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विकास के खिलाफ दो ही मामले दर्ज मिले, तीन मुकदमे सिटी कोतवाली पर दर्ज कराए
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:10 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर विकास का शव लेने पहुंचे उसके पिता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रोहाना के पास मंगलवार शाम को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार के इनामी बदमाश विकास के खिलाफ पुलिस को अभी तक मात्र दो ही मुकदमे दर्ज मिले हैं। दोनों की मुकदमे मेरठ के थानों में दर्ज हैं। मुठभेड़ के बाद यहां सिटी कोतवाली पर पुलिस ने उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज कर किए हैं।
पुलिस ने मंगलवार शाम रोहाना के पास हुई मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी बदमाश विकास पुत्र इंद्रपाल निवासी गांव खांजापुर को ढेर किया था, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया था। पुलिस ने बताया कि यह मेरठ में 24 जनवरी को परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरका में हुए मां-बेटे के डबल मर्डर की घटना में वांछित था।
बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिल कर सोहरका के भोलू उर्फ बलविंदर और उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या की थी। इसी मामले मेें आईजी मेरठ जोन ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। रात से ही पुलिस विकास का आपराधिक इतिहास जुटा रही थी। उसके खिलाफ केवल दो मुकदमे दर्ज मिले, वो भी मेरठ के हैं, जिनमें हाल में डबल मर्डर का मुकदमा परतापुर थाने का तथा दूसरा 2016 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में दर्ज मिला।
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मुठभेड़ के बाद पुलिस ने यहां सिटी कोतवाली में उसके खिलाफ तीन मुकदमे पुलिस मुठभेड़, दो पिस्टल मिलने और संदिग्ध बाइक बरामद होने के दर्ज किए हैं। मुठभेड़ का मुकदमा एसओ सिखेड़ा मनोज चौधरी की ओर से दर्ज कराया गया। बताया गया कि एसओ सिखेड़ा मंगलवार शाम को धंधेड़ा पुलिस पर गश्त पर थे, तभी सूचना मिली कि मेरठ में हुए डबल मर्डर का आरोपी विकास अपने साथी के साथ बाइक से आ रहा है।
पुलिस ने घेराबंदी की तो बाइक सवार आते दिखाए दिए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। बाइक सवार बच कर भाग निकले। एसओ ने पुलिस बल के साथ बाइक सवारों को पीछा करते हुए कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब बीस किलोमीटर पीछा करने के बाद सिखेड़ा एसओ मनोज चौधरी और शहर कोतवाली पुलिस ने रोहाना के पास बदमाशों को घेर लिया।
मुठभेड़ में एसआई विनय शर्मा और कांस्टेबल अमित कुमार घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक बदमाश को मार गिराया, जबकि दूसरा फरार हो गया। मृतक बदमाश की पहचान 50 हजार के इनामी विकास के रुप में हुई। उसके पास से .32 बोर के दो पिस्टल, कारतूस, एक संदिग्ध काली पल्सर बाइक बरामद हुई।
पोस्टमार्टम के बाद शव पिता को सौंपा
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने रात्रि में ही मृतक विकास के परिजनों को बुला कर शव की पहचान करा ली थी। बुधवार को एसडीएम सदर ने शव का पंचनामा भरा। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान उसका पिता इंद्रपाल और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उसके पिता को सौंप दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में खांजापुर गांव में शव का दाह संस्कार किया गया।
तीन गोली मिली
मुजफ्फरनगर। पोस्टमार्टम में विकास के शरीर से तीन गोली निकली। एक गोली सिर में, दूसरी गर्दन में और तीसरे सीने में लगी थी।
बेटे को अधिकारी बनाना चाहता था पिता इंद्रपाल
विकास का पिता चाहता था कि बेटा पढ़-लिखकर अधिकारी बने, लेकिन बेटा बदमाश बन गया। पिता इंद्रपाल ने बचपन में हरियाणा के सोनीपत और करनाल के हॉस्टल में विकास को पढ़ाई के लिए भेजा था। पांच वर्ष की उम्र में विकास की माता उर्मिला की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। दो बहनों का वह इकलौता भाई था।
बुधवार को जटमुझेड़ा स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पिता इंद्रपाल ने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला की बीमारी के कारण पहले ही मौत हो चुकी थी। उसके तीन बच्चों में बेटी पूजा, ममतेश (दोनों शादीशुदा) और बेटा विकास था। विकास दोनों बहनों के बीच का था।
इंद्रपाल का दुख था कि उसने कभी यह नहीं सोचा था कि उसका बेटा बदमाश बन जाएगा। बचपन में ही अच्छी पढ़ाई और संस्कार के लिए विकास को हरियाणा के सोनीपत और करनाल के हॉस्टल में भेज दिया था। कक्षा 12वीं की पढ़ाई के बाद उसने ठेकेदारी का कार्य शुरू किया था।
हाल में विकास वहलना चौक के पास एक फैक्ट्री में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पिता ने बताया कि दस पहले वह गांव आया था, इसके बाद से वह उसके संपर्क में भी नहीं था। इंद्रपाल शामली जिले के झिंझाना के गांव बढ़ी माजरा के मूल निवासी है, जो किसी कारण से यहां सिटी कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पर स्थित गांव खांजापुर आकर बस गए थे।
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पुलिस ने मंगलवार शाम रोहाना के पास हुई मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी बदमाश विकास पुत्र इंद्रपाल निवासी गांव खांजापुर को ढेर किया था, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया था। पुलिस ने बताया कि यह मेरठ में 24 जनवरी को परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरका में हुए मां-बेटे के डबल मर्डर की घटना में वांछित था।
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बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिल कर सोहरका के भोलू उर्फ बलविंदर और उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या की थी। इसी मामले मेें आईजी मेरठ जोन ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। रात से ही पुलिस विकास का आपराधिक इतिहास जुटा रही थी। उसके खिलाफ केवल दो मुकदमे दर्ज मिले, वो भी मेरठ के हैं, जिनमें हाल में डबल मर्डर का मुकदमा परतापुर थाने का तथा दूसरा 2016 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में दर्ज मिला।
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मुठभेड़ के बाद पुलिस ने यहां सिटी कोतवाली में उसके खिलाफ तीन मुकदमे पुलिस मुठभेड़, दो पिस्टल मिलने और संदिग्ध बाइक बरामद होने के दर्ज किए हैं। मुठभेड़ का मुकदमा एसओ सिखेड़ा मनोज चौधरी की ओर से दर्ज कराया गया। बताया गया कि एसओ सिखेड़ा मंगलवार शाम को धंधेड़ा पुलिस पर गश्त पर थे, तभी सूचना मिली कि मेरठ में हुए डबल मर्डर का आरोपी विकास अपने साथी के साथ बाइक से आ रहा है।
पुलिस ने घेराबंदी की तो बाइक सवार आते दिखाए दिए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। बाइक सवार बच कर भाग निकले। एसओ ने पुलिस बल के साथ बाइक सवारों को पीछा करते हुए कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब बीस किलोमीटर पीछा करने के बाद सिखेड़ा एसओ मनोज चौधरी और शहर कोतवाली पुलिस ने रोहाना के पास बदमाशों को घेर लिया।
मुठभेड़ में एसआई विनय शर्मा और कांस्टेबल अमित कुमार घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक बदमाश को मार गिराया, जबकि दूसरा फरार हो गया। मृतक बदमाश की पहचान 50 हजार के इनामी विकास के रुप में हुई। उसके पास से .32 बोर के दो पिस्टल, कारतूस, एक संदिग्ध काली पल्सर बाइक बरामद हुई।
पोस्टमार्टम के बाद शव पिता को सौंपा
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने रात्रि में ही मृतक विकास के परिजनों को बुला कर शव की पहचान करा ली थी। बुधवार को एसडीएम सदर ने शव का पंचनामा भरा। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान उसका पिता इंद्रपाल और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उसके पिता को सौंप दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में खांजापुर गांव में शव का दाह संस्कार किया गया।
तीन गोली मिली
मुजफ्फरनगर। पोस्टमार्टम में विकास के शरीर से तीन गोली निकली। एक गोली सिर में, दूसरी गर्दन में और तीसरे सीने में लगी थी।
बेटे को अधिकारी बनाना चाहता था पिता इंद्रपाल
विकास का पिता चाहता था कि बेटा पढ़-लिखकर अधिकारी बने, लेकिन बेटा बदमाश बन गया। पिता इंद्रपाल ने बचपन में हरियाणा के सोनीपत और करनाल के हॉस्टल में विकास को पढ़ाई के लिए भेजा था। पांच वर्ष की उम्र में विकास की माता उर्मिला की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। दो बहनों का वह इकलौता भाई था।
बुधवार को जटमुझेड़ा स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पिता इंद्रपाल ने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला की बीमारी के कारण पहले ही मौत हो चुकी थी। उसके तीन बच्चों में बेटी पूजा, ममतेश (दोनों शादीशुदा) और बेटा विकास था। विकास दोनों बहनों के बीच का था।
इंद्रपाल का दुख था कि उसने कभी यह नहीं सोचा था कि उसका बेटा बदमाश बन जाएगा। बचपन में ही अच्छी पढ़ाई और संस्कार के लिए विकास को हरियाणा के सोनीपत और करनाल के हॉस्टल में भेज दिया था। कक्षा 12वीं की पढ़ाई के बाद उसने ठेकेदारी का कार्य शुरू किया था।
हाल में विकास वहलना चौक के पास एक फैक्ट्री में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पिता ने बताया कि दस पहले वह गांव आया था, इसके बाद से वह उसके संपर्क में भी नहीं था। इंद्रपाल शामली जिले के झिंझाना के गांव बढ़ी माजरा के मूल निवासी है, जो किसी कारण से यहां सिटी कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पर स्थित गांव खांजापुर आकर बस गए थे।