बजे शुरू हुई बारिश से जलालाबाद विद्युत लाइन में एक बार फिर रुलाया। लाइन में फाल्ट के कारण आपूर्ति करीब 12 घंटे बाधित रही।
सब्जी उत्पादक राजकुमार और रोहताश ने बताया कि बारिश से कोई नुकसान नहीं है। अधिकांश सब्जी खेतों में खत्म हो चुकी है। इसके अलावा बाग मालिक कुक्कू त्यागी ने बताया कि बारिश से आम की फसल परिपक्व होगी और आम का फल निरोगी होगा। रोहाना मार्ग पर पथेर करने वाले सांझक निवासी रामपाल ने बताया कि बारिश ने पथेर का काम चौपट हो गया। मानसून की बारिश मानते हुए लेबर घर लौटने को मजबूर है।
बारिश से राहत मिली
खतौली। हल्की बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। क्षेत्र में हुई हल्की बारिश से फसलों को कोई ज्यादा फायदा नहीं हो सका। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी होने से लोग बेहाल हो गए थे। आकाश में धूल उड़ रही थी। हल्की बारिश से किसानों की फसलों को भी ज्यादा फायदा नहीं पहुंच सका।
विज्ञापन
शनिवार की रात रविवार की सुबह के समय हुई बारिश से जहां पारा लुढ़क कर 28.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, वहीं आकाश में छाई धूल भी बारिश में धुल गई। आम जनता को गर्मी से भी राहत मिली और धूल से भी। बारिश के कारण काफी हद तक प्रदूषण भी काफी कम हो गया। धूल के कारण लोगों को कई दिनों तक काफी मुसीबतें झेलनी पड़ी थी। मुख्य रूप से अस्थमा पीड़ितों को श्वांस लेने में काफी दिक्कतें हुई।
विज्ञापन
घरों में धूल की चादर जमीनों पर बिछ जाती थी। अब बारिश के कारण इन सब स्थितियों से लोगों को काफी राहत मिली। जिले में 17.4 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई। रविवार को दिन भर आकाश में बादल छाए रहे। बादलों के छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा। उधर, सुबह के समय हुई बारिश से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया।
विज्ञापन
इस वजह से आवागमन के दौरान काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। बारिश से सड़कों पर कीचड़ की स्थिति बनी भी रही। शहर के अधिकतर निचली बस्तियों में पानी भर गया। बारिश को गन्ने के साथ आम, जामुन आदि की फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है। आने वाले दिनों में बारिश के आसार बन रहे हैं।
फसलों के लिए लाभकारी होगी बरसात
छपार। सुबह हुई बारिश से गर्मी राहत मिली, वहीं पर किसान और आम के बाग ठेकेदारों के चेहरों पर रौनक देखी गई। कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। कितने ही किसानों के खेतों में सूखे के कारण चारा भी नहीं बोया गया था। गन्ने की फसल को भी बहुत फायदा हुआ। बारिश होने उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। आम की फसल को चेप्पा रोग राहत मिली और पकने में आसानी होगी।
झमाझम बारिश ने धूल और उमस से दी राहत
चरथावल। रविवार तड़के हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों से आकाश में उड़ने वाली धूल और उमस से लोगों को राहत दी। वहीं, दूसरी ओर तेज हवाओं के साथ चरी और ज्चार लहलाती फसल नष्ट हो गई। बारिश किसानों और आम के बाग ठेकेदारों के लिए लाभदायक है। एक पखवाड़े से उमस भरी गर्मी ने लोगों के सामने मुश्किलें बढ़ा रखी थी। इसके अलावा धूल के गुबार से अस्थमा के मरीज परेशान थे। तड़के हुई बारिश से हर किसी के चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई।
कस्बे के अलावा आसपास के गांवों में कई घंटों तक जमकर बारिश ने ईख और धान की फसल को संजीवनी दे दी। रोहाना मार्ग पर कई खेतों में तेज हवाओं के साथ बारिश से ज्वार और चरी की फसल गिर गई। शनिवार रात दो बजे शुरू हुई बारिश से जलालाबाद विद्युत लाइन में एक बार फिर रुलाया। लाइन में फाल्ट के कारण आपूर्ति करीब 12 घंटे बाधित रही।
सब्जी उत्पादक राजकुमार और रोहताश ने बताया कि बारिश से कोई नुकसान नहीं है। अधिकांश सब्जी खेतों में खत्म हो चुकी है। इसके अलावा बाग मालिक कुक्कू त्यागी ने बताया कि बारिश से आम की फसल परिपक्व होगी और आम का फल निरोगी होगा। रोहाना मार्ग पर पथेर करने वाले सांझक निवासी रामपाल ने बताया कि बारिश ने पथेर का काम चौपट हो गया। मानसून की बारिश मानते हुए लेबर घर लौटने को मजबूर है।
बारिश से राहत मिली
खतौली। हल्की बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। क्षेत्र में हुई हल्की बारिश से फसलों को कोई ज्यादा फायदा नहीं हो सका। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी होने से लोग बेहाल हो गए थे। आकाश में धूल उड़ रही थी। हल्की बारिश से किसानों की फसलों को भी ज्यादा फायदा नहीं पहुंच सका।