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Prayagraj News: एचआरआई परिसर में फिर दिखा तेंदुआ, दहशत
Thu, 08 Oct 2026 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:08 AM IST
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झूंसी के हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के पाथ वे पर टहलता तेंदुआ। स्रोत : वीडियोग्रैब
- फोटो : Samvad
छतनाग वार्ड में स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान (एचआरआई) परिसर में बुधवार की भोर एक बार फिर तेंदुआ दिखाई दिया। तड़के करीब साढ़े तीन बजे संस्थान के पोस्ट नंबर एक के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ पाथवे पर टहलता हुआ साफ दिखाई दिया। सीसीटीवी में स्पष्ट रूप से दिखाई देने से वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और सुरक्षाकर्मियों में दहशत का माहौल है।
सुरक्षाकर्मियों ने इसकी जानकारी संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सेन को दी। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। तेंदुए के परिसर में होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एचआरआई पहुंची।
उप वन क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने संस्थान परिसर के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाया। परिसर में मौजूद घने जंगल, झाड़ियों और आसपास के हिस्सों को खंगाला गया, लेकिन कई घंटे की तलाश के बाद भी तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल सका। तेंदुए के लगातार परिसर में बने रहने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने संभावित रास्ते और आवाजाही वाले स्थानों को भी चिह्नित किया। इसके बाद घने जंगल के भीतर एक और पिंजरा लगाया गया।
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छह महीने पहले निदेशक की कार के आगे कूदा था तेंदुआ
एचआरआई परिसर में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले 14 मई की रात तेंदुआ संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सेन की कार के आगे अचानक कूद गया था। अचानक तेंदुए को सामने देखकर परिसर में हलचल मच गई थी। तेंदुए के दोबारा दिखाई देने के बाद एचआरआई प्रशासन ने परिसर में रहने वाले वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और अन्य कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
एक साल दो महीने से परिसर में डेरा डाले है तेंदुआ
वन विभाग के अनुसार, संस्थान में पहली बार 12 अक्तूबर 2025 को तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए की निगरानी और उसे पकड़ने के लिए परिसर में पांच नाइट विजन कैमरे और चार पिंजरे लगाए थे। इसके बावजूद तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया।
झूंसी से सैदाबाद तक कितने तेंदुए? वन विभाग भी बेखबर
25 किलोमीटर के दायरे में लगातार दिख रहे तेंदुए से दहशत
सैदाबाद से हनुमानगंज और झूंसी तक करीब 25 किलोमीटर के दायरे में पिछले डेढ़ साल से तेंदुए की मौजूदगी लगातार ग्रामीणों और शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। इस साल जनवरी में झूंसी के छिबैया गांव से एक तेंदुआ पकड़ा भी जा चुका है। आखिर इस पूरे क्षेत्र में कितने तेंदुए घूम रहे हैं। इसका स्पष्ट जवाब वन विभाग के अफसरों के पास भी नहीं है। चार दिन पहले हनुमानगंज में तेंदुआ दिखने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
वन विभाग बोला, एक ही तेंदुआ, लगातार बदल रहा ठिकाना
फूलपुर के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि क्षेत्र में एक ही तेंदुआ है, जो लगातार अपना स्थान बदल रहा है। उन्होंने मंगलवार रात हनुमानगंज में तेंदुआ देखे जाने की बात से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि एचआरआई परिसर के भीतर तेंदुआ मौजूद है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।
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सुरक्षाकर्मियों ने इसकी जानकारी संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सेन को दी। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। तेंदुए के परिसर में होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एचआरआई पहुंची।
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उप वन क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने संस्थान परिसर के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाया। परिसर में मौजूद घने जंगल, झाड़ियों और आसपास के हिस्सों को खंगाला गया, लेकिन कई घंटे की तलाश के बाद भी तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल सका। तेंदुए के लगातार परिसर में बने रहने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने संभावित रास्ते और आवाजाही वाले स्थानों को भी चिह्नित किया। इसके बाद घने जंगल के भीतर एक और पिंजरा लगाया गया।
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छह महीने पहले निदेशक की कार के आगे कूदा था तेंदुआ
एचआरआई परिसर में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले 14 मई की रात तेंदुआ संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सेन की कार के आगे अचानक कूद गया था। अचानक तेंदुए को सामने देखकर परिसर में हलचल मच गई थी। तेंदुए के दोबारा दिखाई देने के बाद एचआरआई प्रशासन ने परिसर में रहने वाले वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और अन्य कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
एक साल दो महीने से परिसर में डेरा डाले है तेंदुआ
वन विभाग के अनुसार, संस्थान में पहली बार 12 अक्तूबर 2025 को तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए की निगरानी और उसे पकड़ने के लिए परिसर में पांच नाइट विजन कैमरे और चार पिंजरे लगाए थे। इसके बावजूद तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया।
झूंसी से सैदाबाद तक कितने तेंदुए? वन विभाग भी बेखबर
25 किलोमीटर के दायरे में लगातार दिख रहे तेंदुए से दहशत
सैदाबाद से हनुमानगंज और झूंसी तक करीब 25 किलोमीटर के दायरे में पिछले डेढ़ साल से तेंदुए की मौजूदगी लगातार ग्रामीणों और शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। इस साल जनवरी में झूंसी के छिबैया गांव से एक तेंदुआ पकड़ा भी जा चुका है। आखिर इस पूरे क्षेत्र में कितने तेंदुए घूम रहे हैं। इसका स्पष्ट जवाब वन विभाग के अफसरों के पास भी नहीं है। चार दिन पहले हनुमानगंज में तेंदुआ दिखने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
वन विभाग बोला, एक ही तेंदुआ, लगातार बदल रहा ठिकाना
फूलपुर के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि क्षेत्र में एक ही तेंदुआ है, जो लगातार अपना स्थान बदल रहा है। उन्होंने मंगलवार रात हनुमानगंज में तेंदुआ देखे जाने की बात से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि एचआरआई परिसर के भीतर तेंदुआ मौजूद है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।