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शुगर मिल समेत 12 उद्योगों के खिलाफ मुकदमों से हड़कंप
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:59 PM IST
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शुगर मिल समेत 12 उद्योगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मुजफ्फरनगर। मेरठ व सहारनपुर जोन की जल प्रदूषण फैलाने वाली 124 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर विशेष न्यायालय प्रदूषण एवं सीबीआई लखनऊ में दर्ज कराए गए मुकदमे में जनपद के भी 12 उद्योग शामिल हैं। इनमें बुढ़ाना में स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल भी है। औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ एनजीटी द्वारा मुकदमे दर्ज कराए जाने से जनपद के उद्योग जगत में हड़कंप मचा हुआ है।
औद्योगिक इकाइयों से होने वाले जल प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कुछ समय पहले कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मेरठ व सहारनपुर जोन के साथ ही गाजियाबाद व नोएडा तक की औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित किया था, जो जल प्रदूषण फैला रहीं थीं। एनजीटी के आदेश पर आठ अक्तूबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विशेष न्यायालय प्रदूषण एवं सीबीआई लखनऊ में 124 उद्योगों के खिलाफ जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण 1972 की धारा 43/44 के तहत मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जिले की औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने से हड़कंप मचा हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ डीसी पांडेय ने बताया कि जिन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, उनमें जनपद की भी 12 औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से बजाज हिंदुस्तान की बुढ़ाना में स्थित शुगर मिल के साथ ही गर्ग डुप्लेक्स, बिंदल डुपलेक्स व उसकी यूनिट वन, एनएस पेपर मिल व उसकी यूनिट वन व यूनिट टू, टिहरी पेपर मिल, केके डुपलेक्स, परिजात पेपर मिल आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उक्त सभी इकाइयों के खिलाफ अब लखनऊ में वाद चलेंगे, जिनमें दोषी पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ जुर्माना व अन्य विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। मेरठ व सहारनपुर जोन की जल प्रदूषण फैलाने वाली 124 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर विशेष न्यायालय प्रदूषण एवं सीबीआई लखनऊ में दर्ज कराए गए मुकदमे में जनपद के भी 12 उद्योग शामिल हैं। इनमें बुढ़ाना में स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल भी है। औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ एनजीटी द्वारा मुकदमे दर्ज कराए जाने से जनपद के उद्योग जगत में हड़कंप मचा हुआ है।
औद्योगिक इकाइयों से होने वाले जल प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कुछ समय पहले कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मेरठ व सहारनपुर जोन के साथ ही गाजियाबाद व नोएडा तक की औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित किया था, जो जल प्रदूषण फैला रहीं थीं। एनजीटी के आदेश पर आठ अक्तूबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विशेष न्यायालय प्रदूषण एवं सीबीआई लखनऊ में 124 उद्योगों के खिलाफ जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण 1972 की धारा 43/44 के तहत मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जिले की औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने से हड़कंप मचा हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ डीसी पांडेय ने बताया कि जिन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, उनमें जनपद की भी 12 औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से बजाज हिंदुस्तान की बुढ़ाना में स्थित शुगर मिल के साथ ही गर्ग डुप्लेक्स, बिंदल डुपलेक्स व उसकी यूनिट वन, एनएस पेपर मिल व उसकी यूनिट वन व यूनिट टू, टिहरी पेपर मिल, केके डुपलेक्स, परिजात पेपर मिल आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उक्त सभी इकाइयों के खिलाफ अब लखनऊ में वाद चलेंगे, जिनमें दोषी पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ जुर्माना व अन्य विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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