{"_id":"57e431824f1c1b3e34a837da","slug":"cbi-investigation-requested","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई जांच की मांग को लेकर थाने का घेराव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीबीआई जांच की मांग को लेकर थाने का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 23 Sep 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
घटनास्थल के पास लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंसूरपुर के ग्रामीणों ने गांव घासीपुरा मेें पुलिस पर तीन युवकों का मारने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया। इस दौरान थाने में मृतक युवक के परिजनों व कुछ अधिवक्ताओं की इंस्पेक्टर के साथ काफी नोकझोंक हुई।
अधिवक्ताओं का आरोप था कि बुधवार की रात को युवकों को मारने के बावजूद अभी तक पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं की गई है। मौके पर पहुंचे भाजपा व रालोद नेताओं ने इस कांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की तथा दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। भाजपा नेता नितिन मलिक, रालोद नेता एवं जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, रालोद के युवा नेता विकास बालियान के साथ मृतक गौरव के परिजनों, अधिवक्ताओं और ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया।
गौरव के चाचा अजय कुमार एडवोकेट के साथी अधिवक्ताओं ने पुलिस पर एनकाउंटर करने के बाद भी अभी तक पोस्टमार्टम करने की कागजी कार्रवाई जानबूझ कर पूरी नहीं करने का आरोप लगाया। इस दौरान अधिवक्ताओं व मृतक गौरव के परिजनों की इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल के साथ काफी नोकझोंक हुई। भाजपा नेताओं व रालोद कार्यकर्ताओं के साथ आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पुलिस ने बुधवार की रात को घासीपुरा में तीनों युवकों का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। इस पूरी कांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। लोगों का कहना था कि इस कांड में दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जाए और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
लोगों ने पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई जानबूझ कर पूरी नहीं करने का भी आरोप लगाया। थाने में एकत्र लोगों का यहां तक कहना था कि जब तक इस कांड का पूरी तरह से खुलासा नहीं होगा वे चुप नहीं बैठेंगे।
इसके बाद लोगों के बीच में भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी, भाजपा नेता िनतिन मलिक और रालोद नेता संजय राठी पहुंच गए। उनको समझाने पहुंचे इंस्पेक्टर अमरेश बघेल की लोगों से तीखी नोकझोंक हुई। लोगों का गुस्सा देख इंस्पेक्टर थाना छोड़कर भाग गए। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी मौके पर पहंुचे।
गुस्साए लोगों ने उनसे बघेल को बर्खास्त करने और उन पर कार्रवाई करने की मांग की। एसपी ने लोगों का अश्वासन देकर समझाने की कोशिश की। लेकिन लोग जिद पर ही अड़े रहे। देर रात तक उनका धरना जारी रहा।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं का आरोप था कि बुधवार की रात को युवकों को मारने के बावजूद अभी तक पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं की गई है। मौके पर पहुंचे भाजपा व रालोद नेताओं ने इस कांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की तथा दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। भाजपा नेता नितिन मलिक, रालोद नेता एवं जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, रालोद के युवा नेता विकास बालियान के साथ मृतक गौरव के परिजनों, अधिवक्ताओं और ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया।
विज्ञापन
गौरव के चाचा अजय कुमार एडवोकेट के साथी अधिवक्ताओं ने पुलिस पर एनकाउंटर करने के बाद भी अभी तक पोस्टमार्टम करने की कागजी कार्रवाई जानबूझ कर पूरी नहीं करने का आरोप लगाया। इस दौरान अधिवक्ताओं व मृतक गौरव के परिजनों की इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल के साथ काफी नोकझोंक हुई। भाजपा नेताओं व रालोद कार्यकर्ताओं के साथ आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पुलिस ने बुधवार की रात को घासीपुरा में तीनों युवकों का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। इस पूरी कांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। लोगों का कहना था कि इस कांड में दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जाए और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
लोगों ने पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की कागजी कार्रवाई जानबूझ कर पूरी नहीं करने का भी आरोप लगाया। थाने में एकत्र लोगों का यहां तक कहना था कि जब तक इस कांड का पूरी तरह से खुलासा नहीं होगा वे चुप नहीं बैठेंगे।
इसके बाद लोगों के बीच में भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी, भाजपा नेता िनतिन मलिक और रालोद नेता संजय राठी पहुंच गए। उनको समझाने पहुंचे इंस्पेक्टर अमरेश बघेल की लोगों से तीखी नोकझोंक हुई। लोगों का गुस्सा देख इंस्पेक्टर थाना छोड़कर भाग गए। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी मौके पर पहंुचे।
गुस्साए लोगों ने उनसे बघेल को बर्खास्त करने और उन पर कार्रवाई करने की मांग की। एसपी ने लोगों का अश्वासन देकर समझाने की कोशिश की। लेकिन लोग जिद पर ही अड़े रहे। देर रात तक उनका धरना जारी रहा।