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चुनाव में सिर दर्द बने अवैध शस्त्र, हथियार पकड़ने के लिए पुलिस की मशक्कत 

अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 21 Jan 2017 12:24 AM IST
हथियार
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चुनावों में झगड़ों के दौरान बूथों पर होने वाली फायरिंग में हमेेशा अवैध शस्त्रों के इस्तेमाल की बात सामने आती रही हैं। विधान सभा चुनावों में पुलिस को अवैध शस्त्र पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जनपद में 20 थानों की पुलिस दिन रात तमंचे रखने और बनाने वालों की धरपकड़ में जुटी है। आचार संहिता लगने के बाद पुलिस जनपद में तमंचे बनाने की दो फैक्ट्रियों को पकड़ चुकी है। 80 तमंचे बरामद किए जा चुके हैं। फिर भी ये नहीं कहा जा सकता कि मतदान के दौरान कोई बात होने पर अवैध शस्त्रों का इस्तेमाल नहीं होगा।      
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वेस्ट में बदमाश हो या अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित व्यक्ति, कोई भी अपनी रक्षा के लिए तमंचा रखने से परहेज नहीं करता। मतदान के दिन पोलिंग बूथों पर होने वाले झगड़ों में अवैध शस्त्रों के रूप में तमंचों का इस्तेमाल होता आया है। प्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रथम चरण में वेस्ट के ही जिलों में मतदान होना है। अवैध शस्त्रों को पकड़ने को लेकर आयोग ने पुलिस को सख्त आदेश दिए हैं।

पुलिस ने भी इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए आचार संहिता के बाद बुढ़ाना के जौला और शाहपुर के काकड़ा के जंगलों से तमंचे बनाने की दो फैक्ट्रियों को पकड़ा। इस दौरान टीम ने वहां से तमंचों के अलावा एक बंदूक और रिवाल्वर भी बरामद किया।  चार जनवरी से लगी आचार संहिता के बाद से पुलिस जनपद के 20 थानों से अभी तक 80 तमंचे कारतूसों के साथ बरामद कर चुकी है। दर्जनों लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

बरामदगी  के बाद भी यह दावा नहीं किया जा सकता कि किसी भी थाना क्षेत्र में अब तमंचे नहीं मिल सकते। कार्रवाई की बात करें तो सबसे ज्यादा शहर कोतवाली पुलिस ने 12 तमंचे और पुरकाजी, ककरौली, फुगाना, मीरापुर और भौराकलां थानों ने सबसे कम एक-एक तमंचा पकड़ा है। इनके अलावा खतौली, सिखेड़ा और सिविल लाइन थाने ने तो एक भी तमंचा नहीं पकड़ा है।    
        
तमंचे का पश्चिम में खासा चलन    
       
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी में देसी तमंचे का चलन इस कदर है कि रात लिंक मार्गों पर लूट करने वाले बदमाश, डकैती और चोरी करने वाले लुटेरे वारदातों में  इसका खूब इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों की माने तो 312 बोर का तमंचा 1800 से दो हजार और 315 बोर का 2500 से तीन हजार की बीच अच्छा तमंचा मिल जाता है। कम पैसों में और बिना किसी कागजात के इस अवैध शस्त्र को लोग आसानी से अपने पास रखते हैं।            
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