{"_id":"59c020c14f1c1b1a688b54ca","slug":"191505763521-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगैर अनुमति लगे हैंडपंपों का भुगतान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बगैर अनुमति लगे हैंडपंपों का भुगतान
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बगैर अनुमति लगे कर दिया हैंडपंपों का भुगतान
मुजफ्फरनगर। बिना अनुमति के लगाए गए हैंडपंपों का जल निगम द्वारा भुगतान करने का मामला प्रकाश में आया है। अचानक लाखों का भुगतान कर दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद सीडीओ ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर दिया है। पूछा गया है कि जो भुगतान किया वह किस मद से किया गया।
जल निगम में हाल ही कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिशासी अभियंता वाईके शर्मा आते ही चर्चाओं में आ गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने चार साल पूर्व सपा सरकार में बिना अनुमति के लगाए गए हैंडपंपों का लाखों का भुगतान कर दिया। इसी के साथ ही एक ऐसा भुगतान भी कर दिया, जिसमें फर्जी बिल बनाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने सीडीओ को बताया कि जल निगम ने अचानक 50 लाख से ज्यादा का भुगतान किया है। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि जानकारी मिली है कि जल निगम में मंसूरपुर, घटायन, मेहलकी पाइप पेयजल योजना का पैसा आया हुआ था। उसका दूसरे मदों में भुगतान कर दिया गया है, ऐसा करना गैरकानूनी है। विभाग को नोटिस जारी किया है, जिसमें तीनों योजनाओं के पैसे के बारे में पूछा गया है।
यह भी पूछा गया है कि बीते 15 दिनों में जो भुगतान हुए हैं, उनकी डिटेल उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में अधिशासी अभियंता वाईके शर्मा का कहना है कि उन्हें याद नहीं है कि उन्होंने कोई ऐसा भुगतान किया हो, जिस पर रोक है। बाकी नोटिस आने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी। रुटीन के भुगतान पर कोई रोक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बिना अनुमति के लगाए गए हैंडपंपों का जल निगम द्वारा भुगतान करने का मामला प्रकाश में आया है। अचानक लाखों का भुगतान कर दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद सीडीओ ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर दिया है। पूछा गया है कि जो भुगतान किया वह किस मद से किया गया।
जल निगम में हाल ही कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिशासी अभियंता वाईके शर्मा आते ही चर्चाओं में आ गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने चार साल पूर्व सपा सरकार में बिना अनुमति के लगाए गए हैंडपंपों का लाखों का भुगतान कर दिया। इसी के साथ ही एक ऐसा भुगतान भी कर दिया, जिसमें फर्जी बिल बनाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने सीडीओ को बताया कि जल निगम ने अचानक 50 लाख से ज्यादा का भुगतान किया है। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि जानकारी मिली है कि जल निगम में मंसूरपुर, घटायन, मेहलकी पाइप पेयजल योजना का पैसा आया हुआ था। उसका दूसरे मदों में भुगतान कर दिया गया है, ऐसा करना गैरकानूनी है। विभाग को नोटिस जारी किया है, जिसमें तीनों योजनाओं के पैसे के बारे में पूछा गया है।
विज्ञापन
यह भी पूछा गया है कि बीते 15 दिनों में जो भुगतान हुए हैं, उनकी डिटेल उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में अधिशासी अभियंता वाईके शर्मा का कहना है कि उन्हें याद नहीं है कि उन्होंने कोई ऐसा भुगतान किया हो, जिस पर रोक है। बाकी नोटिस आने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी। रुटीन के भुगतान पर कोई रोक नहीं है।
विज्ञापन