फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   बच्चे की हत्या में ढाई माह से जेल काट रहा बेकसूर

बच्चे की हत्या में ढाई माह से जेल काट रहा बेकसूर

Thu, 12 Jul 2018 01:12 AM IST
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
बच्चे की हत्या में ढाई माह से जेल काट रहा बेकसूर
मुजफ्फरनगर। रतनपुरी क्षेत्र के गांव मंडावली में करीब ढाई माह पूर्व हुई बच्चे की हत्या में एक बेगुनाह सलाखों के पीछे बंद है। पुलिस ने पहले बेगुनाह युवक को नामजद कराए जाने के चलते हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। जांच मेें बच्चे की हत्या उसी के बड़े भाई द्वारा किए जाने की पुष्टि हो गई थी। उसके बाद भी बेगुनाह युवक जेल में बंद है।
विज्ञापन

रतनपुरी क्षेत्र के गांव मंडावली निवासी जयपाल कश्यप का बेटा राजन (8) विगत 21 अप्रैल को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। 25 अप्रैल को राजन की गांव के जंगल से लाश मिली थी। बेटे की लाश मिलने के बाद जयपाल ने गांव के ही विष्णु गोयल, सोनू उर्फ मनीष व रामकुमार गर्ग के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विष्णु गोयल को जेल भेज दिया था। पुलिस ने राजन हत्याकांड की जांच की तो बच्चे की हत्या उसी के बड़े भाई द्वारा किए जाने का खुलासा हुआ। हत्या के दो माह बाद 25 जून को एसपी देहात अजय कुमार सहदेव ने राजन हत्याकांड में उसके बड़े भाई राजू उर्फ राजकुमार द्वारा वारदात किए जाने का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया था। राजन की हत्या में उसके बड़े भाई की गिरफ्तारी के बाद पूर्व में पुलिस द्वारा महज नामजदगी के आधार पर जेल भेजे गए बेकसूर विष्णु गोयल को जेल से रिहा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन अभी तक उसको बाहर नहीं निकाला जा सका।
विज्ञापन

मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी व वर्तमान पीआरओ एसआई विरेंद्र कसाना ने बताया कि राजन की हत्या में पहले परिजनों के हंगामे के चलते नामजदगी के आधार पर विष्णु को जेल भेज दिया गया था। जांच में हत्या राजन के बड़े भाई राजू द्वारा किए जाने की पुष्टि होने के बाद जेल से विष्णु गोयल को रिहा कराने की प्रक्रिया तभी से शुरू कर दी गई थी। इस बाबत उनके द्वारा दो-तीन बाद रिपोर्ट भी संबंधित अफसर को प्रेषित की जा चुकी है, लेकिन दुर्भाग्यवश तकनीकी कारणों से अब तक भी बेगुनाह की जेल से रिहाई नहीं कराई जा सकी है। स्थानांतरण होने के बावजूद वे बहुत जल्द निजी तौर पर प्राथमिकता के साथ जेल से बेकसूर युवक को रिहा कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed