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Unnao News: बहन-भांजे की मौत के बाद घायल भाई ने भी तोड़ा दम
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उन्नाव। उन्नाव-लालगंज हाईवे पर सिकंदरपुर कस्बे की सर्विस रोड पर शुक्रवार को वाहन की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटे की मौत की घटना के दूसरे दिन घायल भाई की भी कानपुर हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटे का शव और शाम को भाई की भी मौत की सूचना से दोनों परिवारों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया।
गंगाघाट कोतवाली के जुराखनखेड़ा निवासी निर्मला, आठ साल के बेटे आयुष के साथ शुक्रवार को रक्षाबंधन पर मायके बीघापुर कोतवाली के मलयपुर भाई केशन को राखी बांधने गई थी। देर शाम भाई केशन बहन और भांजे को बाइक में बैठाकर उनके घर जुराखनखेड़ा जा रहा था। उन्नाव-लालगंज हाईवे पर बीघापुर कोतवाली क्षेत्र में सिकंदरपुर कस्बे में सर्विस रोड के पास तेज रफ्तार वाहन बाइक में टक्कर मारते हुए निकल गया। हादसे में निर्मला और उसके बेटे आयुष की मौत हो गई थी, जबकि निर्मला के भाई केशन को गंभीर हालत में कानपुर हैलट में भर्ती कराया था। शनिवार को पुलिस ने मां-बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराया, रिपोर्ट में अधिक खून बहने से दोनों की मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों ने शुक्लागंज में अंतिम संस्कार किया। शाम को उधर शाम को केशन की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
बीघापुर सीओ मधुप नाथ मिश्रा ने बताया कि घायल भाई किशन की भी मौत हो गई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दुलारी का एक साल में उजड़ गया सुहाग
बीघापुर। हादसे में मृत किशन कुमार का एक साल पहले विवाह हुआ था। पति की मौत से रामदुलारी बेहाल है। बताया कि सास, ससुर और एक दिव्यांग भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। पति की मौत से वह बेसहारा हो गई हैं। बताया कि पति खेती करते थे और खेती में काम न होने पर काम करने मुंबई भी जाते थे। पिछले आठ महीने से वह यहीं घर पर ही थे। (संवाद)
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छह साल का मासूम पूछता रहा, मामा के यहां से कब आएगी मां
शुक्लागंज। सड़क हादसे में मृत मां-बेटे का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे तो परिजन बेहाल हो गए। पति बसंत भी फफक कर रोए। होनी का हवाला देकर रिश्तेदार बार-बार शांत कराते रहे। जेठ कुंदन ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही निर्मला के छोटे बेटे छह साल के छुटक्के का जन्मदिन भी था। वह शुक्रवार सुबह ही छोला भिगोने के बाद, बड़े बेटे को साथ लेकर मायके गईं थीं। लेकिन शाम को उनकी मौत की सूचना मिली। मासूम छुटक्के भी बार-बार मां को याद करके रो रहा है। वह लोगों से पूछता रहा कि मां, मामा के यहां से कब आएंगी। (संवाद)
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गंगाघाट कोतवाली के जुराखनखेड़ा निवासी निर्मला, आठ साल के बेटे आयुष के साथ शुक्रवार को रक्षाबंधन पर मायके बीघापुर कोतवाली के मलयपुर भाई केशन को राखी बांधने गई थी। देर शाम भाई केशन बहन और भांजे को बाइक में बैठाकर उनके घर जुराखनखेड़ा जा रहा था। उन्नाव-लालगंज हाईवे पर बीघापुर कोतवाली क्षेत्र में सिकंदरपुर कस्बे में सर्विस रोड के पास तेज रफ्तार वाहन बाइक में टक्कर मारते हुए निकल गया। हादसे में निर्मला और उसके बेटे आयुष की मौत हो गई थी, जबकि निर्मला के भाई केशन को गंभीर हालत में कानपुर हैलट में भर्ती कराया था। शनिवार को पुलिस ने मां-बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराया, रिपोर्ट में अधिक खून बहने से दोनों की मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों ने शुक्लागंज में अंतिम संस्कार किया। शाम को उधर शाम को केशन की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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बीघापुर सीओ मधुप नाथ मिश्रा ने बताया कि घायल भाई किशन की भी मौत हो गई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दुलारी का एक साल में उजड़ गया सुहाग
बीघापुर। हादसे में मृत किशन कुमार का एक साल पहले विवाह हुआ था। पति की मौत से रामदुलारी बेहाल है। बताया कि सास, ससुर और एक दिव्यांग भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। पति की मौत से वह बेसहारा हो गई हैं। बताया कि पति खेती करते थे और खेती में काम न होने पर काम करने मुंबई भी जाते थे। पिछले आठ महीने से वह यहीं घर पर ही थे। (संवाद)
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छह साल का मासूम पूछता रहा, मामा के यहां से कब आएगी मां
शुक्लागंज। सड़क हादसे में मृत मां-बेटे का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे तो परिजन बेहाल हो गए। पति बसंत भी फफक कर रोए। होनी का हवाला देकर रिश्तेदार बार-बार शांत कराते रहे। जेठ कुंदन ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही निर्मला के छोटे बेटे छह साल के छुटक्के का जन्मदिन भी था। वह शुक्रवार सुबह ही छोला भिगोने के बाद, बड़े बेटे को साथ लेकर मायके गईं थीं। लेकिन शाम को उनकी मौत की सूचना मिली। मासूम छुटक्के भी बार-बार मां को याद करके रो रहा है। वह लोगों से पूछता रहा कि मां, मामा के यहां से कब आएंगी। (संवाद)