मनरेगा घोटाले में दो पूर्व प्रधानों पर होगा मुकदमा
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डीएम डीके सिंह ने बताया कि दोनों ग्राम पंचायतों की मिली शिकायतों पर जिला कृषि अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच कराई गई। जांच समिति की आख्या में दोनों पूर्व प्रधानों के विरुद्ध घोर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। डीएम ने बताया कि शाहपुर ब्लाक के गांव बसीकलां के पूर्व ग्राम प्रधान हाजी मुर्सलीन ने वित्तीय वर्ष 2013-14 में विकास कार्यों में मानकों के अनुसार सामग्री का प्रयोग नहीं किया।
जांच के समय कार्य से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही कार्य कराया गया है, जबकि मनरेगा की वेबसाइट पर कार्य होना और उस कार्य का भुगतान होना दर्शाया गया है। जांच में दोषी पाए गए पूर्व प्रधान हाजी मुर्सलीन एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर वसूली की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी प्रकार चरथावल ब्लाक के गांव बधाईकलां के पूर्व ग्राम प्रधान धर्मपाल सिंह ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में खड़ंजा निर्माण एवं तालाब जीर्णोद्धार के विकास कार्यों में घोटाला किया है।
तालाब जीर्णोद्धार और खड़ंजा निर्माण में दो लाख 68 हजार 925 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। डीएम ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सियानंद, गन्ना पर्यवेक्षक एवं तत्कालीन तकनीकी सहायक मनरेगा रामकुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के आदेश बीडीओ को दिए हैं। साथ ही सात दिन के अंदर इन लोगों से वसूली की कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।