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बैंक की गोपनीय फुटेज वायरल करने की जांच शुरु
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खतौली। एसबीआई शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर से गोपनीय फुटेज निकालने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में बैंक अधिकारियों ने जांच बैठा दी है। इसके अलावा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सूचना दिए बिना समय से पूर्व बैंक को खोलने के मामले में गार्ड पर भी गाज गिर सकती है। उधर, वीडियो वायरल के मामले में एलडीएम ने शाखा प्रबंधक के साथ एसडीएम से जानकारी ली है।
एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि एक मई की सुबह काफी संख्या में लोग तहसील पहुंचे। लोगों ने बताया कि एसबीआई शाखा में यूडीआई लखनऊ की ओर से आधार कार्ड बनाने के लिए नगर निवासी कमल मोहन मित्तल नियुक्त है। आधार कार्ड केंद्र संचालक ने कुछ ही फार्म बांट कर अन्य लोगों को फार्म देने से मना कर दिया। आरोप था कि केंद संचालक फार्म देने के लिए लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। अवैध वसूली की शिकायत पर एसडीएम सुबह नौ बजे ही बैंक पहुंच गए। एसडीएम के मुताबिक बैंक समय से पूर्व खुला हुआ था और अंदर आधार कार्ड केंद्र संचालक मौजूद था। एसडीएम ने गार्ड से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सूचना दिए बिना समय से पूर्व बैंक खोलने की बात पूछी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। एसडीएम के मुताबिक केंद्र संचालक फार्म देने में अवैध वसूली कर रहा था। इस पर उसे फटकार लगाते हुए गाड़ी में बैठाकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने लोगों की तहरीर पर संचालक कमल मोहन मित्तल के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करके चालान कर दिया।
रविवार को बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एसडीएम द्वारा केंद्र संचालक को पीटते हुए वीडियो वायरल कर दिया गया। इसे लेकर हड़कंप मच गया। बैंक अधिकारियों ने गोपनीय फुटेज निकाल करके देने के मामले में जांच बैठा दी है। सोमवार को एलडीएम अमित कुमार शाखा प्रबंधक सुंदरलाल मित्तल के साथ एसडीएम से तहसील में मिले। एलडीएम ने एसडीएम से वीडियो के बारे में बातचीत की। शाखा प्रबंधक ने बताया कि गार्ड के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को लिखकर भेजा चुका है।
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आधार कार्ड संचालक के साथ मारपीट करने का आरोप गलत है। उन्होंने संचालक को भीड़ से बचाने के लिए उसको धकेलते हुए अपनी गाड़ी में बैठाया था। भीड़ से बचाकर उसे थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया गया था। पुलिस ने तहरीर मिलने पर संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया था। -इंद्राकांत द्विवेदी, एसडीएम, खतौली।
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एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि एक मई की सुबह काफी संख्या में लोग तहसील पहुंचे। लोगों ने बताया कि एसबीआई शाखा में यूडीआई लखनऊ की ओर से आधार कार्ड बनाने के लिए नगर निवासी कमल मोहन मित्तल नियुक्त है। आधार कार्ड केंद्र संचालक ने कुछ ही फार्म बांट कर अन्य लोगों को फार्म देने से मना कर दिया। आरोप था कि केंद संचालक फार्म देने के लिए लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। अवैध वसूली की शिकायत पर एसडीएम सुबह नौ बजे ही बैंक पहुंच गए। एसडीएम के मुताबिक बैंक समय से पूर्व खुला हुआ था और अंदर आधार कार्ड केंद्र संचालक मौजूद था। एसडीएम ने गार्ड से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सूचना दिए बिना समय से पूर्व बैंक खोलने की बात पूछी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। एसडीएम के मुताबिक केंद्र संचालक फार्म देने में अवैध वसूली कर रहा था। इस पर उसे फटकार लगाते हुए गाड़ी में बैठाकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने लोगों की तहरीर पर संचालक कमल मोहन मित्तल के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करके चालान कर दिया।
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रविवार को बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एसडीएम द्वारा केंद्र संचालक को पीटते हुए वीडियो वायरल कर दिया गया। इसे लेकर हड़कंप मच गया। बैंक अधिकारियों ने गोपनीय फुटेज निकाल करके देने के मामले में जांच बैठा दी है। सोमवार को एलडीएम अमित कुमार शाखा प्रबंधक सुंदरलाल मित्तल के साथ एसडीएम से तहसील में मिले। एलडीएम ने एसडीएम से वीडियो के बारे में बातचीत की। शाखा प्रबंधक ने बताया कि गार्ड के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को लिखकर भेजा चुका है।
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आधार कार्ड संचालक के साथ मारपीट करने का आरोप गलत है। उन्होंने संचालक को भीड़ से बचाने के लिए उसको धकेलते हुए अपनी गाड़ी में बैठाया था। भीड़ से बचाकर उसे थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया गया था। पुलिस ने तहरीर मिलने पर संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया था। -इंद्राकांत द्विवेदी, एसडीएम, खतौली।