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भौराखुर्द का अश्वनी हत्याकांड:
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:56 AM IST
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पत्नी और चचेरे भाई को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। अदालत ने भौराखुर्द के अश्वनी हत्याकांड में उसकी पत्नी और चचेरे भाई को हत्या करने के जुर्म में दोषी कराते देते हुए उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। साढे़ तीन साल पहले अनैतिक संबंधों को विरोध करने पर दोनों ने अश्वनी की हत्या कर दी थी। तभी से दोनों जेल में बंद है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना भौराकलां क्षेत्र के गांव भौराखुर्द में अश्वनी की उसकी पत्नी अरुण उर्फ डोली और चचेरे भाई सुमित ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के ताऊ बनारसी दास शर्मा ने भौराकलां थाने पर 15 अप्रैल 2014 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका भतीजा अश्वनी सुबह सात बजे ट्रैक्टर लेकर खेत पर चारा लेने गया था। जब वह नहीं आया तो तलाशने पर खेत में उसकी गोली लगी लाश मिली। तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने विवेचना में पाया कि मृतक अश्वनी की पत्नि अरुणा उर्फ डोली के अनैतिक संबंध मृतक के चचेरे भाई सुमित से थे। जिनको अश्वनी ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और अश्वनी ने सुमित व अरुणा को बुरा भला कहा और भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत दी थी। जिस पर दोनों ने अश्वनी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और देवर-भाभी ने मिलकर अश्वनी की गोली मार कर हत्या कर दी।
पुलिस ने सुमित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा व खोखा कारतूस भी बरामद किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेेंद्र कुमार त्यागी की अदालत संख्या चार में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह ने कोर्ट में 11 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त सुमित व अरुणा उर्फ डोली को धारा 302 का दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना व सुमित को धारा आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने भौराखुर्द के अश्वनी हत्याकांड में उसकी पत्नी और चचेरे भाई को हत्या करने के जुर्म में दोषी कराते देते हुए उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। साढे़ तीन साल पहले अनैतिक संबंधों को विरोध करने पर दोनों ने अश्वनी की हत्या कर दी थी। तभी से दोनों जेल में बंद है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना भौराकलां क्षेत्र के गांव भौराखुर्द में अश्वनी की उसकी पत्नी अरुण उर्फ डोली और चचेरे भाई सुमित ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के ताऊ बनारसी दास शर्मा ने भौराकलां थाने पर 15 अप्रैल 2014 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका भतीजा अश्वनी सुबह सात बजे ट्रैक्टर लेकर खेत पर चारा लेने गया था। जब वह नहीं आया तो तलाशने पर खेत में उसकी गोली लगी लाश मिली। तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने विवेचना में पाया कि मृतक अश्वनी की पत्नि अरुणा उर्फ डोली के अनैतिक संबंध मृतक के चचेरे भाई सुमित से थे। जिनको अश्वनी ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और अश्वनी ने सुमित व अरुणा को बुरा भला कहा और भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत दी थी। जिस पर दोनों ने अश्वनी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और देवर-भाभी ने मिलकर अश्वनी की गोली मार कर हत्या कर दी।
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पुलिस ने सुमित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा व खोखा कारतूस भी बरामद किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेेंद्र कुमार त्यागी की अदालत संख्या चार में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह ने कोर्ट में 11 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त सुमित व अरुणा उर्फ डोली को धारा 302 का दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना व सुमित को धारा आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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