{"_id":"5b313ff34f1c1b624d8b8204","slug":"111529954291-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोपियों को क्लीनचिट देने में दोषी सिपाही निलंबित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आरोपियों को क्लीनचिट देने में दोषी सिपाही निलंबित
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही निलंबित
खतौली (मुजफ्फरनगर)। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने जांच रिपोर्ट में गोकशी के आरोपियों को क्लीनचिट देने के मामले में दोषी पाए जाने पर सिपाही संचिन मलिक को निलंबित कर दिया। निलंबित सिपाही ने गांव के चौकीदार को भी अधिकारियों को बताने पर धमकी दी थी। इस पूरे प्रकरण में एक दरोगा की भूमिका संदिग्ध उजागर हुई। हालांकि उस दरोगा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी है।
भैंसी पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव नंगला रुर्द के चौकीदार वरीस ने चार दिन पूर्व गांव में गोकशी करने वाले आरोपियों के बारे में सीओ डा. राजीव कुमार सिंह को सूचना दी थी। सीओ ने चौकी की पुलिस को जानकारी देकर गोकशी करने वाले आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। चौकी पुलिस ने गांव में पहुंच एक मकान से बाइक बरामद की थी। बाइक गोवंश के खून से सनी हुई थी। इसी बाइक पर आरोपियों ने गोकशी करके मीट को लादकर ठिकाने पर पहुंचाया था। पुलिस ने मात्र बाइक को बरामद कर सीज कर दिया था, जबकि गोकशी करने वाले आरोपियों के नाम पता चलने पर भी पुलिस ने उसे क्लीनचिट दे दी थी। यह पूरा मामला एसएसपी तक पहुंचा। एसएसपी ने सीओ को जांचकर करने के आदेश दिए थे। सीओ की जांच पड़ताल में भैंसी पुलिस चौकी के सिपाही सचिन मलिक दोषी निकला। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सिपाही सचिन मलिक को निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गोकशी के मामले में पुलिस ने चौकीदार के माध्यम से पैसों का लेनदेन किया था, जिसमें एक दरोगा की भी भूमिका संदिग्ध उजागर हुई है। पुलिस ने अधिकारियों को बताने पर चौकीदार को भी धमकी दी थी। गोकशी के मामले में सिपाही पर गाज गिरने से थाने में अफरातफरी मचा हुआ है। इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज ने बताया कि गोकशी के मामले में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न करने तथा गोवंश के खून से सनी बाइक को मात्र सीज करने के मामले में दोषी पाए गए सिपाही सचिन मलिक को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
खतौली (मुजफ्फरनगर)। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने जांच रिपोर्ट में गोकशी के आरोपियों को क्लीनचिट देने के मामले में दोषी पाए जाने पर सिपाही संचिन मलिक को निलंबित कर दिया। निलंबित सिपाही ने गांव के चौकीदार को भी अधिकारियों को बताने पर धमकी दी थी। इस पूरे प्रकरण में एक दरोगा की भूमिका संदिग्ध उजागर हुई। हालांकि उस दरोगा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी है।
भैंसी पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव नंगला रुर्द के चौकीदार वरीस ने चार दिन पूर्व गांव में गोकशी करने वाले आरोपियों के बारे में सीओ डा. राजीव कुमार सिंह को सूचना दी थी। सीओ ने चौकी की पुलिस को जानकारी देकर गोकशी करने वाले आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। चौकी पुलिस ने गांव में पहुंच एक मकान से बाइक बरामद की थी। बाइक गोवंश के खून से सनी हुई थी। इसी बाइक पर आरोपियों ने गोकशी करके मीट को लादकर ठिकाने पर पहुंचाया था। पुलिस ने मात्र बाइक को बरामद कर सीज कर दिया था, जबकि गोकशी करने वाले आरोपियों के नाम पता चलने पर भी पुलिस ने उसे क्लीनचिट दे दी थी। यह पूरा मामला एसएसपी तक पहुंचा। एसएसपी ने सीओ को जांचकर करने के आदेश दिए थे। सीओ की जांच पड़ताल में भैंसी पुलिस चौकी के सिपाही सचिन मलिक दोषी निकला। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सिपाही सचिन मलिक को निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गोकशी के मामले में पुलिस ने चौकीदार के माध्यम से पैसों का लेनदेन किया था, जिसमें एक दरोगा की भी भूमिका संदिग्ध उजागर हुई है। पुलिस ने अधिकारियों को बताने पर चौकीदार को भी धमकी दी थी। गोकशी के मामले में सिपाही पर गाज गिरने से थाने में अफरातफरी मचा हुआ है। इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज ने बताया कि गोकशी के मामले में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न करने तथा गोवंश के खून से सनी बाइक को मात्र सीज करने के मामले में दोषी पाए गए सिपाही सचिन मलिक को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन