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गैंगवार में हुई थी डेयरी संचालक सुशील उर्फ चीकू की हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:03 AM IST
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सुशील हत्याकांड का खुलासा करते एसएसपी अनंतदेव तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
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नई मंडी के गांधी कॉलोनी पचैंडा रोड पर अक्तूबर 2017 में हुई डेयरी संचालक सुशील उर्फ चीकू की हत्या सुशील मूंछ और संजीव जीवा के बीच चल रही गैंगवार में हुई थी। पुलिस ने हत्या के नौ माह बाद सुशील मूंछ गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।
पुलिस ने बताया कि सुशील उर्फ चीकू कुख्यात संजीव जीवा का खास गुर्गा था, जो काफी समय से जरायम की दुनिया को छोड़ने का मन बना चुका था और डेयरी चला रहा था। पुलिस ने चीकू हत्याकांड में सुशील मूंछ व उसके बेटे मंजीत उर्फ टोनी को भी 120-बी (हत्या की साजिश रचने का मुजरिम बनाया है।
नई मंडी पुलिस ने बुधवार देर रात एक सूचना के आधार पर सहावली कट के पास से हत्या में शामिल मंसूरपुर के गांव हुसैनपुर बोपाड़ा निवासी संजय पुत्र रामपाल, करन वत्स पुत्र नरेश वत्स निवासी द्वारिकापुरी व मनोज उर्फ लंगड़ा पुत्र किशनपाल निवासी गांव पीनना को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल व कारतूस-खोखे बरामद किए गए हैं।
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एसएसपी अनंत देव ने पुलिस लाइन के सभागार मेें इस खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में पचैंडा रोड, गांधी कालोनी में 16 अक्तूबर 2017 को दूध डेयरी पर बैठे सुशील उर्फ चीकू की दिन निकलते ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
अज्ञात में मामले को दर्ज कराया गया था। एसएसपी ने बताया कि सुशील उर्फ चीकू की हत्या संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच चल रही गैंगवार का नतीजा थी। चीकू कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का खास गुर्गा था, जिसने वर्ष 2007 में जीवा के इशारे पर अन्य साथियों के साथ मिलकर हरिद्वार में सुशील मूंछ के एक गुर्गे की हत्या कर दी थी। इसी रंजिश में चीकू की हत्या की गई।
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में पांच शूटर शामिल थे, हत्या की जिम्मेदारी सुशील मूंछ ने अपने खास गुर्गे मनोज उर्फ लंगड़ा को सौंपी थी, जिसने संजय, करन वत्स, संकेत व दीपक गिरि गोस्वामी को इसमें शामिल किया। घटना वाले दिन एक बाइक पर संकेत शर्मा व दीपक गिरि गोस्वामी व दूसरी बाइक पर करन वत्स व संजय बैठे थे।
चारों शूटर सीधे पचैंडा रोड स्थित पारस डेयरी पर पहुंचे और वहां बैठे सुशील उर्फ चीकू को पिस्टल से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारकर फरार हो गए। सुशील उर्फ चीकू की मौत की सूचना मनोज उर्फ लंगड़ा ने अगले दिन मंजीत उर्फ टोनी को दी थी। एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली नई मंडी थाना पुलिस की हौसला अफजाई भी की है।
एनकाउंटर में मारा जा चुका एक शूटर
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि चीकू की हत्या को अंजाम देने वाला सुशील मूंछ गैंग का एक गुर्गा दीपक गिरि गोस्वामी पिछले दिनों बागपत जनपद में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। हत्याकांड में शामिल एक अन्य शूटर संकेत शर्मा अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
युवक पर तमंचा तान जेल चला गया था मूंछ का बेटा
मुजफ्फरनगर। सुशील मूंछ और उसके बेटे टोनी ने ऐसी साजिश रची थी कि चीकू की हत्या किसी भी एंगल से गैंगवार न प्रतीत हो। एसएसपी ने बताया कि कुछ साल से सुशील उर्फ चीकू जरायम की दुनिया से तौबा कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की कोशिशों में लगा हुआ था। उसने शहर के बाहरी हिस्से में पचैंडा रोड पर दुकान किराए पर लेकर पारस दूध की डेयरी खोल ली थी। वह खुद ही दुकान पर बैठकर कामकाज करता था।
सुशील मूंछ गैंग को उस पर मुखबिरी का संदेह था। जिसके चलते उसकी हत्या की साजिश रची गई। हत्या में किसी भी तरह से मूंछ व टोनी का नाम न आए, इसके लिए टोनी ने घटना से करीब एक पखवाड़े पूर्व शहर के शहीद बचनसिंह चौक के निकट स्थित सीओ ऑफिस के सामने एक राहगीर से जान-बूझकर झगड़ा किया और उस पर पिस्टल तान दी।
जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। मंजीत उर्फ टोनी को सरेराह युवक पर पिस्टल तानते देख सिविल लाइंस थाने में तैनात एक दरोगा ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस जांच में आरोपी बाप-बेटे की साजिश का भंडाफोड़ हो गया। ब्यूरो
हरिद्वार की जमीन को लेकर शुरू हुई थी अदावत
कुख्यात संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच अदावत वर्ष 2007 में हरिद्वार की एक बेशकीमती जमीन को लेकर शुरू हुई थी। उसी वर्ष संजीव जीवा ने उक्त जमीन पर कब्जा करने वाले सुशील मूंछ के खास गुर्गे की हत्या सुशील उर्फ चीकू से करा दी थी। इसके बाद उक्त जमीन की देखभाल करने वाले युवक पर भी जीवा गैंग ने दो बार कातिलाना हमला किया गया था, जिसमें एक बेगुनाह युवक की मौत हो गई थी।
उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार में स्थित करोड़ों की एक जमीन पर कब्जे को लेकर कुख्यात संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच अदावत शुरू हुई थी। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि मंसूरपुर के गांव सोंटा निवासी हरवीर राठी हरिद्वार में रोडवेज बस अड्डे की यूनियन का अध्यक्ष था और उसने हरवीर राठी ने सुशील मूंछ से मिलकर हरिद्वार क्षेत्र स्थित बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था।
इसी जमीन पर संजीव जीवा की भी नजर थी, उसने वर्ष 2007 में सुशील उर्फ चीकू, अंकित उर्फ टोनी, नागेंद्र ब्रह्मचारी, इंद्र शर्मा, अंकित मलिक व अनुज त्यागी से हरवीर राठी की दिनदहाड़े हत्या करा दी थी। हरवीर की हत्या के बाद जमीन की देखभाल सुभाष सैनी नामक युवक करने लगा था, जीवा ने वर्ष 2012 में उस पर भी अपने शूटर चंदन से कातिलाना हमला करा दिया था।
इस हमले में सुभाष सैनी बाल-बाल बच गया था। इसके बाद जीवा गैंग द्वारा वर्ष 2017 में दोबारा सुभाष सैनी पर कातिलाना हमला किया गया, जिसमें सुभाष के पास खड़े एक बेगुनाह युवक अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की मौत हो गई थी, लेकिन सुभाष इस बार भी बच निकला था।
इस हमले में 50 हजार के इनामी शाहरूख उर्फ पठान, विवेक ठाकुर, मनोज उर्फ मुजाहिद के खिलाफ हरिद्वार में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सुशील उर्फ चीकू से हरवीर राठी की हत्या को लेकर सुशील मूंछ व उसका बेटा टोनी पहले से उससे रंजिश रखते थे और उस पर मुखबिरी का शक करने लगे थे। उसकी हत्या करा दी थी।
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पुलिस ने बताया कि सुशील उर्फ चीकू कुख्यात संजीव जीवा का खास गुर्गा था, जो काफी समय से जरायम की दुनिया को छोड़ने का मन बना चुका था और डेयरी चला रहा था। पुलिस ने चीकू हत्याकांड में सुशील मूंछ व उसके बेटे मंजीत उर्फ टोनी को भी 120-बी (हत्या की साजिश रचने का मुजरिम बनाया है।
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नई मंडी पुलिस ने बुधवार देर रात एक सूचना के आधार पर सहावली कट के पास से हत्या में शामिल मंसूरपुर के गांव हुसैनपुर बोपाड़ा निवासी संजय पुत्र रामपाल, करन वत्स पुत्र नरेश वत्स निवासी द्वारिकापुरी व मनोज उर्फ लंगड़ा पुत्र किशनपाल निवासी गांव पीनना को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल व कारतूस-खोखे बरामद किए गए हैं।
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एसएसपी अनंत देव ने पुलिस लाइन के सभागार मेें इस खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में पचैंडा रोड, गांधी कालोनी में 16 अक्तूबर 2017 को दूध डेयरी पर बैठे सुशील उर्फ चीकू की दिन निकलते ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
अज्ञात में मामले को दर्ज कराया गया था। एसएसपी ने बताया कि सुशील उर्फ चीकू की हत्या संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच चल रही गैंगवार का नतीजा थी। चीकू कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का खास गुर्गा था, जिसने वर्ष 2007 में जीवा के इशारे पर अन्य साथियों के साथ मिलकर हरिद्वार में सुशील मूंछ के एक गुर्गे की हत्या कर दी थी। इसी रंजिश में चीकू की हत्या की गई।
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में पांच शूटर शामिल थे, हत्या की जिम्मेदारी सुशील मूंछ ने अपने खास गुर्गे मनोज उर्फ लंगड़ा को सौंपी थी, जिसने संजय, करन वत्स, संकेत व दीपक गिरि गोस्वामी को इसमें शामिल किया। घटना वाले दिन एक बाइक पर संकेत शर्मा व दीपक गिरि गोस्वामी व दूसरी बाइक पर करन वत्स व संजय बैठे थे।
चारों शूटर सीधे पचैंडा रोड स्थित पारस डेयरी पर पहुंचे और वहां बैठे सुशील उर्फ चीकू को पिस्टल से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारकर फरार हो गए। सुशील उर्फ चीकू की मौत की सूचना मनोज उर्फ लंगड़ा ने अगले दिन मंजीत उर्फ टोनी को दी थी। एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली नई मंडी थाना पुलिस की हौसला अफजाई भी की है।
एनकाउंटर में मारा जा चुका एक शूटर
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि चीकू की हत्या को अंजाम देने वाला सुशील मूंछ गैंग का एक गुर्गा दीपक गिरि गोस्वामी पिछले दिनों बागपत जनपद में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। हत्याकांड में शामिल एक अन्य शूटर संकेत शर्मा अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
युवक पर तमंचा तान जेल चला गया था मूंछ का बेटा
मुजफ्फरनगर। सुशील मूंछ और उसके बेटे टोनी ने ऐसी साजिश रची थी कि चीकू की हत्या किसी भी एंगल से गैंगवार न प्रतीत हो। एसएसपी ने बताया कि कुछ साल से सुशील उर्फ चीकू जरायम की दुनिया से तौबा कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की कोशिशों में लगा हुआ था। उसने शहर के बाहरी हिस्से में पचैंडा रोड पर दुकान किराए पर लेकर पारस दूध की डेयरी खोल ली थी। वह खुद ही दुकान पर बैठकर कामकाज करता था।
सुशील मूंछ गैंग को उस पर मुखबिरी का संदेह था। जिसके चलते उसकी हत्या की साजिश रची गई। हत्या में किसी भी तरह से मूंछ व टोनी का नाम न आए, इसके लिए टोनी ने घटना से करीब एक पखवाड़े पूर्व शहर के शहीद बचनसिंह चौक के निकट स्थित सीओ ऑफिस के सामने एक राहगीर से जान-बूझकर झगड़ा किया और उस पर पिस्टल तान दी।
जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। मंजीत उर्फ टोनी को सरेराह युवक पर पिस्टल तानते देख सिविल लाइंस थाने में तैनात एक दरोगा ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस जांच में आरोपी बाप-बेटे की साजिश का भंडाफोड़ हो गया। ब्यूरो
हरिद्वार की जमीन को लेकर शुरू हुई थी अदावत
कुख्यात संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच अदावत वर्ष 2007 में हरिद्वार की एक बेशकीमती जमीन को लेकर शुरू हुई थी। उसी वर्ष संजीव जीवा ने उक्त जमीन पर कब्जा करने वाले सुशील मूंछ के खास गुर्गे की हत्या सुशील उर्फ चीकू से करा दी थी। इसके बाद उक्त जमीन की देखभाल करने वाले युवक पर भी जीवा गैंग ने दो बार कातिलाना हमला किया गया था, जिसमें एक बेगुनाह युवक की मौत हो गई थी।
उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार में स्थित करोड़ों की एक जमीन पर कब्जे को लेकर कुख्यात संजीव जीवा व सुशील मूंछ के बीच अदावत शुरू हुई थी। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि मंसूरपुर के गांव सोंटा निवासी हरवीर राठी हरिद्वार में रोडवेज बस अड्डे की यूनियन का अध्यक्ष था और उसने हरवीर राठी ने सुशील मूंछ से मिलकर हरिद्वार क्षेत्र स्थित बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था।
इसी जमीन पर संजीव जीवा की भी नजर थी, उसने वर्ष 2007 में सुशील उर्फ चीकू, अंकित उर्फ टोनी, नागेंद्र ब्रह्मचारी, इंद्र शर्मा, अंकित मलिक व अनुज त्यागी से हरवीर राठी की दिनदहाड़े हत्या करा दी थी। हरवीर की हत्या के बाद जमीन की देखभाल सुभाष सैनी नामक युवक करने लगा था, जीवा ने वर्ष 2012 में उस पर भी अपने शूटर चंदन से कातिलाना हमला करा दिया था।
इस हमले में सुभाष सैनी बाल-बाल बच गया था। इसके बाद जीवा गैंग द्वारा वर्ष 2017 में दोबारा सुभाष सैनी पर कातिलाना हमला किया गया, जिसमें सुभाष के पास खड़े एक बेगुनाह युवक अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की मौत हो गई थी, लेकिन सुभाष इस बार भी बच निकला था।
इस हमले में 50 हजार के इनामी शाहरूख उर्फ पठान, विवेक ठाकुर, मनोज उर्फ मुजाहिद के खिलाफ हरिद्वार में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सुशील उर्फ चीकू से हरवीर राठी की हत्या को लेकर सुशील मूंछ व उसका बेटा टोनी पहले से उससे रंजिश रखते थे और उस पर मुखबिरी का शक करने लगे थे। उसकी हत्या करा दी थी।