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Muzaffarnagar News: धर्मबीर हत्याकांड में साक्ष्यों के अभाव में आरोपी दोषमुक्त
Tue, 14 Oct 2025 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 14 Oct 2025 12:49 AM IST
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने तीन साल पहले पलड़ी गांव के धर्मबीर हत्याकांड में आरोपी पवन को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने निर्णय दिया।
खतौली थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव में 13 अक्तूबर वर्ष 2022 को जमीनी नहीं बेचने की रंजिश में धारदार हथियारों से हमला कर धर्मबीर सैनी हमला कर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र अर्जुन सैनी ने गांव के पवन पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम कराया।
आरोप था कि वादी की कुछ जमीन आरोपी पवन के पास है। आरोपी उसे खरीदना चाहता था लेकिन वादी के पिता उसे देने से मना कर रखा था। आरोपी ने उनके खेत में जाने वाला पानी भी बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर विवाद होता रहता था।
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घटना के दिन शाम पांच बजे धर्मबीर (मृतक) खेत में घास लेने गया था लेकिन आठ बजे तक वापस नहीं आए तो परिजनों चिंतित हुए। परिवार के सदस्यों ने खेत में जाकर देखा, तो वहां खून से लथपथ शव पड़ा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी पवन उन्हें खेत से आता दिखाई दिया था।
विवेचना के बाद न्यायालय में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने पैरवी की। उन्होंने बताया पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद गुण-दोष के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया।
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खतौली थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव में 13 अक्तूबर वर्ष 2022 को जमीनी नहीं बेचने की रंजिश में धारदार हथियारों से हमला कर धर्मबीर सैनी हमला कर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र अर्जुन सैनी ने गांव के पवन पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम कराया।
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आरोप था कि वादी की कुछ जमीन आरोपी पवन के पास है। आरोपी उसे खरीदना चाहता था लेकिन वादी के पिता उसे देने से मना कर रखा था। आरोपी ने उनके खेत में जाने वाला पानी भी बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर विवाद होता रहता था।
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घटना के दिन शाम पांच बजे धर्मबीर (मृतक) खेत में घास लेने गया था लेकिन आठ बजे तक वापस नहीं आए तो परिजनों चिंतित हुए। परिवार के सदस्यों ने खेत में जाकर देखा, तो वहां खून से लथपथ शव पड़ा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी पवन उन्हें खेत से आता दिखाई दिया था।
विवेचना के बाद न्यायालय में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने पैरवी की। उन्होंने बताया पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद गुण-दोष के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया।