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Unnao News: हत्या में एक साल से फरार 50 हजार के इनामी को एसटीएफ ने पुणे से पकड़ा
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फोटो-36 इनामी हत्यारोपी रफीक। स्रोत: पुलिस
अचलगंज। अखलाख नगर निवासी युवक की हत्या कर शव अचलगंज थाना क्षेत्र के सिटी ड्रेन में फेंकने की घटना में एक साल से फरार चल रहे तीसरे हत्यारोपी को एसटीएफ ने पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 50 हजार का इनाम था। काफी समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, आरोपी को जेल भेजा गया है।
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के अखलाख नगर निवासी इमरान उर्फ काले (30) की सात जुलाई 2025 को हत्या कर शव अचलगंज थाना क्षेत्र के सिटी ड्रेन के दलदल में फेंका गया था। हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने जब मृतक के परिजनों से संपर्क किया तो पता चला था कि सात जुलाई की रात नौ बजे बदरका के तुरकिया निवासी फरमान उर्फ चुन्ना और वहीं के रहने वाले रफीक उसे बाइक पर बिठाकर कर्मी बिजलामऊ ले गए थे। पुलिस ने फरमान से पूछताछ की तो उसने बताया था कि इमरान की पत्नी शीबा उसकी प्रेमिका है। उसी के कहने पर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने फरमान और शीबा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रफीक घटना के बाद से फरार था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन कुछ पता न चलने पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। पुलिस के साथ एसओजी और एसटीएफ भी गिरफ्तारी में लगी थीं।
आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस
एसओ एसएन त्रिपाठी ने बताया कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए परिवार के सभी नंबर सर्विलांस पर लगे थे। रफीक की पत्नी से नहीं बनती थी। इस कारण उसके नंबर पर बात नहीं करता था, लेकिन बच्चों से बहुत प्यार करता था। इस कारण वह रायबरेली में रहने वाले साले के नंबर पर फोन कर बच्चों से बात करता था। फिर नंबर बंद कर देता था। कड़ी मशक्कत के बाद पता चला कि वह महाराष्ट्र के पुणे की एक कंपनी में वाहन चलाता है। वह कर्मचारियों को लाता और ले जाता है। पूरी जानकारी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के अखलाख नगर निवासी इमरान उर्फ काले (30) की सात जुलाई 2025 को हत्या कर शव अचलगंज थाना क्षेत्र के सिटी ड्रेन के दलदल में फेंका गया था। हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने जब मृतक के परिजनों से संपर्क किया तो पता चला था कि सात जुलाई की रात नौ बजे बदरका के तुरकिया निवासी फरमान उर्फ चुन्ना और वहीं के रहने वाले रफीक उसे बाइक पर बिठाकर कर्मी बिजलामऊ ले गए थे। पुलिस ने फरमान से पूछताछ की तो उसने बताया था कि इमरान की पत्नी शीबा उसकी प्रेमिका है। उसी के कहने पर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने फरमान और शीबा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रफीक घटना के बाद से फरार था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन कुछ पता न चलने पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। पुलिस के साथ एसओजी और एसटीएफ भी गिरफ्तारी में लगी थीं।
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आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस
एसओ एसएन त्रिपाठी ने बताया कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए परिवार के सभी नंबर सर्विलांस पर लगे थे। रफीक की पत्नी से नहीं बनती थी। इस कारण उसके नंबर पर बात नहीं करता था, लेकिन बच्चों से बहुत प्यार करता था। इस कारण वह रायबरेली में रहने वाले साले के नंबर पर फोन कर बच्चों से बात करता था। फिर नंबर बंद कर देता था। कड़ी मशक्कत के बाद पता चला कि वह महाराष्ट्र के पुणे की एक कंपनी में वाहन चलाता है। वह कर्मचारियों को लाता और ले जाता है। पूरी जानकारी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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