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जेल में खूनी संघर्ष, दस बंदी घायल
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 08 May 2016 12:40 AM IST
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खूनी संघर्ष के बाद जेल में पहुंची फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में वर्चस्व की जंग को लेकर शनिवार रात बंदियों में खूनी संघर्ष हो गया। इसमें कई बंदीरक्षकों को दौड़ाकर पीटा गया। एक डिप्टी जेलर को भागकर जान बचानी पड़ी। संघर्ष में दस बंदी लहूलुहान हो गए। सूचना पर डीएम और एसएसपी भारी फोर्स के साथ जेल पहुंचे। बाहर से पहुंची फोर्स ने जेल में बंदियों पर जमकर लाठियां भांजी और तब हालात पर कुछ काबू पाया गया।
अधिकारियों ने जेल के अंदर ही बंदियों का उपचार कराया। देर रात तक अधिकारी कारागर में ही डटे हुए थे। वहीं देर रात डीआईजी जेल वीके शेखर जिला कारागार पहुंचे और जेल अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। वहीं डीआईजी जेल ने घायल बंदियों से भी पूछताछ की।
शामली के कुख्यात मुकीम काला के भाई वसीम और साथी अकबर के बीच तितरवाड़ा निवासी फुरकान की कई दिनों से टशन चल रही थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। लेकिन उस समय जेल प्रशासन ने पीएसी से लाठियां भांजकर मामले को दबा दिया था।
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शनिवार रात फिर से फुरकान और अकबर पक्ष के बंदियों में फिर से वर्चस्व को लेकर मारपीट हो गई। बैरक नंबर 17ए और 18बी में दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लाठियों, सरियों और कट्टन से वार किए गए। ईंट पत्थर बरसाए गए।
संघर्ष के बीच दो बंदी रक्षकों को भी बंदियों ने घेरकर पीटना शुरू कर दिया। एक बंदीरक्षक की गर्दन पर कट्टन से वार कर उसे घायल कर दिया। बंदीरक्षक को बचाने पहुंचे डिप्टी जेलर को भी वहां से भागकर जान बचानी पड़ी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जेल का सायरन बजा दिया गया। बवाल में अकबर, फुरकान, वसीम, सन्नवर सहित 10 बंदी घायल हो गए। जेल अधीक्षक ने बवाल की सूचना डीएम डीके सिंह और एसएसपी केबी सिंह को दी। भारी फोर्स केे साथ अधिकारी कारागार पहुंचे।
बवाल करने वाले बंदियों पर भांजी लाठियां
शहर के कोतवाली, सिविल लाइन, नई मंडी, छपार थाना पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच और पीएसी की टीमों ने कारागार में पहुंचकर बवाल कर रहे बंदियों पर जमकर लाठियां भांजी। लाठीचार्ज होने पर बंदियों ने कुछ देर तो फोर्स का सामना किया, लेकिन फोर्स ज्यादा होने के कारण बंदियों को शांत होना पड़ा।
डीएम ने अपनी मौजूदगी में सभी बंदियों को बैरकों में बंद कराया और चिकित्सकों को बुलवाकर घायल बंदियों को जेल के अंदर ही उपचार दिलाया। देर रात तक आला अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ कारागार में ही डटे रहे। एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि जेल में बंदियों के दो गुटों में संघर्ष हो गया था। फोर्स को भेजकर कंट्रोल कर लिया गया है। दो बंदी घायल हुए हैं, उनका उपचार कराया जा रहा है।
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अधिकारियों ने जेल के अंदर ही बंदियों का उपचार कराया। देर रात तक अधिकारी कारागर में ही डटे हुए थे। वहीं देर रात डीआईजी जेल वीके शेखर जिला कारागार पहुंचे और जेल अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। वहीं डीआईजी जेल ने घायल बंदियों से भी पूछताछ की।
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शामली के कुख्यात मुकीम काला के भाई वसीम और साथी अकबर के बीच तितरवाड़ा निवासी फुरकान की कई दिनों से टशन चल रही थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। लेकिन उस समय जेल प्रशासन ने पीएसी से लाठियां भांजकर मामले को दबा दिया था।
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शनिवार रात फिर से फुरकान और अकबर पक्ष के बंदियों में फिर से वर्चस्व को लेकर मारपीट हो गई। बैरक नंबर 17ए और 18बी में दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लाठियों, सरियों और कट्टन से वार किए गए। ईंट पत्थर बरसाए गए।
संघर्ष के बीच दो बंदी रक्षकों को भी बंदियों ने घेरकर पीटना शुरू कर दिया। एक बंदीरक्षक की गर्दन पर कट्टन से वार कर उसे घायल कर दिया। बंदीरक्षक को बचाने पहुंचे डिप्टी जेलर को भी वहां से भागकर जान बचानी पड़ी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जेल का सायरन बजा दिया गया। बवाल में अकबर, फुरकान, वसीम, सन्नवर सहित 10 बंदी घायल हो गए। जेल अधीक्षक ने बवाल की सूचना डीएम डीके सिंह और एसएसपी केबी सिंह को दी। भारी फोर्स केे साथ अधिकारी कारागार पहुंचे।
बवाल करने वाले बंदियों पर भांजी लाठियां
शहर के कोतवाली, सिविल लाइन, नई मंडी, छपार थाना पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच और पीएसी की टीमों ने कारागार में पहुंचकर बवाल कर रहे बंदियों पर जमकर लाठियां भांजी। लाठीचार्ज होने पर बंदियों ने कुछ देर तो फोर्स का सामना किया, लेकिन फोर्स ज्यादा होने के कारण बंदियों को शांत होना पड़ा।
डीएम ने अपनी मौजूदगी में सभी बंदियों को बैरकों में बंद कराया और चिकित्सकों को बुलवाकर घायल बंदियों को जेल के अंदर ही उपचार दिलाया। देर रात तक आला अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ कारागार में ही डटे रहे। एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि जेल में बंदियों के दो गुटों में संघर्ष हो गया था। फोर्स को भेजकर कंट्रोल कर लिया गया है। दो बंदी घायल हुए हैं, उनका उपचार कराया जा रहा है।