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सुजडू चुंगी ढाबे पर 45 मिनट रहा फरार बंदी        

Wed, 14 Dec 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 14 Dec 2016 12:20 AM IST
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Escaped prisoner
क्राइम लोगो।
पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए मुंतलिब की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम ने कई जगहों पर दबिश दी है। आरोपी और उसकी ड्यूटी में तैनात सिपाहियों की फुटेज सुजडू चुंगी स्थित ढाबे पर मिली है। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लिया है। ढाबे पर बंदी से मिलने कुछ युवक भी पहुंचे थे।        
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पीलीभीत कारागार से जनपद में तारीख पर आया बंदी वापसी के दौरान दौराला और खतौली के बीच सोमवार को फरार हो गया था। बंदी की तलाश में मेरठ और मुजफ्फरनगर की क्राइम ब्रांच टीम जुटी है। रात में पुरकाजी से बंदी के चाचा को सीओ सदर ने हिरासत में लेकर परिवार की रिश्तेदारियों के बारे में पूछताछ  की थी, बताया गया है कि बाकी परिवार एक दिन पहले ही घर छोड़कर चला गया था।

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शातिर की तलाश में पुलिस ने हापुड़, उत्तराखंड के देहरादून, दिल्ली और हरियाणा में दबिश दी है। फिलहाल पुलिस को शातिर के बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उधर, पुलिस को शातिर की एक ढाबे पर सीसीटीवी कैमरे में फुटेज मिली है। सूत्रों की मानें तो मुुंतलिब शहर कोतवाली के सुजडू चुंगी के पास स्थित ढाबे पर दो सिपाहियों के साथ सोमवार को करीब साढ़े तीन बजे पहुंचा और करीब 45 मिनट वहां रहा।

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इस दौरान सिपाही खाने-पीने में जुटे रहे और बदमाश से मिलने उसके कुछ साथी वहां पहुंचे। ढाबे पर रहने के दौरान बंदी फोन पर किसी से बात करता नजर आ रहा है और आराम से इधर-उधर घूम रहा है। मेरठ पुलिस सीसीटीवी फुटेज ले गई है।       

 

भाकियू नेता ने लगाई सुरक्षा की गुहार      
मुजफ्फरनगर। फरार बंदी मुंतलिब से सबसे ज्यादा खतरा पुरकाजी निवासी भाकियू नेता जहीर फारुकी एडवोकेट को है। वर्ष 2012 में एडवोकेट के घर पर साथियों के साथ हमला कर मुंतलिब ने डबल मर्डर की घटना को अंजाम दिया था। वारदात में दो अन्य लोग घायल हुए थे। हत्याकांड के वादी और चश्मदीद गवाह जहीर फारुकी ने अफसरों से फरार बंदी से अपनी जान को खतरा बताया है। अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए पीड़ित को एक सिपाही उपलब्ध करा दिया है, जबकि वादी का कहना है कि एक सिपाही की सुरक्षा कम है।      

पुलिस को चार शातिरों की तलाश, 19 माह में जनपद से जुड़े चार बदमाश हैं फरार                  
जनपद के शातिरों के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 19 माह के भीतर चार शातिर बदमाश पुलिस कस्टडी से फरार हो चुके हैं। छह जनपदों की पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है, लेकिन कोई कामयाबी मिलती नजर नहीं आ रही है।    
              
जिले के शातिर जैसे चाहे वैसे पुलिस लापरवाही का फायदा उठाकर फरार हो रहे हैं। पहले तो शातिरों को पकड़ना पुलिस के लिए हमेशा सिरदर्द बना रहता है। किसी तरह से बदमाश को पकड़कर जेल भेजा जाता है तो शातिर पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर किए कराए पर पानी फेर देते हैं। चार ऐसे शातिर फरार चल रहे हैं, जिनका जनपद से कुछ न कुछ जुड़ाव है। 28 मई 2015 को जेल में बंद भभीसा निवासी अजेंद्र पीलिया की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सिपाहियों को चकमा देकर कार से फरार हो गया था।



18 अप्रैल 2016 को शहर निवासी शाहरुख को हरदोई पुलिस कचहरी में तारीख पर लाई थी। वापस जाने के दौरान रोडवेज के पास से शातिर फरार हो गया था। अक्तूबर में छपार के दतियाना निवासी रुचिन गाजियाबाद से पुलिसकर्मियों को धोखा देकर भाग गया था। 12 दिसंबर को पुरकाजी निवासी मुंतलिब दौराला के पास पुलिस सुरक्षा को धता बताकर भाग गया। तीन शातिरों से विपक्षियों की जान को खतरा है। चारों आरोपियों के बारे में अभी तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।                   

शाहरुख और मुंतलिब कर सकते हैं वारदात                  
मुजफ्फरनगर। पुलिस अभिरक्षा से फरार दो शातिर शाहरुख और मुंतलिब कहीं बाहर एक दूसरे से मिलकर गैंग के सदस्यों को इकट्ठा कर सकते हैं। दोनों अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए जिले में बड़ी वारदात कर सकते हैं। शाहरुख के परिजन तो शहर से अपनी सारी प्रॉपर्टी बेचकर कहीं दूसरे शहर जा चुके हैं। अगले कुछ दिन पुलिस पर भारी पड़ने वाले हैं।                    

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