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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Permission obtained for a new Eid Milad-un-Nabi procession by misleading authorities has been revoked.

Budaun News: गुमराह कर ईद मिलादुन्नबी के नए जुलूस की ली गई अनुमति निरस्त

Tue, 25 Aug 2026 01:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:31 AM IST
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Permission obtained for a new Eid Milad-un-Nabi procession by misleading authorities has been revoked.
सैदपुर (बदायूं)। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर नई परंपरा शुरू करने की कोशिश की गई। ईदगाह के इमाम वाकिफ अली अशरफी ने आवेदन कर परंपरागत रूट पर दूसरा जुलूस निकालने की अनुमति ले ली। वर्षों से जुलूस निकालने वाले पक्ष ने इसकी शिकायत की। इस पर एसडीएम ने सीओ से जांच कराई। जांच में तथ्यों को छुपाकर अनुमति लेने की बात सामने आई। इस पर एसडीएम ने अनुमति निरस्त कर दी है। इस मामले में पुलिस ने ईदगाह के इमाम व उनके शिक्षक भाई समेत 150 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की है।
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ईद मिलादुन्नबी का जुलूस 26 अगस्त को प्रस्तावित है। सैदपुर थाने के रिकॉर्ड के अनुसार, जुलूस के आयोजक सन् 1970 से अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा के सदर जाहिद हुसैन नूरी चले आ रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में जुलूस निकलता आ रहा है। उधर, नई परंपरा शुरू करने के मकसद से जुलूस की अनुमति के लिए ईदगाह इमाम वाकिफ अली के नाम से उनके भाई शिक्षक आतिफ अली अशरफी ने आवेदन कर अनुमति ले ली।
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उन पर आरोप है कि थाने के अभिलेखों में दर्ज रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर आवेदन किया गया था। जब दूसरे पक्ष से जुलूस के आयोजक ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई तो मामले का खुलासा हुआ। बिसौली के एसडीएम ने जांच कराई तो पता चला कि अनुमति लेते समय परंपरा से संबंधित तथ्य स्पष्ट ही नहीं किए गए थे। इसके बाद इसे निरस्त कर दिया गया।
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जुलूस के आयोजन की दावेदारी करने वाले दोनों पक्षों के करीब 150 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये मुचलके में पाबंद कर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।






नए व्यक्ति ने आवेदन कर तथ्यों को छुपाकर अनुमति ले ली थी, जबकि थाने के रिकॉर्ड में 1970 से जो जुलूस निकालते आ रहे हैं, उनका ही नाम दर्ज है। ऐसे में नए व्यक्ति द्वारा ली गई अनुमति निरस्त कर दी गई है। नई परंपरा शुरू होने नहीं दी जाएगी। - अंशुमन श्रीवास्तव, सीओ







अनुमति लेने वाले ईदगाह इमाम वाकिफ अली और उनके भाई सरकारी शिक्षक आतिफ अली अशरफी की प्रक्रिया में दखलअंदाजी की जांच की जाएगी। अनुमति के लिए पुलिस को गुमराह करने की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई भी होगी। - डॉ. हृदेश कठेरिया, एसपी देहात







सीओ की जांच आख्या पर पूर्व में दी गई अनुमति निरस्त कर दी गई है। जुलूस पूर्ववत परंपरागत मार्गों पर ही निकाला जाएगा। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। नई परंपरा शुरू करने नहीं दी जाएगी। - प्रियंका गोयल, एसडीएम बिसौली











जुलाई में भी कस्बा का माहौल बिगाड़ने के हुए थे प्रयास



कस्बा में जुलाई में कुछ लोगों ने कस्बे का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के केस में पीड़ित संप्रदाय वालों की दुकानों से सामान न खरीदने का प्रचार कराया गया था। तब पीड़ित के पक्ष में उतरे लोगों ने मामले की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला खत्म कराया था।
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