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Unnao News: एक्सप्रेसवे पर कार में लगी आग, झुलसकर भाई की मौत, बहन गंभीर
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फोटो-5- अभिरूप (फाइल फोटो)।
औरास (उन्नाव)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गहाखेड़ा गांव के पास शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे तेज रफ्तार कार आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। इससे कार में आग लग गई। कार में भाई-बहन फंस गए। प्राइवेट बस के चालक ने कार के शीशे तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। भाई की झुलसने से मौत हो गई जबकि बहन की हालत गंभीर है। हादसे वाली लेन पर करीब एक घंटे यातायात प्रभावित रहा।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के थाना पीयर के हरपुर गांव निवासी अभिरूप कुमार (24) देहरादून की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाली बड़ी बहन दीक्षा (26) को लिवाने गया था। शुक्रवार की रात दोनों कार से घर के लिए निकले थे। कार अभिरूप चला रहा था। दीक्षा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर औरास थाना के गहाखेड़ा गांव के पास अभिरूप को झपकी आने से कार आगे चल रहे वाहन में टकरा गई। कार को काबू में करने के लिए अभिरूप ने ब्रेक लगाई तो अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। गाड़ी लॉक होने से दोनों कार में फंस गए।
आगरा से लखनऊ जा रही निजी कंपनी की बस के चालक ने कार जलती देखकर गाड़ी रोकी। शीशे तोड़ने के बाद गेट खोलकर दोनों को कार से निकाला और यूपीडा के कंट्रोलरूम नंबर 14449 पर हादसे की सूचना दी। इस पर रेस्क्यू टीम पहुंची और दोनों को एंबुलेंस से लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया। वहां अभिरूप को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दीक्षा का उपचार चल रहा है।
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दीक्षा ने बताया कि अभिरूप इकलौता भाई था और मुजफ्फरपुर में कार की वर्कशॉप चलाता था। वह देहरादून में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। वहां लगातार हो रही बारिश से परिजन चिंतित थे। इस कारण भाई लिवाने आया था। 10 दिन की छुट्टी लेकर वह भाई के साथ कार से घर जा रही थी। तभी हादसा हो गया। औरास थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। घटना की जांच की जा रही है।
भाई-बहन को निकालकर चला गया बस चालक
खुद की जान जोखिम में डालकर भाई-बहन को निकालने, पुलिस और यूपीडा के कंट्रोलरूम को सूचना देने के बाद प्राइवेट बस का चालक वहां से चला गया। लोग बस चालक की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं।
नहीं पहुंची दमकल
हादसे वाले स्थान किलोमीटर संख्या 270 से एक किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे का औरास टोल प्लाजा है। यहां पर एंबुलेंस और दमकल रहती है। सूचना के बाद एंबुलेंस आई और घायलों को लेकर लखनऊ गई, लेकिन दमकल नहीं पहुंची। कार पूरी तरह जल गई और खुद ही आग बुझ गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक लखनऊ जाने वाली लेन का यातायात प्रभावित रहा।
140 किलोमीटर की रफ्तार में थी कार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के वक्त कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तेज रफ्तार कार के वाहन से टकराने के बाद अचानक लगाई गई ब्रेक से निकली चिंगारी आग लगने की वजह मानी जा रही है। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी प्रभात अवस्थी ने बताया कि स्पीड डिटेक्टर कैमरा और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जा रही है।
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के थाना पीयर के हरपुर गांव निवासी अभिरूप कुमार (24) देहरादून की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाली बड़ी बहन दीक्षा (26) को लिवाने गया था। शुक्रवार की रात दोनों कार से घर के लिए निकले थे। कार अभिरूप चला रहा था। दीक्षा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर औरास थाना के गहाखेड़ा गांव के पास अभिरूप को झपकी आने से कार आगे चल रहे वाहन में टकरा गई। कार को काबू में करने के लिए अभिरूप ने ब्रेक लगाई तो अचानक कार में आग लग गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। गाड़ी लॉक होने से दोनों कार में फंस गए।
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आगरा से लखनऊ जा रही निजी कंपनी की बस के चालक ने कार जलती देखकर गाड़ी रोकी। शीशे तोड़ने के बाद गेट खोलकर दोनों को कार से निकाला और यूपीडा के कंट्रोलरूम नंबर 14449 पर हादसे की सूचना दी। इस पर रेस्क्यू टीम पहुंची और दोनों को एंबुलेंस से लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया। वहां अभिरूप को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दीक्षा का उपचार चल रहा है।
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दीक्षा ने बताया कि अभिरूप इकलौता भाई था और मुजफ्फरपुर में कार की वर्कशॉप चलाता था। वह देहरादून में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। वहां लगातार हो रही बारिश से परिजन चिंतित थे। इस कारण भाई लिवाने आया था। 10 दिन की छुट्टी लेकर वह भाई के साथ कार से घर जा रही थी। तभी हादसा हो गया। औरास थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। घटना की जांच की जा रही है।
भाई-बहन को निकालकर चला गया बस चालक
खुद की जान जोखिम में डालकर भाई-बहन को निकालने, पुलिस और यूपीडा के कंट्रोलरूम को सूचना देने के बाद प्राइवेट बस का चालक वहां से चला गया। लोग बस चालक की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं।
नहीं पहुंची दमकल
हादसे वाले स्थान किलोमीटर संख्या 270 से एक किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे का औरास टोल प्लाजा है। यहां पर एंबुलेंस और दमकल रहती है। सूचना के बाद एंबुलेंस आई और घायलों को लेकर लखनऊ गई, लेकिन दमकल नहीं पहुंची। कार पूरी तरह जल गई और खुद ही आग बुझ गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक लखनऊ जाने वाली लेन का यातायात प्रभावित रहा।
140 किलोमीटर की रफ्तार में थी कार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के वक्त कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तेज रफ्तार कार के वाहन से टकराने के बाद अचानक लगाई गई ब्रेक से निकली चिंगारी आग लगने की वजह मानी जा रही है। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी प्रभात अवस्थी ने बताया कि स्पीड डिटेक्टर कैमरा और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जा रही है।

फोटो-5- अभिरूप (फाइल फोटो)।