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वन विभाग का दुकानों पर छापा, हडकंप
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:32 AM IST
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मुजफ्फरनगर। वन विभाग की टीम ने शनिवार शाम को शहर में पूजा सामग्री बेचने वाले दो व्यापारियों की दुकानों पर छापा मारा। टीम नेे लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर छापे की कार्रवाई कर दुकानों से वन्य जीवों के संदिग्ध अंगों को बरामद किया। जिन्हें जांच कते लिए देहरादून भेजा जाएगा। छापे की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। बिना बताए हुई छापे की कार्रवाई से व्यापारियों ने आक्रोश फैल गया। व्यापारियों ने हंगामा कर टीम का विरोध किया। जिसके चलते हिरासत में लिए गए एक दुकानदार को शहर कोतवाली लाकर छोड़ दिया गया। विरोध के चलते टीम छापे की पूरी कार्रवाई नहीं कर सकी।
डीएफओ सूरज के निर्देशन में रेंजर कुलदीप शिवराज सिंह, उत्तम शर्मा आदि की टीम ने शनिवार शाम को पुलिस बल को साथ लेकर शहर के लोहिया बाजार में पूजा की सामग्री बेचने वाले दो दुकानदारों के यहां छापे की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने दुकानों से वन्य जीवों के कुछ संदिग्ध अंगों को बरामद किया। छापे की कार्रवाई की जानकारी पाकर व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी और पदाधिकारी मौके पर आ गए। उन्होंने छापे की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा कर टीम का घेराव किया। दुकानदारों का कहना था कि बरामद सामग्री आर्टीफिशल है, जबकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बरामद अंग असली है। विरोध के चलते छापे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। टीम एक दुकानदार गुल्लू जैन को पकड़ कर शहर कोतवाली ले आई। जिस पर काफी संख्या में दुकानदार और व्यापारी भी शहर कोतवाली पहुंच गए और विरोध कर हंगामा किया। जिसके चलते टीम ने पकडे़ गए दुकानदार को छोड़ दिया। विरोध के कारण टीम ने अन्य स्थान पर जाकर बरामद अंगों के नमूने लेने और उन्हें सील करने की कार्रवाई की। इस संबंध में अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
नमूने जांच को देहरादून भेजे
मुजफ्फरनगर। वन विभाग की टीम ने छापे की कार्रवाई के दौरान दुकानों से सियार सिंघी और मॉनिटर लिजर्ड (हत्थाजोड़ी) के अंग बरामद किए है। दोनों का प्रयोग पूजा अर्चना में किया जाता है। डीएफओ सूरज ने बताया कि लखनऊ की सूचना पर छापे की कार्रवाई की गई है। सूचना मिली थी कि इन दुकानों पर वन्य जीवों के अंगों को बेचा जाता है। बरामद वन्य जीवों के अंगों को जांच के लिए देहरादून स्थित डब्ल्यूआईआई (वाइल्ड लाइफ इंडियन इंस्टीट्यूट) लैब में भेजा जा रहा है। जांच के उपरांत दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीएफओ सूरज के निर्देशन में रेंजर कुलदीप शिवराज सिंह, उत्तम शर्मा आदि की टीम ने शनिवार शाम को पुलिस बल को साथ लेकर शहर के लोहिया बाजार में पूजा की सामग्री बेचने वाले दो दुकानदारों के यहां छापे की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने दुकानों से वन्य जीवों के कुछ संदिग्ध अंगों को बरामद किया। छापे की कार्रवाई की जानकारी पाकर व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी और पदाधिकारी मौके पर आ गए। उन्होंने छापे की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा कर टीम का घेराव किया। दुकानदारों का कहना था कि बरामद सामग्री आर्टीफिशल है, जबकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि बरामद अंग असली है। विरोध के चलते छापे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। टीम एक दुकानदार गुल्लू जैन को पकड़ कर शहर कोतवाली ले आई। जिस पर काफी संख्या में दुकानदार और व्यापारी भी शहर कोतवाली पहुंच गए और विरोध कर हंगामा किया। जिसके चलते टीम ने पकडे़ गए दुकानदार को छोड़ दिया। विरोध के कारण टीम ने अन्य स्थान पर जाकर बरामद अंगों के नमूने लेने और उन्हें सील करने की कार्रवाई की। इस संबंध में अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
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नमूने जांच को देहरादून भेजे
मुजफ्फरनगर। वन विभाग की टीम ने छापे की कार्रवाई के दौरान दुकानों से सियार सिंघी और मॉनिटर लिजर्ड (हत्थाजोड़ी) के अंग बरामद किए है। दोनों का प्रयोग पूजा अर्चना में किया जाता है। डीएफओ सूरज ने बताया कि लखनऊ की सूचना पर छापे की कार्रवाई की गई है। सूचना मिली थी कि इन दुकानों पर वन्य जीवों के अंगों को बेचा जाता है। बरामद वन्य जीवों के अंगों को जांच के लिए देहरादून स्थित डब्ल्यूआईआई (वाइल्ड लाइफ इंडियन इंस्टीट्यूट) लैब में भेजा जा रहा है। जांच के उपरांत दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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