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सहारनपुर में मारे गए शहजाद के परिजनों ने एनकाउंटर को बताया फर्जी
Mon, 27 May 2019 12:03 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Mon, 27 May 2019 12:03 AM IST
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शहजाद के घर के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में गागलहेड़ी क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में खतौली निवासी बदमाश शहजाद के मारे जाने से परिवार में कोहराम मच गया। शहजाद फिलहाल बड़ौत में रह रहा था, जबकि पूरा परिवार खतौली के भूड़ क्षेत्र में रहता है। शहजाद एक माह पूर्व ही अपने परिवार से मिलने के खतौली आया था। परिजनों ने कहा कि शहजाद का खतौली में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए जांच कराने की बात कही है।
मुठभेड़ में मरने वाले शहजाद के पिता अलाउद्दीन मूलरुप से थाना ककरौली के गांव टंढेड़ा के रहने वाले हैं। करीब 20 वर्ष पूर्व अलाउद्दीन अपने परिवार के साथ खतौली भूड़ क्षेत्र में बाग बस्ती में बस गया था। यह परिवार अभी तक किराए के मकान में रहकर गुजर बसर कर रहा है। शहजाद अपने चार बहन भाइयों में सबसे बड़ा था।
छोटा भाई इंतजार प्रेशर कूकर ठीक करने का काम करता है, जबकि उससे छोटा भाई नौशाद बैटरी गलाने वाली भट्ठी पर काम करता है। बहन समीना की शादी हो चुकी है। शहजाद का पहला निकाह शामली में हुआ था। पहली पत्नी से लड़की हुई जिसका नाम मुस्कान है। पहली पत्नी को छोड़ने के बाद उसने दूसरा निकाह खानाबदोश परिवार की युवती से कर लिया था।
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दूसरी पत्नी से लड़का शाहिद और लड़की इकरा, खुशबू है। परिजनों ने बताया कि शहजाद पिछले कई सालों से बड़ौत में दूसरी पत्नी व बच्चों के साथ रह रहा था। शहजाद बड़ौत में रहकर मजदूरी करता था, जबकि उसकी पहली पत्नी का बेटा शाहिद अपने दादा व दादी के साथ खतौली में रहता है। परिजनों ने बताया शहजाद के एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी व्हाट्सएप पर मेसेज से मोहल्ले के युवकों से मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शहजाद का शव लेने रविवार दोपहर को सहारनपुर के लिए निकल गए।
सहारनपुर में खतौली के रहने वाले बदमाश शहजाद का पुलिस मुठभेड़ में एनकाउंटर हुआ है। जांच पड़ताल में पता चला कि बदमाश पिछले काफी समय से बाहर रहा रहा था। मारे गए बदमाश का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है - हरसरन शर्मा, इंस्पेक्टर, खतौली।
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मुठभेड़ में मरने वाले शहजाद के पिता अलाउद्दीन मूलरुप से थाना ककरौली के गांव टंढेड़ा के रहने वाले हैं। करीब 20 वर्ष पूर्व अलाउद्दीन अपने परिवार के साथ खतौली भूड़ क्षेत्र में बाग बस्ती में बस गया था। यह परिवार अभी तक किराए के मकान में रहकर गुजर बसर कर रहा है। शहजाद अपने चार बहन भाइयों में सबसे बड़ा था।
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छोटा भाई इंतजार प्रेशर कूकर ठीक करने का काम करता है, जबकि उससे छोटा भाई नौशाद बैटरी गलाने वाली भट्ठी पर काम करता है। बहन समीना की शादी हो चुकी है। शहजाद का पहला निकाह शामली में हुआ था। पहली पत्नी से लड़की हुई जिसका नाम मुस्कान है। पहली पत्नी को छोड़ने के बाद उसने दूसरा निकाह खानाबदोश परिवार की युवती से कर लिया था।
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दूसरी पत्नी से लड़का शाहिद और लड़की इकरा, खुशबू है। परिजनों ने बताया कि शहजाद पिछले कई सालों से बड़ौत में दूसरी पत्नी व बच्चों के साथ रह रहा था। शहजाद बड़ौत में रहकर मजदूरी करता था, जबकि उसकी पहली पत्नी का बेटा शाहिद अपने दादा व दादी के साथ खतौली में रहता है। परिजनों ने बताया शहजाद के एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी व्हाट्सएप पर मेसेज से मोहल्ले के युवकों से मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शहजाद का शव लेने रविवार दोपहर को सहारनपुर के लिए निकल गए।
सहारनपुर में खतौली के रहने वाले बदमाश शहजाद का पुलिस मुठभेड़ में एनकाउंटर हुआ है। जांच पड़ताल में पता चला कि बदमाश पिछले काफी समय से बाहर रहा रहा था। मारे गए बदमाश का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है - हरसरन शर्मा, इंस्पेक्टर, खतौली।