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अस्पताल में महाभारत, हड़ताल पर गए कर्मचारी
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 29 Aug 2015 12:33 AM IST
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मुजफ्फरनगर। कुटबा के घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में लाए जाने के बाद मामला ऐसा बिगड़ा कि स्वास्थ्य कर्मियों और ग्रामीणों में मारपीट हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि तीमारदारों ने चिकित्सकों पर पिस्टल तान दी और दुर्व्यवहार किया।
अफरातफरी के बीच पहुंचे पुलिस बल ने चार युवकों को हिरासत में ले लिया। गुस्साए कर्मचारियों ने हड़ताल कर इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं और धरने पर बैठ गए। शहर के कई थानों का फोर्स अस्पताल में मौजूद है।
शाहपुर में कुटबा के दो छात्र विशाल और अमित को मारपीट कर घायल कर दिया गया था। इस संबंध में दंगे के शरणार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। उनके साथ काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
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घायलों के उपचार को लेकर शुरू हुई बहसबाजी मारपीट में बदल गई। हंगामे के बीच एक युवक ने चिकित्सक नवनीत बंसल पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। डॉक्टर ने इलाज से इंकार कर खुद को कमरे में बंद कर लिया। गुस्साई भीड़ ने फार्मेसिस्ट हारुन अली से मारपीट कर दी।
मारपीट हंगामे से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से चार युवकों को हिरासत में ले लिया। आक्रोशित स्वास्थकर्मियों ने इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं और हड़ताल पर चले गए। चूंकि मामला केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के गांव से जुड़ा था।
इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, विजय शुक्ला, श्रीमोहन तायल आदि कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। उधर, कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के मैन गेट पर ताला ठोक दिया। कार्रवाई की मांग को लेकर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही रोक दी गई।
चिकित्सकों की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह और सीओ सिटी जोगेंद्र लाल ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल का ऐलान कर कामकाज बंद कर दिया। देर रात तक कर्मचारी और डॉक्टर धरने पर बैठे हुए थे।
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अफरातफरी के बीच पहुंचे पुलिस बल ने चार युवकों को हिरासत में ले लिया। गुस्साए कर्मचारियों ने हड़ताल कर इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं और धरने पर बैठ गए। शहर के कई थानों का फोर्स अस्पताल में मौजूद है।
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शाहपुर में कुटबा के दो छात्र विशाल और अमित को मारपीट कर घायल कर दिया गया था। इस संबंध में दंगे के शरणार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। उनके साथ काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
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घायलों के उपचार को लेकर शुरू हुई बहसबाजी मारपीट में बदल गई। हंगामे के बीच एक युवक ने चिकित्सक नवनीत बंसल पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। डॉक्टर ने इलाज से इंकार कर खुद को कमरे में बंद कर लिया। गुस्साई भीड़ ने फार्मेसिस्ट हारुन अली से मारपीट कर दी।
मारपीट हंगामे से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से चार युवकों को हिरासत में ले लिया। आक्रोशित स्वास्थकर्मियों ने इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं और हड़ताल पर चले गए। चूंकि मामला केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के गांव से जुड़ा था।
इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन कपिलदेव अग्रवाल, विजय शुक्ला, श्रीमोहन तायल आदि कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। उधर, कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के मैन गेट पर ताला ठोक दिया। कार्रवाई की मांग को लेकर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही रोक दी गई।
चिकित्सकों की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह और सीओ सिटी जोगेंद्र लाल ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल का ऐलान कर कामकाज बंद कर दिया। देर रात तक कर्मचारी और डॉक्टर धरने पर बैठे हुए थे।