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भांजे ही निकले मामा के कातिल
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:24 PM IST
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)।
चार महीने पहले हुए मोमीन हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मोमीन का हत्यारोपी कोई और नहीं उसका भांजा ही निकला। पुलिस ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट मृतक के भांजे ने ही दर्ज कराई थी। अविवाहित मामा की संपत्ति हड़पने को उसके ही भांजों ने हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी भांजों जावेद और अरबाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से आला-ए कत्ल चाकू बरामद किया गया है।
कस्बे के मोहल्ला तीरग्रान में एक फरवरी 2018 को युवक मोमीन पुत्र शब्बीर की गर्दन कटी लाश उसके मकान से मिली थी। मृतक के भांजे किदवईनगर थाना कोतवाली नगर निवासी जावेद ने चरथावल थाने में काला और दिलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन एसओ जीसी शर्मा ने मामले को संदिग्ध मानकर तफ्तीश की। असली कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरी के जरिये हत्या के पीछे की हकीकत तलाश की। पूरी तफ्तीश में चार महीने बीत गए। पुलिस ने मोमीन हत्याकांड का जो खुलासा किया है, वह चौंकाने वाला है। मामा की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाला सगा भांजा जावेद और उसका भाई अरबाज ही कातिल निकले। थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने बताया कि मुजफ्फरनगर कोतवाली नगर क्षेत्र के किदवईनगर निवासी जावेद और अरबाज पुत्र शहजाद का मामा मोमीन अकेला कस्बे में रहता था। उसके मकान को भांजों ने हड़पने की नियत से हत्या की साजिश रच दी। योजनाबद्ध तरीके से हत्यारोपी पहली रात मामा के घर पहुंचे और उसकी गला रेतकर निर्ममता से हत्या कर दी। हत्यारोपियों के पास से पुलिस ने चाकू बरामद किया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया है। एसओ के मुताबिक प्रापर्टी को लेकर मोमीन की अपनी बहन और आरोपियों की मां से भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी।
-मोबाइल घर पर छोड़ आए थे आरोपी
चरथावल। पुलिस के खुलासे में सामने आया है कि भांजों ने हत्या की साजिश शातिर तरीके से बनाया। शहर के किदवई नगर निवास पर अपने मोबाइल फोन छोड़ दिए, ताकि लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। कस्बे में आकर हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों फरार हो गए। पुलिस को एक ऐसा शख्स मिला, जिसने घटना की रात दोनों को कस्बे में मोमीन के मकान में जाते वक्त देखा था।
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झूठी कहानी पर लिखाई गई थी रिपोर्ट
चरथावल। मोमीन मर्डर केस में वादी जावेद ने जो एफआईआर दर्ज कराई थी, उसकी पूरी कहानी झूठी थी। मुकदमे में नामजद किया गया काला मृतक मोमीन के साथ शहद बेचता था। मृतक के एक महिला से अनैतिक संबंधों को लेकर काला और उसके दोस्त दिलावर की मोमीन से दुश्मनी थी। यहीं वजह थी कि उन्होंने हत्या कर दी। पुलिस ने अपनी तफ्तीश में झूठे केस का पर्दाफाश कर दिया।
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चार महीने पहले हुए मोमीन हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मोमीन का हत्यारोपी कोई और नहीं उसका भांजा ही निकला। पुलिस ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट मृतक के भांजे ने ही दर्ज कराई थी। अविवाहित मामा की संपत्ति हड़पने को उसके ही भांजों ने हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी भांजों जावेद और अरबाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से आला-ए कत्ल चाकू बरामद किया गया है।
कस्बे के मोहल्ला तीरग्रान में एक फरवरी 2018 को युवक मोमीन पुत्र शब्बीर की गर्दन कटी लाश उसके मकान से मिली थी। मृतक के भांजे किदवईनगर थाना कोतवाली नगर निवासी जावेद ने चरथावल थाने में काला और दिलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन एसओ जीसी शर्मा ने मामले को संदिग्ध मानकर तफ्तीश की। असली कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरी के जरिये हत्या के पीछे की हकीकत तलाश की। पूरी तफ्तीश में चार महीने बीत गए। पुलिस ने मोमीन हत्याकांड का जो खुलासा किया है, वह चौंकाने वाला है। मामा की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाला सगा भांजा जावेद और उसका भाई अरबाज ही कातिल निकले। थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने बताया कि मुजफ्फरनगर कोतवाली नगर क्षेत्र के किदवईनगर निवासी जावेद और अरबाज पुत्र शहजाद का मामा मोमीन अकेला कस्बे में रहता था। उसके मकान को भांजों ने हड़पने की नियत से हत्या की साजिश रच दी। योजनाबद्ध तरीके से हत्यारोपी पहली रात मामा के घर पहुंचे और उसकी गला रेतकर निर्ममता से हत्या कर दी। हत्यारोपियों के पास से पुलिस ने चाकू बरामद किया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया है। एसओ के मुताबिक प्रापर्टी को लेकर मोमीन की अपनी बहन और आरोपियों की मां से भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी।
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-मोबाइल घर पर छोड़ आए थे आरोपी
चरथावल। पुलिस के खुलासे में सामने आया है कि भांजों ने हत्या की साजिश शातिर तरीके से बनाया। शहर के किदवई नगर निवास पर अपने मोबाइल फोन छोड़ दिए, ताकि लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। कस्बे में आकर हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों फरार हो गए। पुलिस को एक ऐसा शख्स मिला, जिसने घटना की रात दोनों को कस्बे में मोमीन के मकान में जाते वक्त देखा था।
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झूठी कहानी पर लिखाई गई थी रिपोर्ट
चरथावल। मोमीन मर्डर केस में वादी जावेद ने जो एफआईआर दर्ज कराई थी, उसकी पूरी कहानी झूठी थी। मुकदमे में नामजद किया गया काला मृतक मोमीन के साथ शहद बेचता था। मृतक के एक महिला से अनैतिक संबंधों को लेकर काला और उसके दोस्त दिलावर की मोमीन से दुश्मनी थी। यहीं वजह थी कि उन्होंने हत्या कर दी। पुलिस ने अपनी तफ्तीश में झूठे केस का पर्दाफाश कर दिया।