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इरशाद के खिलाफ नहीं दर्ज कोई अपराधिक मुकदमा
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:11 AM IST
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इरशाद के खिलाफ दर्ज नहीं है कोई आपराधिक मुकदमा
रतनपुरी। मेरठ के सरधना व सरूरपुर थाना पुलिस के साथ गोतस्करों की मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से मारे गए पिकअप चालक गांव नंगला निवासी इरशाद के खिलाफ रतनपुरी थाने में कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। इरशाद की मौत से गांव में गम का माहौल है। शाम को उसका शव पोस्टमार्टम के बाद मेरठ से घर पहुंचा, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात में ही सुपुर्द ए-खाक कर दिया गया।
मेरठ पुलिस का कहना है कि बदमाश की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिये उसकी पहचान रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव नंगला निवासी इरशाद के रूप में हुई, जिस पर सवेरे करीब पांच बजे नंगला के प्रधान यूनुस को इसकी जानकारी दी गई, जिसने इरशाद के घर पहुंचकर उसके पिता दिलशाद को घटना की जानकारी दी। इरशाद की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिसके बाद पीड़ित परिजन तत्काल मेरठ के लिए रवाना हो गए। इरशाद के पिता दिलशाद का कहना है कि उसका बेटा ट्रक चालक था, जिसके ट्रक का दो दिन पूर्व सहारनपुर क्षेत्र में एक्सीडेंट हो गया था। इस पर इरशाद सोमवार को घर लौट आया था और उसने कुछ दिन अब गांव में ही रहने की बात कही थी। सोमवार रात करीब आठ बजे तक इरशाद घर पर ही मौजूद था, इसके बाद वह कैसे और कब सरधना क्षेत्र में पहुंचा ? इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। रतनपुरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल ने बताया कि स्थानीय थाने में इरशाद के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। ऐसे में संभावना यही जताई जा रही है कि देर रात गोतस्कर उसे मेरठ तक ले जाने के लिए चालक के रूप में साथ ले गए, जहां पुलिस से मुठभेड़ में इरशाद की मौत हो गई। उधर, शाम करीब 7.10 बजे इरशाद का शव पोस्टमार्टम के बाद मेरठ से गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में रात करीब साढे़ आठ बजे सुपुर्दे-खाक कर दिया गया। इस दौरान गांव में ऐहतियातन भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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रतनपुरी। मेरठ के सरधना व सरूरपुर थाना पुलिस के साथ गोतस्करों की मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से मारे गए पिकअप चालक गांव नंगला निवासी इरशाद के खिलाफ रतनपुरी थाने में कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। इरशाद की मौत से गांव में गम का माहौल है। शाम को उसका शव पोस्टमार्टम के बाद मेरठ से घर पहुंचा, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात में ही सुपुर्द ए-खाक कर दिया गया।
मेरठ पुलिस का कहना है कि बदमाश की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिये उसकी पहचान रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव नंगला निवासी इरशाद के रूप में हुई, जिस पर सवेरे करीब पांच बजे नंगला के प्रधान यूनुस को इसकी जानकारी दी गई, जिसने इरशाद के घर पहुंचकर उसके पिता दिलशाद को घटना की जानकारी दी। इरशाद की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिसके बाद पीड़ित परिजन तत्काल मेरठ के लिए रवाना हो गए। इरशाद के पिता दिलशाद का कहना है कि उसका बेटा ट्रक चालक था, जिसके ट्रक का दो दिन पूर्व सहारनपुर क्षेत्र में एक्सीडेंट हो गया था। इस पर इरशाद सोमवार को घर लौट आया था और उसने कुछ दिन अब गांव में ही रहने की बात कही थी। सोमवार रात करीब आठ बजे तक इरशाद घर पर ही मौजूद था, इसके बाद वह कैसे और कब सरधना क्षेत्र में पहुंचा ? इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। रतनपुरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल ने बताया कि स्थानीय थाने में इरशाद के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। ऐसे में संभावना यही जताई जा रही है कि देर रात गोतस्कर उसे मेरठ तक ले जाने के लिए चालक के रूप में साथ ले गए, जहां पुलिस से मुठभेड़ में इरशाद की मौत हो गई। उधर, शाम करीब 7.10 बजे इरशाद का शव पोस्टमार्टम के बाद मेरठ से गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में रात करीब साढे़ आठ बजे सुपुर्दे-खाक कर दिया गया। इस दौरान गांव में ऐहतियातन भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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