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गांव सोरम के हैं महाराष्ट्र में पकड़े गए संदिग्ध
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गांव सोरम के हैं महाराष्ट्र में पकड़े गए संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। महाराष्ट्र के अहमदनगर कैंट एरिया में पकड़े गए जिले के दोनों संदिग्ध शाहपुर के गांव सोरम के रहने वाले हैं। दोनों युवकों की उम्र करीब 22 वर्ष के आसपास है, जो कपड़े की फेरी लगाने का काम करते हैं। एक जनवरी को घर से निकले थे।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सोरम निवासी सोनू चौधरी (22) गांव में ही डेयरी करने वाले नियाज अली का दूसरे नंबर का बेटा है। सोनू के परिवार में पिता के साथ ही चार भाई सबसे बड़ा इमरान और सोनू से छोटे इरशाद व दिलशाद और तीन बहनें भी हैं। सोनू का बड़ा भाई इमरान गांव में स्थित सात-आठ बीघा जमीन पर खेती करता है, तो उससे छोटा इरशाद सेना भर्ती की तैयारियों में जुटा है। सबसे छोटा भाई दिलशाद राजमिस्त्री है। सोनू चौधरी की शादी करीब एक साल पूर्व हुई थी। सोनू कपड़ों की फेरी लगाता है और एक जनवरी को ही गांव के रहने वाले साथी रिजवान (22) पुत्र एजाज अली के साथ घर से फेरी के लिए कहकर निकला था। रिजवान के घर में उसके पिता एजाज अली के साथ ही एक भाई फैजान और तीन बहनें हैं। पिता एजाज अली आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, जो वर्ष 2016 में ही सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं, एकमात्र भाई फैजान नई दिल्ली के किसी हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट है। रिजवान की शादी करीब सवा साल पूर्व हुई थी और उसके परिवार में पत्नी के साथ दो माह की छोटी बच्ची भी है।
महाराष्ट्र एटीएस से मिली पकड़े जाने की सूचना
मुजफ्फरनगर। शाहपुर के गांव सोरम निवासी सोनू चौधरी व रिजवान हमउम्र होने के साथ ही कपड़ों की फेरी लगाने के कारण एक-दूसरे के साथ ही अधिकांश समय रहते हैं। दोनों ही एक जनवरी को फेरी लगाने जाने की बात कहकर घर से निकले थे, जिसके बाद महाराष्ट्र के अहमदनगर के कैंट एरिया में संदिग्ध हालात में पकड़े जाने की सूचना उनके परिजनों को महाराष्ट्र एटीएस द्वारा फोन कर दी गई। महाराष्ट्र एटीएस द्वारा दोनों युवकों के परिजनों को उनका पुलिस वेरीफिकेशन कराने के लिए कहा गया है। दोनों के संदिग्ध गतिविधियों के शक में पकड़े जाने से उनके परिजन सकते में है। हालांकि दोनों के ही परिजन उन्हें बेकसूर मानते हुए जल्द घर लौट आने की भी उम्मीद बांधे हुए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। महाराष्ट्र के अहमदनगर कैंट एरिया में पकड़े गए जिले के दोनों संदिग्ध शाहपुर के गांव सोरम के रहने वाले हैं। दोनों युवकों की उम्र करीब 22 वर्ष के आसपास है, जो कपड़े की फेरी लगाने का काम करते हैं। एक जनवरी को घर से निकले थे।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सोरम निवासी सोनू चौधरी (22) गांव में ही डेयरी करने वाले नियाज अली का दूसरे नंबर का बेटा है। सोनू के परिवार में पिता के साथ ही चार भाई सबसे बड़ा इमरान और सोनू से छोटे इरशाद व दिलशाद और तीन बहनें भी हैं। सोनू का बड़ा भाई इमरान गांव में स्थित सात-आठ बीघा जमीन पर खेती करता है, तो उससे छोटा इरशाद सेना भर्ती की तैयारियों में जुटा है। सबसे छोटा भाई दिलशाद राजमिस्त्री है। सोनू चौधरी की शादी करीब एक साल पूर्व हुई थी। सोनू कपड़ों की फेरी लगाता है और एक जनवरी को ही गांव के रहने वाले साथी रिजवान (22) पुत्र एजाज अली के साथ घर से फेरी के लिए कहकर निकला था। रिजवान के घर में उसके पिता एजाज अली के साथ ही एक भाई फैजान और तीन बहनें हैं। पिता एजाज अली आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, जो वर्ष 2016 में ही सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं, एकमात्र भाई फैजान नई दिल्ली के किसी हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट है। रिजवान की शादी करीब सवा साल पूर्व हुई थी और उसके परिवार में पत्नी के साथ दो माह की छोटी बच्ची भी है।
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महाराष्ट्र एटीएस से मिली पकड़े जाने की सूचना
मुजफ्फरनगर। शाहपुर के गांव सोरम निवासी सोनू चौधरी व रिजवान हमउम्र होने के साथ ही कपड़ों की फेरी लगाने के कारण एक-दूसरे के साथ ही अधिकांश समय रहते हैं। दोनों ही एक जनवरी को फेरी लगाने जाने की बात कहकर घर से निकले थे, जिसके बाद महाराष्ट्र के अहमदनगर के कैंट एरिया में संदिग्ध हालात में पकड़े जाने की सूचना उनके परिजनों को महाराष्ट्र एटीएस द्वारा फोन कर दी गई। महाराष्ट्र एटीएस द्वारा दोनों युवकों के परिजनों को उनका पुलिस वेरीफिकेशन कराने के लिए कहा गया है। दोनों के संदिग्ध गतिविधियों के शक में पकड़े जाने से उनके परिजन सकते में है। हालांकि दोनों के ही परिजन उन्हें बेकसूर मानते हुए जल्द घर लौट आने की भी उम्मीद बांधे हुए हैं।
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