{"_id":"576995b84f1c1ba236b47ebd","slug":"the-villagers-beaten-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्रामीणों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
मारपीट में घायल हुए सिपाही।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीरापुर में हिरासत में लिए गए एक आरोपी ने अपने परिजनों के साथ मिलकर थाने के दफ्तर के दो मुंशियों से मारपीट कर दोनों को घायल कर दिया। सिपाहियों पर हमले की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर एसपी देहात और सीओ जानसठ ने थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली और दोनों सिपाहियों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया हैं।
एक महिला ने तुल्हेड़ी निवासी अशफाक पुत्र रमजानी, वीरेंद्र एवं सुखदेव पुत्रगण रामचंद्र, गुरुमीत पुत्र करतार सिंह और शरीफ के खिलाफ थाने में मारपीट करने और उसके कपड़े फाड़ने की तहरीर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अशफाक को पकड़ लिया। दोपहर करीब एक बजे अशफाक के परिजन उससे मिलने के लिए आए।
दफ्तर में बैठे मुंशी सुभाष सैनी और अमित कुमार ने परिजनों को मिलने से रोका तो दोनों पक्षों में पहले नोंकझोंक हुई और बाद में बात बढ़ जाने पर अशफाक उसके पुत्र खालिद, भाई भूरा और कुछ अन्य लोगों ने मुंशी सुभाष और सिपाही के साथ जमकर मारपीट कर दी। मारपीट से अमित की नाक और सिर में काफी चोटें आईं और सुभाष सैनी का दाहिना हाथ टूट गया।
विज्ञापन
आरोपी पक्ष द्वारा थाने में घुसकर मारपीट करने की सूचना पर थाने में हड़कंप मच गया। आसपास बैठा थाने का बाकी फोर्स अपनी बैरकों से बाहर निकला और आरोपियों को पकड़कर उनकी जमकर खबर ली। घटना की सूचना पर एसपी देहात राकेश जौली और सीओ जानसठ सूक्ष्म प्रकाश थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों से मामले की जानकारी ली।
घायल सिपाहियों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। एसपी देहात राकेश जौली ने एसएसपी को घटना से अवगत कराया। पुलिस ने मारपीट करने वाले तीन आरोपियों अशफाक, भूरा और खालिद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने महिला द्वारा दी गई तहरीर पर और पुलिस पर किए गए हमले, दोनों मामलों में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों की माने तो असफाक को उसके परिजन थाने से छुड़वाने के लिए आए थे, लेकिन इसी बीच मुंशी और सिपाहियों से विवाद होने पर आरोपियों ने पुलिस पर हमला बोल दिया।
पुलिस से डर नहीं लगता साहब जी
मीरापुर में थाने में घुसकर आरोपियों ने दफ्तर में बैठे दो मुंशियों के साथ जमकर मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। पुरकाजी के खाईखेड़ी में छपार थाने के दरोगा को किसानों ने बंधक बना लिया था। रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, ऐसा लगता है कि जैसे आरोपियों को पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। आए दिन आरोपियों द्वारा पुलिस पर हमले किए जा रहे हैं।
सभी मामलों में पुलिस लिखा-पढ़ी तो करती है, लेकिन बाद में दबाव के चलते विवेचनाओं में आरोपी खुद को बचा ले जाते हैं। अधिकारी भी पिटने वाले सिपाहियों को शांत रहने के लिए कहकर अपनी ओर से मामले को खत्म कर देते हैं। जेल से कचहरी में कई बार पेशी पर आने वाले बंदी भी सिपाहियों के साथ भिड़ते नजर आते रहते हैं।
विज्ञापन
एक महिला ने तुल्हेड़ी निवासी अशफाक पुत्र रमजानी, वीरेंद्र एवं सुखदेव पुत्रगण रामचंद्र, गुरुमीत पुत्र करतार सिंह और शरीफ के खिलाफ थाने में मारपीट करने और उसके कपड़े फाड़ने की तहरीर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अशफाक को पकड़ लिया। दोपहर करीब एक बजे अशफाक के परिजन उससे मिलने के लिए आए।
विज्ञापन
दफ्तर में बैठे मुंशी सुभाष सैनी और अमित कुमार ने परिजनों को मिलने से रोका तो दोनों पक्षों में पहले नोंकझोंक हुई और बाद में बात बढ़ जाने पर अशफाक उसके पुत्र खालिद, भाई भूरा और कुछ अन्य लोगों ने मुंशी सुभाष और सिपाही के साथ जमकर मारपीट कर दी। मारपीट से अमित की नाक और सिर में काफी चोटें आईं और सुभाष सैनी का दाहिना हाथ टूट गया।
विज्ञापन
आरोपी पक्ष द्वारा थाने में घुसकर मारपीट करने की सूचना पर थाने में हड़कंप मच गया। आसपास बैठा थाने का बाकी फोर्स अपनी बैरकों से बाहर निकला और आरोपियों को पकड़कर उनकी जमकर खबर ली। घटना की सूचना पर एसपी देहात राकेश जौली और सीओ जानसठ सूक्ष्म प्रकाश थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों से मामले की जानकारी ली।
घायल सिपाहियों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। एसपी देहात राकेश जौली ने एसएसपी को घटना से अवगत कराया। पुलिस ने मारपीट करने वाले तीन आरोपियों अशफाक, भूरा और खालिद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने महिला द्वारा दी गई तहरीर पर और पुलिस पर किए गए हमले, दोनों मामलों में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों की माने तो असफाक को उसके परिजन थाने से छुड़वाने के लिए आए थे, लेकिन इसी बीच मुंशी और सिपाहियों से विवाद होने पर आरोपियों ने पुलिस पर हमला बोल दिया।
पुलिस से डर नहीं लगता साहब जी
मीरापुर में थाने में घुसकर आरोपियों ने दफ्तर में बैठे दो मुंशियों के साथ जमकर मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। पुरकाजी के खाईखेड़ी में छपार थाने के दरोगा को किसानों ने बंधक बना लिया था। रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, ऐसा लगता है कि जैसे आरोपियों को पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। आए दिन आरोपियों द्वारा पुलिस पर हमले किए जा रहे हैं।
सभी मामलों में पुलिस लिखा-पढ़ी तो करती है, लेकिन बाद में दबाव के चलते विवेचनाओं में आरोपी खुद को बचा ले जाते हैं। अधिकारी भी पिटने वाले सिपाहियों को शांत रहने के लिए कहकर अपनी ओर से मामले को खत्म कर देते हैं। जेल से कचहरी में कई बार पेशी पर आने वाले बंदी भी सिपाहियों के साथ भिड़ते नजर आते रहते हैं।