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Meerut News: बिमला हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर लगाया जाम, तीन दिन के आश्वासन पर खोला
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महिला की हत्या के खुलासे को लेकर लगाया जाम, तीन दिन के आश्वासन पर खोला
-एसडीएम और सीओ के समझाने पर माने परिजन
-करीब एक घंटे तक मवाना-बिजनौर मार्ग रहा बाधित
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गांव गणेशपुर निवासी मॉर्निंग वॉक पर गई बिमला देवी (65) की लूट के बाद हत्या के खुलासे की मांग को लेकर सोमवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने मवाना-बिजनौर मार्ग पर जाम लगा दिया। जिसके बाद एसडीएम मवाना संतोष कुमार, सीओ पंकज लवानिया ने परिजनों से बातचीत कर तीन दिनों में घटना के खुलासे के आश्वासन पर करीब एक घंटा बाद जाम खुलवा दिया। जाम के दौरान यातायात प्रभावित रहा।रविवार को बिमला देवी हर रोज की तरह अपने घर से सुबह करीब पांच बजे मॉर्निंग वॉक पर गई थी। जिसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर उसका शव एक फार्म हाउस के सामने सड़क किनारे घास में लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला था। इसके बाद परिजनों ने लूट और हत्या का आरोप लगाते हुए शव को उठाने से मना कर दिया था। आसपास के थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।
सोमवार सुबह को करीब 9:30 बजे बिमला देवी का शव गणेशपुर गांव में पहुंचा। शव के गांव में पहुंचने से पहले ही कुछ परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर गांव के बीच से होकर गुजर रहे मवाना-बिजनौर मार्ग पर सुबह करीब 8:30 बजे जाम लगा दिया। दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर बीच में लोग सड़क पर बैठ गए और बिमला की हत्या के खुलासे की मांग करने लगे।
सूचना मिलते ही हस्तिनापुर थाना पुलिस के साथ-साथ मवाना, फलावदा, बहसूमा थाना प्रभारी को पुलिस बल के साथ मौके पर बुलाया गया। सीओ पंकज लवानिया भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों से बातचीत की परंतु परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। जिसके बाद एसडीएम संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सीओ पंकज लवानिया ने तीन दिन में घटना का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने और मृतक महिला के शव का अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब एक घंटे के बाद जाम खुल गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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पहचान छिपाने के लिए ईंट से चेहरा कुचला
ग्रामीणों के अनुसार, गणेशपुर निवासी बिमला देवी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह रोजाना सुबह घूमने के लिए जाती थीं। ऐसे में ग्रामीणों को आशंका है कि हत्यारों ने पहले उनकी रेकी की होगी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए ईंट से चेहरा कुचल दिया। परिजनों के अनुसार, बिमला देवी के सोने के कुंडल, ओम लॉकेट, चांदी की पायल और कीपैड मोबाइल भी गायब हैं। पुलिस लूट और हत्या के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध की गतिविधि पर नजर
बिमला देवी की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर कब्जे में ली है। फुटेज के आधार पर घटना के समय सड़क से गुजरने वाले लोगों की जांच की जा रही है। पुलिस को कई संदिग्ध लोग नजर आए हैं। जिनकी गतिविधियों को देखा जा रहा है। वहीं, गांव में रजबहे के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में बिमला देवी सुबह करीब 5:26 बजे मवाना की ओर अकेली जाती हुई दिखाई दी हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
रंजिश या लूट के लिए की हत्या, दोनों एंगल पर जांच
पुलिस बिमला देवी की हत्या के मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। परिवार की किसी से पुरानी रंजिश तो नहीं थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार तीनों बेटे मजदूरी करते हैं और परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं है। ऐसे में पुलिस लूट के इरादे से हत्या किए जाने के एंगल पर भी काम कर रही है। आशंका यह भी है कि किसी नशेड़ी ने लूट के बाद वारदात को अंजाम दिया हो। पुलिस द्वारा सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारण और आरोपियों की स्थिति स्पष्ट होगी।
गांव में तैनात रहा पुलिस बल, हर गतिविधि पर नजर
बिमला देवी की हत्या के बाद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। करीब एक घंटे तक चले जाम के बाद स्थिति सामान्य हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिसकर्मी गांव में गश्त कर रहे हैं और ग्रामीणों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
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भीम आर्मी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
हस्तिनापुर। सोमवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चतर सिंह जाटव गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद से वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित परिवार की बातचीत कराई। चंद्रशेखर ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर हिमांशु, जिला प्रचारक रविंद्र, सौरभ गौतम, गौरव आदि मौजूद रहे।
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बयान...
घटना की जांच के लिए पुलिस की दो टीम लगातार जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंकज लवानिया, सीओ मवाना
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-एसडीएम और सीओ के समझाने पर माने परिजन
-करीब एक घंटे तक मवाना-बिजनौर मार्ग रहा बाधित
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गांव गणेशपुर निवासी मॉर्निंग वॉक पर गई बिमला देवी (65) की लूट के बाद हत्या के खुलासे की मांग को लेकर सोमवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने मवाना-बिजनौर मार्ग पर जाम लगा दिया। जिसके बाद एसडीएम मवाना संतोष कुमार, सीओ पंकज लवानिया ने परिजनों से बातचीत कर तीन दिनों में घटना के खुलासे के आश्वासन पर करीब एक घंटा बाद जाम खुलवा दिया। जाम के दौरान यातायात प्रभावित रहा।रविवार को बिमला देवी हर रोज की तरह अपने घर से सुबह करीब पांच बजे मॉर्निंग वॉक पर गई थी। जिसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर उसका शव एक फार्म हाउस के सामने सड़क किनारे घास में लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला था। इसके बाद परिजनों ने लूट और हत्या का आरोप लगाते हुए शव को उठाने से मना कर दिया था। आसपास के थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।
सोमवार सुबह को करीब 9:30 बजे बिमला देवी का शव गणेशपुर गांव में पहुंचा। शव के गांव में पहुंचने से पहले ही कुछ परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर गांव के बीच से होकर गुजर रहे मवाना-बिजनौर मार्ग पर सुबह करीब 8:30 बजे जाम लगा दिया। दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर बीच में लोग सड़क पर बैठ गए और बिमला की हत्या के खुलासे की मांग करने लगे।
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सूचना मिलते ही हस्तिनापुर थाना पुलिस के साथ-साथ मवाना, फलावदा, बहसूमा थाना प्रभारी को पुलिस बल के साथ मौके पर बुलाया गया। सीओ पंकज लवानिया भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों से बातचीत की परंतु परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। जिसके बाद एसडीएम संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सीओ पंकज लवानिया ने तीन दिन में घटना का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने और मृतक महिला के शव का अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब एक घंटे के बाद जाम खुल गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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पहचान छिपाने के लिए ईंट से चेहरा कुचला
ग्रामीणों के अनुसार, गणेशपुर निवासी बिमला देवी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह रोजाना सुबह घूमने के लिए जाती थीं। ऐसे में ग्रामीणों को आशंका है कि हत्यारों ने पहले उनकी रेकी की होगी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए ईंट से चेहरा कुचल दिया। परिजनों के अनुसार, बिमला देवी के सोने के कुंडल, ओम लॉकेट, चांदी की पायल और कीपैड मोबाइल भी गायब हैं। पुलिस लूट और हत्या के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध की गतिविधि पर नजर
बिमला देवी की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर कब्जे में ली है। फुटेज के आधार पर घटना के समय सड़क से गुजरने वाले लोगों की जांच की जा रही है। पुलिस को कई संदिग्ध लोग नजर आए हैं। जिनकी गतिविधियों को देखा जा रहा है। वहीं, गांव में रजबहे के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में बिमला देवी सुबह करीब 5:26 बजे मवाना की ओर अकेली जाती हुई दिखाई दी हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
रंजिश या लूट के लिए की हत्या, दोनों एंगल पर जांच
पुलिस बिमला देवी की हत्या के मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। परिवार की किसी से पुरानी रंजिश तो नहीं थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार तीनों बेटे मजदूरी करते हैं और परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं है। ऐसे में पुलिस लूट के इरादे से हत्या किए जाने के एंगल पर भी काम कर रही है। आशंका यह भी है कि किसी नशेड़ी ने लूट के बाद वारदात को अंजाम दिया हो। पुलिस द्वारा सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारण और आरोपियों की स्थिति स्पष्ट होगी।
गांव में तैनात रहा पुलिस बल, हर गतिविधि पर नजर
बिमला देवी की हत्या के बाद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। करीब एक घंटे तक चले जाम के बाद स्थिति सामान्य हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिसकर्मी गांव में गश्त कर रहे हैं और ग्रामीणों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
भीम आर्मी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
हस्तिनापुर। सोमवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चतर सिंह जाटव गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद से वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित परिवार की बातचीत कराई। चंद्रशेखर ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर हिमांशु, जिला प्रचारक रविंद्र, सौरभ गौतम, गौरव आदि मौजूद रहे।
बयान...
घटना की जांच के लिए पुलिस की दो टीम लगातार जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंकज लवानिया, सीओ मवाना