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फैक्टरी पर फायरिंग के मामले में आरोपी है मोनू
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फैक्टरी पर फायरिंग के मामले में आरोपी है मोनू
मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली में पुलिस दबिश के दौरान हार्टअटैक से मरे मदनपाल के बेटे मोनू के खिलाफ वर्ष 2013 में कातिलाना हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेजा था। उस पर भोपा रोड स्थित एक फैक्टरी में फायरिंग करने का आरोप था। बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि इसके बाद पुलिस ने उसे गुंडा एक्ट में निरुद्ध कर दिया था। 18 नवंबर को पुलिस ने उसे छह माह के लिए जिलाबदर कर दिया था। उधर, परिजनों का कहना है कि मोनू को वर्ष 2013 में गांव की रंजिश में फर्जी मामले में फंसाया गया था, जिस पर बाद में गुंडा एक्ट भी लगा दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई शुरू की थी, जिसके विरोध में वह कोर्ट चला गया था, जहां से उसे छह माह के लिए मुचलका बांड भरवाकर राहत दे दी गई थी। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि मोनू को नवंबर-18 में छह माह के लिए जिलाबदर किया गया था, जिसकी अभी एक माह की अवधि शेष है। एसएसपी ने मोनू को कोर्ट से किसी तरह की राहत मिलने की बात भी खारिज की है।
पद पर बने रहेंगे नई मंडी कोतवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली में दबिश के दौरान ग्रामीण की मौत और उसके बाद हुए घंटों बवाल के बाद मोनू की तहरीर पर धारा 304-ए, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह व गांधीनगर चौकी प्रभारी एसआई अजय कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंडी इंस्पेक्टर के पद से हटने की चर्चाएं रहीं। हालांकि एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने ऐसी किसी संभावना पर विराम लगाते हुए बताया कि मदनपाल की मौत हार्टअटैक से हुई है। तहरीर के आधार पर धारा 304-ए (एक्सीडेंटल डेथ) में मामला दर्ज किया गया है। ऐसे में इंस्पेक्टर को पद से हटाने का कोई औचित्य नहीं है। मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली में पुलिस दबिश के दौरान हार्टअटैक से मरे मदनपाल के बेटे मोनू के खिलाफ वर्ष 2013 में कातिलाना हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेजा था। उस पर भोपा रोड स्थित एक फैक्टरी में फायरिंग करने का आरोप था। बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि इसके बाद पुलिस ने उसे गुंडा एक्ट में निरुद्ध कर दिया था। 18 नवंबर को पुलिस ने उसे छह माह के लिए जिलाबदर कर दिया था। उधर, परिजनों का कहना है कि मोनू को वर्ष 2013 में गांव की रंजिश में फर्जी मामले में फंसाया गया था, जिस पर बाद में गुंडा एक्ट भी लगा दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई शुरू की थी, जिसके विरोध में वह कोर्ट चला गया था, जहां से उसे छह माह के लिए मुचलका बांड भरवाकर राहत दे दी गई थी। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि मोनू को नवंबर-18 में छह माह के लिए जिलाबदर किया गया था, जिसकी अभी एक माह की अवधि शेष है। एसएसपी ने मोनू को कोर्ट से किसी तरह की राहत मिलने की बात भी खारिज की है।
पद पर बने रहेंगे नई मंडी कोतवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मखियाली में दबिश के दौरान ग्रामीण की मौत और उसके बाद हुए घंटों बवाल के बाद मोनू की तहरीर पर धारा 304-ए, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह व गांधीनगर चौकी प्रभारी एसआई अजय कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंडी इंस्पेक्टर के पद से हटने की चर्चाएं रहीं। हालांकि एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने ऐसी किसी संभावना पर विराम लगाते हुए बताया कि मदनपाल की मौत हार्टअटैक से हुई है। तहरीर के आधार पर धारा 304-ए (एक्सीडेंटल डेथ) में मामला दर्ज किया गया है। ऐसे में इंस्पेक्टर को पद से हटाने का कोई औचित्य नहीं है। मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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